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अब दशहरा मेला मैदान से कब्जा हटाने को सड़क पर उतरे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:07 AM IST
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अमरोहा कलक्ट्रेट में अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन करते आदमपुर के ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
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आदमपुर के ग्रामीणों ने यगद नदी के किनारे स्थित दशहरा मेला मैदान को कब्जा मुक्त कराने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट का घेराव किया। भारी संख्या में ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम हसनपुर के खिलाफ हाय-हाय के नारे लगाए। गुस्साए ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर दशहरा मैला मैदान को कब्जा मुक्त कराने की आवाज उठाई।
साथ ही चेतावनी दी है यदि मैदान से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो रोड जाम करते हुए अनशन पर बैठ जाएंगे। गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंच ग्रामीणों ने बताया कि यगद नदी के किनारे पिछले 70 वर्षों से दशहरा मैला मदान पर रावण के पुतलों का दहन होता चला आया है। लेकिन अब इस मैदान पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा करते हुए निर्माण शुरू कर दिया है। इससे हिंदू समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है एसडीएम हसनपुर की साठगांठ के चलते दहशरा मेला मैदान पर अवैध कब्जा चल रहा है। इसी मामले में एक जून से गांव के शिव मंदिर पर अनशन चल रहा था, तीन जून को दो दिनों के अंदर मैदान से अवैध कब्जा हटवाने का आश्वासन मिलने पर अनशन तुड़वा दिया गया था, लेकिन प्रशासन द्वारा सिर्फ दो लोगों का ही कब्जा हटवाया गया है। दशहरा मैैला मैदान को कब्जा मुक्त कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट का घेराव करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
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दो घंटे तक ग्रामीण कलक्ट्रेट में डटे रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है यदि जल्द ही दशहरा मैला मैदान से कब्जा नहीं हटाया गया तो सड़क जाम कर अनशन पर बैठ जाएंगे। इस दौरान यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। प्रदर्शन करने वालों में सीताराम, संतोष, सोहन लाल, नन्हें, कर्मवीर सिंह, इंदल, मोहर सिंह, फूल सिंह, निरंजन सिंह, अजय सिंह, हरफूल, मलखान, रामपाल सिंह, हरिओम, चमन सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र रामअवतार मौजूद रहे।
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साथ ही चेतावनी दी है यदि मैदान से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो रोड जाम करते हुए अनशन पर बैठ जाएंगे। गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंच ग्रामीणों ने बताया कि यगद नदी के किनारे पिछले 70 वर्षों से दशहरा मैला मदान पर रावण के पुतलों का दहन होता चला आया है। लेकिन अब इस मैदान पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा करते हुए निर्माण शुरू कर दिया है। इससे हिंदू समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
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गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है एसडीएम हसनपुर की साठगांठ के चलते दहशरा मेला मैदान पर अवैध कब्जा चल रहा है। इसी मामले में एक जून से गांव के शिव मंदिर पर अनशन चल रहा था, तीन जून को दो दिनों के अंदर मैदान से अवैध कब्जा हटवाने का आश्वासन मिलने पर अनशन तुड़वा दिया गया था, लेकिन प्रशासन द्वारा सिर्फ दो लोगों का ही कब्जा हटवाया गया है। दशहरा मैैला मैदान को कब्जा मुक्त कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट का घेराव करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
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दो घंटे तक ग्रामीण कलक्ट्रेट में डटे रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है यदि जल्द ही दशहरा मैला मैदान से कब्जा नहीं हटाया गया तो सड़क जाम कर अनशन पर बैठ जाएंगे। इस दौरान यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। प्रदर्शन करने वालों में सीताराम, संतोष, सोहन लाल, नन्हें, कर्मवीर सिंह, इंदल, मोहर सिंह, फूल सिंह, निरंजन सिंह, अजय सिंह, हरफूल, मलखान, रामपाल सिंह, हरिओम, चमन सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र रामअवतार मौजूद रहे।