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बसैली गांव में फिर दिखा तेंदुआ, दहशत बरकरार
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 18 Dec 2016 12:05 AM IST
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गजरौला नगर से करीब तीन किलोमीटर दूूर स्थित बसैली गांव में शुक्रवार शाम फिर से एक किसान ने तेंदुुआ देखा। इसके बाद खौफ से किसान भाग खड़ा हुआ। बार-बार बसैली में तेंदुआ देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत है। वे ईख ही नहीं गेहूं के खेतों की ओर जाने से भी परहेज कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
बता दें कि, गांव बसैली के एक खेत में 13 दिसंबर की शाम आस मोहम्मद की ईख के खेत के पास ही गेहूं के खेत में तेंदुआ देखा गया था। आस मोहम्मद ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी थी। इसकी सूचना पर पुलिस ने मस्जिद से एनाउंस करा कर ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने की नसीहत दी थी। अगले दिन वन विभाग की टीम ने भी जांच पड़ताल की थी।
टीम को पंजों के निशान स्पष्ट न मिलने से जंगली जानवर के होने की पुष्टि तो कर दी थी, मगर उसे तेंदुआ कहने से परहेज किया था। इधर, आस मोहम्मद की ईख के पास ही हनीफ का गेहूं का खेत है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हनीफ खेत में पानी लगा कर पैदल ही घर जा रहा था।
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हनीफ के मुताबिक सड़क किनारे गेहूं के खेत में उसकी नजर गई तो वहां से तेंदुआ सड़क की ओर जा रहा था। तेंदुए को देख कर हनीफ अहमद घबरा कर भाग गया। इधर, शनिवार को ग्रामीण मौके पर पहुंचे, यहां गेेहूं के खेतों में पंजों के निशान मिले हैं। अब खौफजदा ग्रामीण अकेले खेतों की ओर रुख करने से परहेज कर रहे हैं।
ईख में मिले नाखून से खुरच कर बनाए गए गड्ढों के निशान
बसैली गांव में शनिवार को ग्रामीण एकत्र हुए और हनीफ अहमद की ईख में छानबीन भी की। यहां ईख के बीच में एक खाली स्थान मिला। जहां कुछ गड्ढे भी पाए गए। गड्ढे में नाखुनों के निशान मिले हैं। जिससे यहां तेंदुआ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीण ऐजाज अहमद, फरमान अली, मासाल्लाह, फराकत अली, सत्तार आदि का कहना है कि कहीं मादा तेंदुआ शावकों को जन्म देने वाली तो नहीं। वन विभाग गंभीरता से मामले को ले और ईखों की छान बीन करे।
बसैली गांव में तेंदुआ देखे जाने की जानकारी मिल रही है, लेकिन पूर्ण रूप से पुष्टि नहीं हुई है, फिलहाल वन विभाग कुमराला टीम को भेज कर जानकारी की जा रही है, ग्रामीण टीम का सहयोग करें, जब भी तेंदुआ नजर आये तो तत्काल विभाग को सूचना दें। इकबाल खां, रेंजर, मंडी धनौरा वन सेंचूरी।
नौरान में जख्मी तेंदुए के साथ मादा होने की संभावना
बता दें कि चार दिसंबर को अमरोहा देहात क्षेत्र के गांव नौरान में होशियार सिंह के गन्ने के खेत में वन्य जीवों के शिकार के लिए लगाए गए फंदे में तेंदुआ फंस गया था। ये तेंदुआ नर था। इस तेंदुआ का पंजा फंदे में फंसने से बुरी तरह जख्मी हो गया था।
वन विभाग ने इस तेंदुए को कानपुर चिड़िया घर में भेज दिया था। जहां जख्मी तेंदुए ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया था। अनुमान लगाया जा रहा है कि कहीं नौरान गांव के जंगल में पकड़े गए जख्मी तेंदुए के साथ मादा तेंदुआ तो नहीं थी, जो अब बसैली गांव की ओर आ गई है।
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बता दें कि, गांव बसैली के एक खेत में 13 दिसंबर की शाम आस मोहम्मद की ईख के खेत के पास ही गेहूं के खेत में तेंदुआ देखा गया था। आस मोहम्मद ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी थी। इसकी सूचना पर पुलिस ने मस्जिद से एनाउंस करा कर ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने की नसीहत दी थी। अगले दिन वन विभाग की टीम ने भी जांच पड़ताल की थी।
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टीम को पंजों के निशान स्पष्ट न मिलने से जंगली जानवर के होने की पुष्टि तो कर दी थी, मगर उसे तेंदुआ कहने से परहेज किया था। इधर, आस मोहम्मद की ईख के पास ही हनीफ का गेहूं का खेत है। शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हनीफ खेत में पानी लगा कर पैदल ही घर जा रहा था।
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हनीफ के मुताबिक सड़क किनारे गेहूं के खेत में उसकी नजर गई तो वहां से तेंदुआ सड़क की ओर जा रहा था। तेंदुए को देख कर हनीफ अहमद घबरा कर भाग गया। इधर, शनिवार को ग्रामीण मौके पर पहुंचे, यहां गेेहूं के खेतों में पंजों के निशान मिले हैं। अब खौफजदा ग्रामीण अकेले खेतों की ओर रुख करने से परहेज कर रहे हैं।
ईख में मिले नाखून से खुरच कर बनाए गए गड्ढों के निशान
बसैली गांव में शनिवार को ग्रामीण एकत्र हुए और हनीफ अहमद की ईख में छानबीन भी की। यहां ईख के बीच में एक खाली स्थान मिला। जहां कुछ गड्ढे भी पाए गए। गड्ढे में नाखुनों के निशान मिले हैं। जिससे यहां तेंदुआ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीण ऐजाज अहमद, फरमान अली, मासाल्लाह, फराकत अली, सत्तार आदि का कहना है कि कहीं मादा तेंदुआ शावकों को जन्म देने वाली तो नहीं। वन विभाग गंभीरता से मामले को ले और ईखों की छान बीन करे।
बसैली गांव में तेंदुआ देखे जाने की जानकारी मिल रही है, लेकिन पूर्ण रूप से पुष्टि नहीं हुई है, फिलहाल वन विभाग कुमराला टीम को भेज कर जानकारी की जा रही है, ग्रामीण टीम का सहयोग करें, जब भी तेंदुआ नजर आये तो तत्काल विभाग को सूचना दें। इकबाल खां, रेंजर, मंडी धनौरा वन सेंचूरी।
नौरान में जख्मी तेंदुए के साथ मादा होने की संभावना
बता दें कि चार दिसंबर को अमरोहा देहात क्षेत्र के गांव नौरान में होशियार सिंह के गन्ने के खेत में वन्य जीवों के शिकार के लिए लगाए गए फंदे में तेंदुआ फंस गया था। ये तेंदुआ नर था। इस तेंदुआ का पंजा फंदे में फंसने से बुरी तरह जख्मी हो गया था।
वन विभाग ने इस तेंदुए को कानपुर चिड़िया घर में भेज दिया था। जहां जख्मी तेंदुए ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया था। अनुमान लगाया जा रहा है कि कहीं नौरान गांव के जंगल में पकड़े गए जख्मी तेंदुए के साथ मादा तेंदुआ तो नहीं थी, जो अब बसैली गांव की ओर आ गई है।