{"_id":"56fc2b854f1c1b227ef005ab","slug":"murder-of-young-boy","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक की हत्या कर नहर में फेंकी लाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवक की हत्या कर नहर में फेंकी लाश
ब्यूर/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 31 Mar 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
विनीत का फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होली पर दिल्ली से अपने गांव अम्हेड़ा (थाना मंडी धनौरा) आए युवक की हत्या कर लाश नहर में फेंक दी गई। पांच दिन से युवक लापता था। बुधवार शाम थाना गजरौला क्षेत्र के गांव पपसरा अलीनगर से होकर जा रही रामगंगा पोषक नहर के एक टापू पर उसकी खून से सनी सड़ी-गली लाश मिली।
गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने के भी निशान मिले हैं। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। देर रात पुलिस शव को पोस्टमार्टम भेजने की तैयारी कर रही थी। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, हालांकि होली पर गांव में ही झगड़ा होने की बात सामने आ रही है।
गांव अम्हेड़ा निवासी संजय कुमार का इकलौता बेटा 19 वर्षीय विनीत कुमार दो साल से दिल्ली में अपने चाचा जॉनी के रेडीमेड कपड़ों के कारखाने में काम करता था। होली पर विनीत गांव आया हुआ था। होली के दूसरे दिन ही विनीत की मां जागेश अपनी दोनों बेटियों के साथ गजरौला के मोहल्ला बस्ती स्थित अपने मायके आ गईं थीं, जबकि पिता 26 मार्च की दोपहर ससुराल पहुंचे। घर पर विनीत अकेला था।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार दोपहर में विनीत का गांव के कुछ लड़कों से झगड़ा हो गया था। इसके बाद से विनीत लापता था, दूसरे दिन जब परिजन गांव पहुंचे तो विनीत की तलाश शुरू की। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर रामगंगा पोषक नहर से सटे गांवों में तलाश किया लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार की शाम करीब पांच बजे गांव पपसरा अलीनगर के पास गोताखोर सोमवार को डूबे ईंट भट्ठा मजदूरों को तलाश रहे थे। इसी दौरान गोताखोरों की एक टापू पर लाश नजर आई।
इसकी सूचना जल्द ही आसपास पहुंच गई। इस पर परिजन मौके पर पहुंचे और विनीत की शिनाख्त की। लाश बुरी तरह सड़ चुकी थी। जीभ बाहर निकल आई थी। गले पर धारदार हथियार के निशान थे। चाकू से गला काटा गया था। इतना ही नहीं ठोड़ी के नीचे गहरा जख्म भी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची थाना गजरौला पुलिस शव को सरकारी अस्पताल ले आई।
परिवार का इकलौता बेटा था विनीत, मचा कोहराम
गजरौला। विनीत की हत्या की सूचना पाकर सरकारी अस्पताल में परिजनों के साथ मानो पूरा गांव उमड़ पड़ा। परिजन शव देख कर बिलख पड़े। विनीत अपने परिवार में इकलौता बेटा था। मां जागेश रो-रोकर बदहवास हो गई। अपने इकलौते भाई को खोने का सदमा दोनों बहनें छाया तथा निधि बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं। उ
पहेली बना हत्या का राज
गजरौला। आखिर विनीत की हत्या क्यों की गई और हत्यारे कौन थे? पहेली बनी हुई है। जिस दिन 26 मार्च को विनीत लापता हुआ था। उस दिन परिवार के लोग भी गांव से रिश्तेदारी में गए हुए थे। ग्रामीणों के अनुसार विनीत का गांव के ही कुछ लड़कों से झगड़ा हो गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने विनीत को जंगल की ओर भाग कर जाते हुए देखा था।
सूचना दर्ज कर शव पीएम को भेज दिया गया है, लाश सड़ चुकी है, जिससे सही से पहचान नहीं हो पा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा, उसके बाद ही रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपेंद्र यादव, थानाध्यक्ष।
विज्ञापन
गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने के भी निशान मिले हैं। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। देर रात पुलिस शव को पोस्टमार्टम भेजने की तैयारी कर रही थी। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, हालांकि होली पर गांव में ही झगड़ा होने की बात सामने आ रही है।
विज्ञापन
गांव अम्हेड़ा निवासी संजय कुमार का इकलौता बेटा 19 वर्षीय विनीत कुमार दो साल से दिल्ली में अपने चाचा जॉनी के रेडीमेड कपड़ों के कारखाने में काम करता था। होली पर विनीत गांव आया हुआ था। होली के दूसरे दिन ही विनीत की मां जागेश अपनी दोनों बेटियों के साथ गजरौला के मोहल्ला बस्ती स्थित अपने मायके आ गईं थीं, जबकि पिता 26 मार्च की दोपहर ससुराल पहुंचे। घर पर विनीत अकेला था।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार दोपहर में विनीत का गांव के कुछ लड़कों से झगड़ा हो गया था। इसके बाद से विनीत लापता था, दूसरे दिन जब परिजन गांव पहुंचे तो विनीत की तलाश शुरू की। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर रामगंगा पोषक नहर से सटे गांवों में तलाश किया लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार की शाम करीब पांच बजे गांव पपसरा अलीनगर के पास गोताखोर सोमवार को डूबे ईंट भट्ठा मजदूरों को तलाश रहे थे। इसी दौरान गोताखोरों की एक टापू पर लाश नजर आई।
इसकी सूचना जल्द ही आसपास पहुंच गई। इस पर परिजन मौके पर पहुंचे और विनीत की शिनाख्त की। लाश बुरी तरह सड़ चुकी थी। जीभ बाहर निकल आई थी। गले पर धारदार हथियार के निशान थे। चाकू से गला काटा गया था। इतना ही नहीं ठोड़ी के नीचे गहरा जख्म भी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची थाना गजरौला पुलिस शव को सरकारी अस्पताल ले आई।
परिवार का इकलौता बेटा था विनीत, मचा कोहराम
गजरौला। विनीत की हत्या की सूचना पाकर सरकारी अस्पताल में परिजनों के साथ मानो पूरा गांव उमड़ पड़ा। परिजन शव देख कर बिलख पड़े। विनीत अपने परिवार में इकलौता बेटा था। मां जागेश रो-रोकर बदहवास हो गई। अपने इकलौते भाई को खोने का सदमा दोनों बहनें छाया तथा निधि बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं। उ
पहेली बना हत्या का राज
गजरौला। आखिर विनीत की हत्या क्यों की गई और हत्यारे कौन थे? पहेली बनी हुई है। जिस दिन 26 मार्च को विनीत लापता हुआ था। उस दिन परिवार के लोग भी गांव से रिश्तेदारी में गए हुए थे। ग्रामीणों के अनुसार विनीत का गांव के ही कुछ लड़कों से झगड़ा हो गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने विनीत को जंगल की ओर भाग कर जाते हुए देखा था।
सूचना दर्ज कर शव पीएम को भेज दिया गया है, लाश सड़ चुकी है, जिससे सही से पहचान नहीं हो पा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा, उसके बाद ही रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपेंद्र यादव, थानाध्यक्ष।