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Amroha News: गुलड़िया रोड पर बनेगा आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर, मिली मंजूरी
Sun, 08 Jun 2025 02:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 08 Jun 2025 02:10 AM IST
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अमरोहा। गुलड़िया रोड पर अमरोहा जिले का आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर बनेगा। करीब ढाई एकड़ जमीन में इसका निर्माण होगा। शासन से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके अलावा जोया रोड पर भी एक अन्य ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर खोला जाएगा। यहां से मिले आवेदन पर एआरटीओ कार्यालय संस्तुति करके शासन को भेज दिया है। यहां भी करीब ढाई एकड़ जमीन चिह्नित की गई है।
जिले में अभी तक परिवहन विभाग के कार्यालय में चालकों का लाइसेंस मैनुअल तरीके से गाड़ी चलवाकर जारी किया जाता है। अब परिवहन मुख्यालय ने जिले में आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। सेंटर खोलने के लिए इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए थे, जिसके आधार पर एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी गुलड़िया रोड पर सेंटर के लिए ढाई एकड़ जमीन चिह्नित कर चुके हैं। इसकी संस्तुति करके शासन को भेजी गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है।
एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा ने बताया कि जल्द ही आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर में ड्राइविंग टेस्ट को अधिक सटीक और निष्पक्ष बनाने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाता है। यहां, ड्राइविंग टेस्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए ट्रैक होते हैं, जहां वाहन चलाने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। आवेदक को सिम्युलेटर की परीक्षा से भी गुजरना होग। सिम्युलेटर और कैमरों की रिकॉर्डिंग का अवलोकन करने के बाद ही आवेदक टेस्ट में पास या फेल होगा। इससे ड्राइविंग टेस्ट में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। दावा है कि इससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी।
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अब तक ये थी व्यवस्था
अभी तक संभागीय परिवहन कार्यालय में मैनुअल ही ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता था। टेस्ट लेने के नाम पर खानापूरी होती है। इससे वह लोग भी टेस्ट में पास हो जाते थे जो वाहन चलाना नहीं जानते। इससे सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है।
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ड्राइवर की हर गतिविधि की होगी निगरानी
संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की देखरेख में टेस्ट होगा। वहीं, टेस्ट में पास या फेल करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। चालक द्वारा गाड़ी चलाते समय उसकी हर गतिविधि की वीडियो रिकॉर्ड होगी। आवेदक को गाड़ी चलाने के साथ यातायात के सभी नियमों की जानकारी होनी चाहिए। यदि वाहन चलाने के साथ उसे प्रत्येक नियम की जानकारी है तो ही वह टेस्ट में पास हो जाएगा। इससे टेस्टिंग में होने वाला फर्जीवाड़ा पूरी तरह रुक जाएगा।
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दलालों पर लगेगी रोक
ड्राइविंग टेस्ट में पास कराने के लिए बड़ी संख्या में दलाल संभागीय परिवहन कार्यालय के बाहर बैठे रहते हैं। दलाल बिना टेस्ट लिए ही आवेदक से पास कराने का दावा करते हैं। इसकी एवज में वह मुंह मांगे पैसे मांगते हैं। आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर के शुरू होने पर कार्यालय के बाहर से दलालों की संख्या कम होगी। आवेदक को एआरटीओ कार्यालय नहीं जाना होगा। आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर से ही उसे लाइसेंस मिलेगा।
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जिले में अभी तक परिवहन विभाग के कार्यालय में चालकों का लाइसेंस मैनुअल तरीके से गाड़ी चलवाकर जारी किया जाता है। अब परिवहन मुख्यालय ने जिले में आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। सेंटर खोलने के लिए इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे गए थे, जिसके आधार पर एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी गुलड़िया रोड पर सेंटर के लिए ढाई एकड़ जमीन चिह्नित कर चुके हैं। इसकी संस्तुति करके शासन को भेजी गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है।
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एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा ने बताया कि जल्द ही आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर में ड्राइविंग टेस्ट को अधिक सटीक और निष्पक्ष बनाने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाता है। यहां, ड्राइविंग टेस्ट के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए ट्रैक होते हैं, जहां वाहन चलाने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। आवेदक को सिम्युलेटर की परीक्षा से भी गुजरना होग। सिम्युलेटर और कैमरों की रिकॉर्डिंग का अवलोकन करने के बाद ही आवेदक टेस्ट में पास या फेल होगा। इससे ड्राइविंग टेस्ट में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। दावा है कि इससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी।
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अब तक ये थी व्यवस्था
अभी तक संभागीय परिवहन कार्यालय में मैनुअल ही ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता था। टेस्ट लेने के नाम पर खानापूरी होती है। इससे वह लोग भी टेस्ट में पास हो जाते थे जो वाहन चलाना नहीं जानते। इससे सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है।
ड्राइवर की हर गतिविधि की होगी निगरानी
संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की देखरेख में टेस्ट होगा। वहीं, टेस्ट में पास या फेल करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। चालक द्वारा गाड़ी चलाते समय उसकी हर गतिविधि की वीडियो रिकॉर्ड होगी। आवेदक को गाड़ी चलाने के साथ यातायात के सभी नियमों की जानकारी होनी चाहिए। यदि वाहन चलाने के साथ उसे प्रत्येक नियम की जानकारी है तो ही वह टेस्ट में पास हो जाएगा। इससे टेस्टिंग में होने वाला फर्जीवाड़ा पूरी तरह रुक जाएगा।
दलालों पर लगेगी रोक
ड्राइविंग टेस्ट में पास कराने के लिए बड़ी संख्या में दलाल संभागीय परिवहन कार्यालय के बाहर बैठे रहते हैं। दलाल बिना टेस्ट लिए ही आवेदक से पास कराने का दावा करते हैं। इसकी एवज में वह मुंह मांगे पैसे मांगते हैं। आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर के शुरू होने पर कार्यालय के बाहर से दलालों की संख्या कम होगी। आवेदक को एआरटीओ कार्यालय नहीं जाना होगा। आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर से ही उसे लाइसेंस मिलेगा।