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तहसीलदार की मौजूदगी में हुई जंगल की पैमाइश
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:14 AM IST
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गंगेश्वरी के जंगल में नक्शा देखते तहसीलदार व नायब तहसीलदार।
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गंगेश्वरी क्षेत्र के गांव बिहारीपुर के जंगल में पड़े हजारों बीघा जंगल में ग्रामीणों और अधिकारियों का खेल का खुलासा होने के बाद शनिवार को राजस्व विभाग से तहसीलदार की मौजूदगी में टीम ने जंगल की पैमाइश की है।
तहसील के ब्लाक क्षेत्र के गंगेश्वरी के गांव बिहारीपुर के गंगा बांध किनारे वन विभाग का हजारों बीघा जंगल है। जिसके सर्वे के दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच साठगांठ हो गई थी। सर्वे अधिकरियों ने खेती करने की रकम वसूलने के लिए करीब 200 बीघा जंगल पथरा के बारह ग्रामीणों के लिए छोड़ दिया था। जंगल की जमीन पर ग्रामीण खेती करने की एवज में अफसरों को हर वर्ष मोटी रकम देते थे। लेकिन इस वर्ष अधिकारियों की डिमांड बढ़ने पर ग्रामीणों में विवाद हो गया। और साठगांठ की पोल खुल गई। अधिकारियों और ग्रामीणों बीच की खबर छपने के बाद आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया था।
शनिवार की दोपहर तहसीलदार जसधीर सिंह, नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह संबंधित कानूनगो, और लेखपाल को लेकर जंगल पहुंचे। यहां पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की। नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह ने बताया कि जंगल की पैमाइश की थी। जिसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है, रविवार को वन विभाग और राजास्व विभाग के नक्शे का मिलान किया जाएगा। जिससे वन और राजस्व विभाग के सीमाओं का पता लग सके। साथ ही ग्रामीणों से पट्टों के अभिलेख दिखाने को कहा गया है।
तहसील के ब्लाक क्षेत्र के गंगेश्वरी के गांव बिहारीपुर के गंगा बांध किनारे वन विभाग का हजारों बीघा जंगल है। जिसके सर्वे के दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच साठगांठ हो गई थी। सर्वे अधिकरियों ने खेती करने की रकम वसूलने के लिए करीब 200 बीघा जंगल पथरा के बारह ग्रामीणों के लिए छोड़ दिया था। जंगल की जमीन पर ग्रामीण खेती करने की एवज में अफसरों को हर वर्ष मोटी रकम देते थे। लेकिन इस वर्ष अधिकारियों की डिमांड बढ़ने पर ग्रामीणों में विवाद हो गया। और साठगांठ की पोल खुल गई। अधिकारियों और ग्रामीणों बीच की खबर छपने के बाद आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया था।
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शनिवार की दोपहर तहसीलदार जसधीर सिंह, नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह संबंधित कानूनगो, और लेखपाल को लेकर जंगल पहुंचे। यहां पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की। नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह ने बताया कि जंगल की पैमाइश की थी। जिसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है, रविवार को वन विभाग और राजास्व विभाग के नक्शे का मिलान किया जाएगा। जिससे वन और राजस्व विभाग के सीमाओं का पता लग सके। साथ ही ग्रामीणों से पट्टों के अभिलेख दिखाने को कहा गया है।
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