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कोरोना से जंग में बच्चों का सुरक्षा कवच है मां का दूध

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2020 01:51 AM IST
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mother' milk
अमरोहा। कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में बच्चों का खास ख्याल रखना जरूरी है। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए। इसके लिए ब्रेस्ट फीडिंग से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नही हो सकता। नवजात बच्चों के लिए मां का दूध सुरक्षा कवच और अमृत है। मां का दूध कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए उनके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
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कोरोना संक्रमण के इस दौर में बच्चों और अधिक उम्र के लोगों में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक है। हालांकि यह भी देखने में आ रहा है कि बच्चों में कोरोना संक्रमण की दर बेहद कम है। बच्चे ज्यादा तेजी के साथ रिकवर हो रहे हैं। इसका बड़ा कारण बच्चों के लिए मां का दूध है। जो उनके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ मुनीश आदिल ने बताते कि मां के दूध में फैट, शुगर, पानी और प्रोटीन की सही मात्रा होती है, जो शिशु की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए कोरोना संक्रमण से नवजातों के बचाव के लिए मां का दूध काफी सहायक सिद्ध हो सकता है। मां के दूध में वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए प्रचुर मात्रा में एंटीबॉडीज होती है। यह एंटीबॉडीज वायरस या बैक्टीरिया को नाक, गले और आंतों में घुसने नहीं देता। मां के दूध में मौजूद मेक्रोफेज, लाइसोजाइम के साथ ही कॉम्पलिमेंट मौजूद होते हैं। मां का दूध नवजात का प्रथम टीकाकरण भी माना जाता है। इसलिए जरूरी है कि माताएं अपने शिशु को कम से कम छह माह तक अपना दूध पिलाएं।
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मां के दूध से मजबूत होती है इम्युनिटी
अमरोहा। मां का दूध बच्चों के शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान निभाता है। इससे बच्चे की इम्युनिटी भी मजबूत होती है जो बड़े होने तक उसका साथ निभाती है। बच्चे के पैदा होने के बाद कोलोस्ट्रम, जो मां का पहला दूध ब्रेस्ट में बनता है। वही दूध बच्चे को डायरिया, चेस्ट इंफेक्शन और दूसरे रोगों से बचाता है। मां के दूध में फैटी एसिड मौजूद होता है, जो बच्चे के ब्रेन डेवलपमेंट में भी मददगार साबित होता है। शिशु के जरूरी प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट, पानी आदि पदार्थ उसे मां के दूध में ही मिल जाते है। अगर कोई मां बच्चे को अपने दूध के अलावा खिलाती है तो बच्चे में डायरिया होने का खतरा बढ़ जाता है।
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कोरोना ग्रसित मां भी पिला सकती हैं शिशु को अपना दूध
अमरोहा। मां के दूध का महत्व कोरोना संक्रमण के दौरान और अधिक हो जाता है। मां का दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने प्रत्येक मां को यहां तक कि कोविड से ग्रसित मां को भी शिशु को दूध पिलाना चाहिए। अभी तक किसी भी शोध से यह नहीं साबित हुआ है कि वायरस मां के दूध से शिशु में पहुंच सकता है। केवल बस मां को सावधानी बरतने की जरूरत है। दूध पिलाने से पहले स्तनों को और स्वयं के हाथ साबुन से चालीस सेकंड तक साफ करें। मुंह पर मास्क लगाना चाहिए। यदि मां अपना दूध पिलाने में बिल्कुल समर्थ नहीं है, तो उस दशा में परिवार के किसी सदस्य के सहयोग से मां के दूध को एक साफ कटोरी में निकालते हुए उसे चम्मच से पिलाया जा सकता है।
मां के दूध से होने वाले फायदे
. अच्छा और संपूर्ण आहार होता है मां का दूध
. दूध में पाया जाने वाला कोलेस्ट्रम शिशु की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
. नवजात को कई तरह के रोगों से बचाता है
- नवजात की वृद्धि अच्छे से होती है
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