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केएसके पहुंची मुरादाबाद फोरेंसिक मोबाइल, क्लू जुटाए
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 23 Mar 2016 01:19 AM IST
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छात्र की हत्या के प्रकरण में मंगलवार को मुरादाबाद फोरेंसिक और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने केएसके एकेडमी पहुंच कर जांच पड़ताल की और क्लू जुटाए। घंटों छानबीन के बाद टीम वापस लौट गई, हालांकि अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक कुछ भी स्पष्ट करने से परहेज किया। जांच अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाएगा।
रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव लंबिया निवासी किसान महेंद्र सिंह का बेटा 18 वर्षीय दीपेंद्र उर्फ दीसू केएसके एकेडमी में 12वीं का छात्र था। दीपेंद्र एकेडमी के हॉस्टल में रह कर ही पढ़ाई कर रहा था। 29 फरवरी को दीपेंद्र की हत्या कर दी गई। परिजनों को दीपेंद्र के बीमार होने का हवाला देकर स्टाफ फरार हो गया था। दोपहर में जब परिजन एकेडमी पहुंचे तो वहां दीपेंद्र की चारपाई पर लाश पड़ी थी। पीड़ित पिता की ओर से हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने प्रबंधक रिंकू समेत प्रधानाचार्य व हॉस्टल वार्डन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
परिजन के विरोध पर मामले की जांच क्राइम ब्रांच अमरोहा को सौंप दी गई थी। क्राइम ब्रांच अमरोहा की जांच के बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में प्रबंधक रिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, पीड़ित परिवार का ग्रामीणों व विभिन्न संगठनों को साथ लेकर साथ रजबपुर क्षेत्र में धरना जारी है। इस संबंध में पीड़ित पिता के पक्ष में लोग बरेली में आईजी से मिले थे। उनके आदेश पर जांच मुरादाबाद की क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक मोबाइल टीम को ट्रांसफर कर दी गई।
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मंगलवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मुरादाबाद फोरेंसिक मोबाइल टीम के वैज्ञानिक अधिकारी अरुण शर्मा, क्राइम ब्रांच मुरादाबाद सीओ कालू सिंह, इंस्पेक्टर तेजेंद्र सिंह यादव, उप निरीक्षक संजय कुमार शर्मा के साथ एकेडमी पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की।
कई घंटे की छानबीन के बाद क्लू जुटाए। हॉस्टल के जिस कमरे में छात्र की लाश लटकी मिली होने की बात कही जा रही है उस कमरे से लेकर छात्र के आवास रूम तक छानबीन की। क्राइम ब्रांच अमरोहा इंस्पेक्टर महीपाल सिंह तरार से भी प्रकरण की जानकारी ली। पूछने पर वैैैज्ञानिक अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि अभी जांच की जा रही है। अभी वह कुछ कह नहीं सकते। जांच पूरी होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल जांच जारी है।
शिक्षिका के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालेगी की फोरेंसिक टीम
गजरौला। फोरेंसिक टीम की जांच पूर्व में एकेडमी से निकाली गई एक शिक्षिका की ओर भी घूम गई है। बता दें कि 20 अक्तूबर 2015 को एकेडमी से एक शिक्षिका को उसके गलत व्यवहार के आरोप में निकाल दिया गया था। छात्र की हत्या के बाद शुरुआत में ही पुलिस को शिक्षिका की डायरी मिली थी। जांच के दौरान फोरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी अरुण शर्मा ने शिक्षिका के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने की बात कही। साथ ही टीम दीसू के मोबाइल के बारे में भी पूछताछ करती रही। हालांकि टीम को बताया गया कि दीसू मोबाइल नहीं रखता था। ये बात टीम को हजम नहीं हो रही।
अमरोहा इंस्पेक्टर को लगाई फटकार
गजरौला। छात्र दीसू की हत्या के मामले में कई टीमें जांच कर चुुकी है। क्राइम ब्रांच अमरोहा के इंस्पेक्टर रमेश चंद्र शर्मा से जांच हटा कर क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर महीपाल सिंह को सौंपी गई थी। दोनों ने ही छात्र के रूम की भी छानबीन की थी। अलमारियों को भी खंगाला था लेकिन को पुख्ता सबूत हाथ नहीं लग सका कि हत्या है या आत्महत्या। मंगलवार को मुरादाबाद फोरेंसिक के वैैैज्ञानिक अधिकारी अरुण शर्मा ने फिर से दीसू के कमरे की छानबीन की।
इस दौरान टीम को दीसू के कमरे में रखी अलमारी से एक कागज मिला है। जिस पर कुछ लिखा था। इस पर वैज्ञानिक अधिकारी ने क्राइम ब्रांच अमरोहा के इंस्पेक्टर महीपाल सिंह तरार को फटकार भी लगाई। उनका कहना था कि कैसे जांच की गई थी। हालांकि जब उनसे इस कागज के बारे में पूछा गया तो उन्हें ने जांच जारी होने की बात कह कर अभी कुछ भी स्पष्ट करने से इनकार कर दिया।
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रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव लंबिया निवासी किसान महेंद्र सिंह का बेटा 18 वर्षीय दीपेंद्र उर्फ दीसू केएसके एकेडमी में 12वीं का छात्र था। दीपेंद्र एकेडमी के हॉस्टल में रह कर ही पढ़ाई कर रहा था। 29 फरवरी को दीपेंद्र की हत्या कर दी गई। परिजनों को दीपेंद्र के बीमार होने का हवाला देकर स्टाफ फरार हो गया था। दोपहर में जब परिजन एकेडमी पहुंचे तो वहां दीपेंद्र की चारपाई पर लाश पड़ी थी। पीड़ित पिता की ओर से हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने प्रबंधक रिंकू समेत प्रधानाचार्य व हॉस्टल वार्डन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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परिजन के विरोध पर मामले की जांच क्राइम ब्रांच अमरोहा को सौंप दी गई थी। क्राइम ब्रांच अमरोहा की जांच के बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में प्रबंधक रिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, पीड़ित परिवार का ग्रामीणों व विभिन्न संगठनों को साथ लेकर साथ रजबपुर क्षेत्र में धरना जारी है। इस संबंध में पीड़ित पिता के पक्ष में लोग बरेली में आईजी से मिले थे। उनके आदेश पर जांच मुरादाबाद की क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक मोबाइल टीम को ट्रांसफर कर दी गई।
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मंगलवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मुरादाबाद फोरेंसिक मोबाइल टीम के वैज्ञानिक अधिकारी अरुण शर्मा, क्राइम ब्रांच मुरादाबाद सीओ कालू सिंह, इंस्पेक्टर तेजेंद्र सिंह यादव, उप निरीक्षक संजय कुमार शर्मा के साथ एकेडमी पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की।
कई घंटे की छानबीन के बाद क्लू जुटाए। हॉस्टल के जिस कमरे में छात्र की लाश लटकी मिली होने की बात कही जा रही है उस कमरे से लेकर छात्र के आवास रूम तक छानबीन की। क्राइम ब्रांच अमरोहा इंस्पेक्टर महीपाल सिंह तरार से भी प्रकरण की जानकारी ली। पूछने पर वैैैज्ञानिक अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि अभी जांच की जा रही है। अभी वह कुछ कह नहीं सकते। जांच पूरी होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल जांच जारी है।
शिक्षिका के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालेगी की फोरेंसिक टीम
गजरौला। फोरेंसिक टीम की जांच पूर्व में एकेडमी से निकाली गई एक शिक्षिका की ओर भी घूम गई है। बता दें कि 20 अक्तूबर 2015 को एकेडमी से एक शिक्षिका को उसके गलत व्यवहार के आरोप में निकाल दिया गया था। छात्र की हत्या के बाद शुरुआत में ही पुलिस को शिक्षिका की डायरी मिली थी। जांच के दौरान फोरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी अरुण शर्मा ने शिक्षिका के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने की बात कही। साथ ही टीम दीसू के मोबाइल के बारे में भी पूछताछ करती रही। हालांकि टीम को बताया गया कि दीसू मोबाइल नहीं रखता था। ये बात टीम को हजम नहीं हो रही।
अमरोहा इंस्पेक्टर को लगाई फटकार
गजरौला। छात्र दीसू की हत्या के मामले में कई टीमें जांच कर चुुकी है। क्राइम ब्रांच अमरोहा के इंस्पेक्टर रमेश चंद्र शर्मा से जांच हटा कर क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर महीपाल सिंह को सौंपी गई थी। दोनों ने ही छात्र के रूम की भी छानबीन की थी। अलमारियों को भी खंगाला था लेकिन को पुख्ता सबूत हाथ नहीं लग सका कि हत्या है या आत्महत्या। मंगलवार को मुरादाबाद फोरेंसिक के वैैैज्ञानिक अधिकारी अरुण शर्मा ने फिर से दीसू के कमरे की छानबीन की।
इस दौरान टीम को दीसू के कमरे में रखी अलमारी से एक कागज मिला है। जिस पर कुछ लिखा था। इस पर वैज्ञानिक अधिकारी ने क्राइम ब्रांच अमरोहा के इंस्पेक्टर महीपाल सिंह तरार को फटकार भी लगाई। उनका कहना था कि कैसे जांच की गई थी। हालांकि जब उनसे इस कागज के बारे में पूछा गया तो उन्हें ने जांच जारी होने की बात कह कर अभी कुछ भी स्पष्ट करने से इनकार कर दिया।