{"_id":"62474e86032e6f4d243e29d8","slug":"issue-of-mob-linching-raised-jpnagar-news-mbd4233661106","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद ने संसद में उठाया मॉब लिचिंग का मुद्दा, कठोर कानून बनाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद ने संसद में उठाया मॉब लिचिंग का मुद्दा, कठोर कानून बनाने की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने शुक्रवार को सदन में मॉब लिंचिंग का मुद्दा उठाते हुए कानून बनाने की मांग उठाई। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर इस कानून को अनुमति नहीं दे रही है।
कुंवर दानिश अली ने सदन में कहा कि देश में हो रही मॉब लिंचिंग पर राज्यों द्वारा बनाए जा रहे कानून को केंद्र सरकार के प्रतिनिधि अनुमति नहीं दे रहे हैं। देश के अंदर मॉब लिंचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हरियाणा के पहलू खान की हत्या और महाराष्ट्र में साधुओं की मॉब लिंचिंग की घटना के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी केंद्र सरकार को मॉब लिंचिंग पर कानून बनाने का निर्देश दिया है। लेकिन, केंद्र सरकार इस ओर कदम नहीं उठा रही है, कानून नहीं बना रही है। कुछ प्रदेश सरकारों ने मॉब लिचिंग के खिलाफ कानून पास करके राज्यपाल को भेजा भी भेजा है, लेकिन केंद्र सरकार के ये प्रतिनिधि इन कानून को अनुमति नहीं दे रहे।
सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय भी कह चुका है तो मॉब लिचिंग के खिलाफ कानून क्यों नहीं बनाया जा रहा या प्रदेश सरकारों का प्रस्तावित बिल क्यों नहीं पास किया जा रहा है। उनकी मांग है कि मॉब लिचिंग के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुंवर दानिश अली ने सदन में कहा कि देश में हो रही मॉब लिंचिंग पर राज्यों द्वारा बनाए जा रहे कानून को केंद्र सरकार के प्रतिनिधि अनुमति नहीं दे रहे हैं। देश के अंदर मॉब लिंचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हरियाणा के पहलू खान की हत्या और महाराष्ट्र में साधुओं की मॉब लिंचिंग की घटना के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी केंद्र सरकार को मॉब लिंचिंग पर कानून बनाने का निर्देश दिया है। लेकिन, केंद्र सरकार इस ओर कदम नहीं उठा रही है, कानून नहीं बना रही है। कुछ प्रदेश सरकारों ने मॉब लिचिंग के खिलाफ कानून पास करके राज्यपाल को भेजा भी भेजा है, लेकिन केंद्र सरकार के ये प्रतिनिधि इन कानून को अनुमति नहीं दे रहे।
विज्ञापन
सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय भी कह चुका है तो मॉब लिचिंग के खिलाफ कानून क्यों नहीं बनाया जा रहा या प्रदेश सरकारों का प्रस्तावित बिल क्यों नहीं पास किया जा रहा है। उनकी मांग है कि मॉब लिचिंग के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए।
विज्ञापन