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घर में घुसे तेंदुए को कमरे में बंद किया
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 06 May 2016 01:21 AM IST
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धनौरा(अमरोहा) तहसील के सीमांत गांव बाडीवाला(बिजनौर) में बृहस्पतिवार को एक घर में तेंदुए के घुसने के बाद वनकर्मियों की मदद से पिंजरे में कैद किया गया तेंदुआ। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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गाय को अपना निवाला बनाने में नाकाम तेंदुआ ग्रामीणों के शोर मचाने पर कमरे में घुस गया। इस दौरान गृहस्वामी ने हिम्मत जुटाकर ग्रामीणों की सहायता से कमरे में बाहर से क़ुंडी लगा दी। बाद में सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ लिया। इसको लेकर पांच घंटे तक गांव में कौतूहल बना रहा। ग्रामीण तेंदुए की एक झलक देखने के लिए ग्रामीण के घर के आसपास जुटे रहे।
तहसील के सीमांत गांव बाडीवाला में गुरुवार सुबह तकरीबन पौने छह बजे लोकेश पुत्र खचेड़ू की पत्नी मकान के बरामदे में झाड़ू लगा रही थी। अचानक उसे अपनी गाय के रंभाने की तेज आवाज सुनाई दी। पहले तो उसने कोई गौर नहीं किया लेकिन बार-बार रंभाने पर उसका ध्यान गाय की ओर गया तो उसकी चीख निकल गई। गाय से कुछ ही दूरी पर एक तेंदुआ उस पर झपट्टा मारने की तैयारी में था।
पत्नी ने शोर मचाया तो लोकेश और अन्य परिजन बाहर आए। ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। भीड़ आता देख तेंदुआ अंदर की ओर भागकर कमरे में घुस गया। इधर, लोकेश ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कमरे में कुंडी लगा दी। इसी बीच पूरे गांव में तेंदुए की खबर फैल गई। घर के पास उसकी एक झलक पाने के लिए भीड़ लग गई।
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सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम पिंजरा लेकर पहुंच गई। इसके बाद वनकर्मियों ने कमरे के आगे पिंजरा लगा दिया और दरवाजा खोल दिया। कुछ ही देर में तेंदुआ पिंजरे में आ गया। इस पर पहले से ही तैनात वनकर्मी ने पिंजरे को बंद कर दिया। वन विभाग के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ नर था।
... तो लोकेश के पुत्र को भी पहुंचा सकता था नुकसान
मंडी धनौरा। यदि लोकेश और उसका परिवार हिम्मत न दिखाता तो तेंदुआ उसकी गाय को अपना निवाला बना लेता। बरामदे में बैठे उसके पुत्र को भी नुकसान पहुंचा सकता था, लेकिन लोकेश ने धैर्य नहीं खोया। उसने कमरे की कुंडी लगा दी। इधर, कमरे मेें बंद होने के बाद तेंदुए ने कमरे में रखा सारा कीमती सामान नष्ट कर दिया। बाहर निकलने के लिए तेंदुआ बार-बार कमरे में उछलकूद कर रहा था।
जंगल में लगी आग से आबादी की ओर भाग रहे हैं जानवर
मंडी धनौरा। उत्तराखंड के जंगलों में लगी से जानवर भी परेशान हैं। आग से बचने के लिए जंगली जानवर आबादी का रुख कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सीमांत गांव में घुसा तेंदुआ भी जंगलों में लगी आग की वजह से ही आबादी में घुसा है। लगातार कम होते जा रहे जंगल की वजह से जंगली जानवरों को वैसे भी भोजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले दिनों उत्तराखंड में लगी भयंकर आग से भयभीत जानवर उससे बचने के लिए दूर जा रहे हैं, ऐसे में आबादी के बीच वे आ रहे हैं। इधर, हिंसक जानवरों के आबादी में घुसने की वजह से लोगों मेें दहशत है। सीमांत गांव बाडावाली में तड़के किसान के घर में तेंदुए के घुस आने से आसपास के गांवों में भी दहशत है।
इससे पहले फरवरी में थाना क्षेत्र के गांव डींगरा में तेंदुआ घुस आया था। संयोगवश तेंदुआ शिकार के चक्कर में उसके खेत में स्थित 30 फीट गहरे कुंए में जा गिरा था। वहीं गजरौला क्षेत्र के गांव चाकीखेड़ा में तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई है।
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तहसील के सीमांत गांव बाडीवाला में गुरुवार सुबह तकरीबन पौने छह बजे लोकेश पुत्र खचेड़ू की पत्नी मकान के बरामदे में झाड़ू लगा रही थी। अचानक उसे अपनी गाय के रंभाने की तेज आवाज सुनाई दी। पहले तो उसने कोई गौर नहीं किया लेकिन बार-बार रंभाने पर उसका ध्यान गाय की ओर गया तो उसकी चीख निकल गई। गाय से कुछ ही दूरी पर एक तेंदुआ उस पर झपट्टा मारने की तैयारी में था।
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पत्नी ने शोर मचाया तो लोकेश और अन्य परिजन बाहर आए। ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। भीड़ आता देख तेंदुआ अंदर की ओर भागकर कमरे में घुस गया। इधर, लोकेश ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कमरे में कुंडी लगा दी। इसी बीच पूरे गांव में तेंदुए की खबर फैल गई। घर के पास उसकी एक झलक पाने के लिए भीड़ लग गई।
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सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम पिंजरा लेकर पहुंच गई। इसके बाद वनकर्मियों ने कमरे के आगे पिंजरा लगा दिया और दरवाजा खोल दिया। कुछ ही देर में तेंदुआ पिंजरे में आ गया। इस पर पहले से ही तैनात वनकर्मी ने पिंजरे को बंद कर दिया। वन विभाग के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ नर था।
... तो लोकेश के पुत्र को भी पहुंचा सकता था नुकसान
मंडी धनौरा। यदि लोकेश और उसका परिवार हिम्मत न दिखाता तो तेंदुआ उसकी गाय को अपना निवाला बना लेता। बरामदे में बैठे उसके पुत्र को भी नुकसान पहुंचा सकता था, लेकिन लोकेश ने धैर्य नहीं खोया। उसने कमरे की कुंडी लगा दी। इधर, कमरे मेें बंद होने के बाद तेंदुए ने कमरे में रखा सारा कीमती सामान नष्ट कर दिया। बाहर निकलने के लिए तेंदुआ बार-बार कमरे में उछलकूद कर रहा था।
जंगल में लगी आग से आबादी की ओर भाग रहे हैं जानवर
मंडी धनौरा। उत्तराखंड के जंगलों में लगी से जानवर भी परेशान हैं। आग से बचने के लिए जंगली जानवर आबादी का रुख कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सीमांत गांव में घुसा तेंदुआ भी जंगलों में लगी आग की वजह से ही आबादी में घुसा है। लगातार कम होते जा रहे जंगल की वजह से जंगली जानवरों को वैसे भी भोजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले दिनों उत्तराखंड में लगी भयंकर आग से भयभीत जानवर उससे बचने के लिए दूर जा रहे हैं, ऐसे में आबादी के बीच वे आ रहे हैं। इधर, हिंसक जानवरों के आबादी में घुसने की वजह से लोगों मेें दहशत है। सीमांत गांव बाडावाली में तड़के किसान के घर में तेंदुए के घुस आने से आसपास के गांवों में भी दहशत है।
इससे पहले फरवरी में थाना क्षेत्र के गांव डींगरा में तेंदुआ घुस आया था। संयोगवश तेंदुआ शिकार के चक्कर में उसके खेत में स्थित 30 फीट गहरे कुंए में जा गिरा था। वहीं गजरौला क्षेत्र के गांव चाकीखेड़ा में तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई है।