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सरकार नई पर अफसर पुराने.. बेखौफ हैं माफिया
अमरोहा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2017 01:04 AM IST
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खनन
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नई सरकार में भी पुराने अफसरों का खनन माफिया में कोई खौफ नहीं है। वह पुरानी सरकार के पेंडिंग काम को जल्द से जल्द निपटाने में जुटे हैं। ऐसा ही नजारा कोतवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह देखने को मिला। जहां धड़ल्ले से खनन कर रहे माफिया छापे की सूचना पर भाग खड़े हुए।
टीम उनकी जेसीबी मशीन न ले जाने पाए, इसके लिए माफिया ने उसका पहिया निकाल दिया। सूचना लीक होने के कारण खनन माफिया को भागने का मौका मिला। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस जेसीबी को कोतवाली लाई। नायब तहसीलदार की तहरीर पर अज्ञात खनन माफिया के खिलाफ अवैध खनन की एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
कोतवाली क्षेत्र में कांठ बाईपास अवैध खनन के लिए काफी समय से बदनाम है। यहां पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को अवैैध खनन की आए दिन शिकायत मिलती रहती हैं। कई दिन से एसडीएम सदर प्रवीणा को कांठ बाईपास पर अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी।
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बुधवार की सुबह शिकायत मिलने पर एसडीएम प्रवीणा व तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह ने नायब तहसीलदार रणविजय सिंह को खनन माफिया को पकड़ने भेजा। इधर एसडीएम व तहसीलदार के निर्देश पर नायब तहसीलदार खनन माफिया को पकड़ने के लिए रवाना हुए, उधर कहीं से सूचना लीक हो गई।
जिस पर नायब तहसीलदार के पहुंचने से पहले खनन माफिया ने जेसीबी मशीन का एक पहिया निकाल दिया, जिससे इसे यहां से ले जाया न जा सके। आठ बजे नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे तो यहां से खनन माफिया फरार हो गया था। जेसीबी खड़ी थी।
उसका एक पहिया निकला हुआ था। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई। नायब तहसीलदार के निर्देश पर पुलिस ने जेसीबी कब्जे में की तथा कोतवाली लाया गया। जेसीबी पुलिस ने सीज कर दी है।
यह स्थान हैं अवैध खनन के लिए बदनाम
पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की शह पर जिले में जमकर अवैध खनन किया जाता है। नौगावां सादात का पंजू सराय व डिडौली कोतवाली का पूरनपुर की झील अवैध खनन के लिए सबसे अधिक बदनाम हैं।
यहां पर खनन माफिया ने कई बार पुलिस पर भी ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की है। इसके अलावा बान नदी, ऐवजाबाद, डाईडेरा का जंगल, अहरोई का जंगल, चक्कालीलेट भी अवैध खनन के लिए हमेशा चर्चित रहे हैं। गजरौला थाना क्षेत्र का मोहम्मदाबाद व हसनपुर में सिहाली जागीर में भी राजनैतिक संरक्षण के चलते अवैध खनन फल फूल रहा है। राजनैतिक दबाव के कारण पुलिस-प्रशासनिक अफसर भी खामोशी अख्तियार किए रहते हैं।
नायब तहसीलदार रणविजय सिंह के निर्देश पर अज्ञात खनन माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जेसीबी सीज कर दी गई है।
ऋषिराम कठेरिया, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली
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टीम उनकी जेसीबी मशीन न ले जाने पाए, इसके लिए माफिया ने उसका पहिया निकाल दिया। सूचना लीक होने के कारण खनन माफिया को भागने का मौका मिला। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस जेसीबी को कोतवाली लाई। नायब तहसीलदार की तहरीर पर अज्ञात खनन माफिया के खिलाफ अवैध खनन की एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
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कोतवाली क्षेत्र में कांठ बाईपास अवैध खनन के लिए काफी समय से बदनाम है। यहां पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को अवैैध खनन की आए दिन शिकायत मिलती रहती हैं। कई दिन से एसडीएम सदर प्रवीणा को कांठ बाईपास पर अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी।
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बुधवार की सुबह शिकायत मिलने पर एसडीएम प्रवीणा व तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह ने नायब तहसीलदार रणविजय सिंह को खनन माफिया को पकड़ने भेजा। इधर एसडीएम व तहसीलदार के निर्देश पर नायब तहसीलदार खनन माफिया को पकड़ने के लिए रवाना हुए, उधर कहीं से सूचना लीक हो गई।
जिस पर नायब तहसीलदार के पहुंचने से पहले खनन माफिया ने जेसीबी मशीन का एक पहिया निकाल दिया, जिससे इसे यहां से ले जाया न जा सके। आठ बजे नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे तो यहां से खनन माफिया फरार हो गया था। जेसीबी खड़ी थी।
उसका एक पहिया निकला हुआ था। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई। नायब तहसीलदार के निर्देश पर पुलिस ने जेसीबी कब्जे में की तथा कोतवाली लाया गया। जेसीबी पुलिस ने सीज कर दी है।
यह स्थान हैं अवैध खनन के लिए बदनाम
पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की शह पर जिले में जमकर अवैध खनन किया जाता है। नौगावां सादात का पंजू सराय व डिडौली कोतवाली का पूरनपुर की झील अवैध खनन के लिए सबसे अधिक बदनाम हैं।
यहां पर खनन माफिया ने कई बार पुलिस पर भी ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की है। इसके अलावा बान नदी, ऐवजाबाद, डाईडेरा का जंगल, अहरोई का जंगल, चक्कालीलेट भी अवैध खनन के लिए हमेशा चर्चित रहे हैं। गजरौला थाना क्षेत्र का मोहम्मदाबाद व हसनपुर में सिहाली जागीर में भी राजनैतिक संरक्षण के चलते अवैध खनन फल फूल रहा है। राजनैतिक दबाव के कारण पुलिस-प्रशासनिक अफसर भी खामोशी अख्तियार किए रहते हैं।
नायब तहसीलदार रणविजय सिंह के निर्देश पर अज्ञात खनन माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जेसीबी सीज कर दी गई है।
ऋषिराम कठेरिया, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली