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बारिश ने अनाथ भाई-बहन की छत भी छीनी
अमर उजाला/ ब्यूरोअमरोहा
Updated Sat, 23 Jul 2016 12:47 AM IST
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अमरोहा के अकबरपुर पट्टी में बारिश से गिरा मकान।
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बरसात से अनाथ दलित भाई-बहन का मकान ध्वस्त हो गया। मलबे में दबकर घर में रखा अनाज खराब हो गया। चारपाई और बर्तन टूट गए। मकान गिरने की आवाज पर गांव के लोग उधर को दौड़े। मलबे में दबे सामान को बाहर निकाला। मकान गिरने के कारण अनाथ भाई-बहन का सिर ढकने के सहारा छिन गया है। हालांकि दोनों भाई-बहन सुरक्षित हैं।
तहसील क्षेत्र के अकबरपुर पट्टी गांव निवासी हरि सिंह व इसकी पत्नी इंद्रेश की सात-आठ साल पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई। बीमारी के चलते दंपति अपनी औलाद के लिए पक्की छत का मकान नहीं बना और दुनिया छोड़ गए। माता-पिता की मौत के बाद काजल (14) व इसका भाई नितिन (12) कच्चे मकान में रहते थे। शुक्रवार की सुबह घंटों तक पड़ी तेज बारिश से मकान ध्वस्त हो गया। मलबे में दबकर घर में रखा अनाज और सामान खराब हो गया। चारपाई और बर्तन टूट गए। मकान गिरने की आवाज सुन कर गांव के लोग दौड़ कर आए।
मलबे में दबे सामान को बाहर निकाला। मकान ढहने से निराश भाई-बहन को समझाया। ग्रामीणों ने सूचना प्रशासनिक अफसरों को दी, लेकिन शाम तक गांव में कोई नहीं पहुंचा था। उधर मकान गिरने से भाई-बहन के सिर ढकने का ठिकाना खत्म हो गया है। उधर तहसील क्षेत्र के मऊमय चक गांव निवासी किसान महेंद्र सिंह पाल सरकारी मदद के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहा है। उसका मकान बारिश के चलते सोमवार की गिर गया था। बकरी की दब कर मौत हो गई थी। मलबे में घर का सामान खराब हो जाने से एक लाख रुपये का नुकसान हो गया था। तहसील दिवस में अफसरों से शासन से मदद दिलाने की गुहार लगाई थी। गांव में किसी अफसर ने जाने की जहमत नहीं उठाई है।
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तहसील क्षेत्र के अकबरपुर पट्टी गांव निवासी हरि सिंह व इसकी पत्नी इंद्रेश की सात-आठ साल पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई। बीमारी के चलते दंपति अपनी औलाद के लिए पक्की छत का मकान नहीं बना और दुनिया छोड़ गए। माता-पिता की मौत के बाद काजल (14) व इसका भाई नितिन (12) कच्चे मकान में रहते थे। शुक्रवार की सुबह घंटों तक पड़ी तेज बारिश से मकान ध्वस्त हो गया। मलबे में दबकर घर में रखा अनाज और सामान खराब हो गया। चारपाई और बर्तन टूट गए। मकान गिरने की आवाज सुन कर गांव के लोग दौड़ कर आए।
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मलबे में दबे सामान को बाहर निकाला। मकान ढहने से निराश भाई-बहन को समझाया। ग्रामीणों ने सूचना प्रशासनिक अफसरों को दी, लेकिन शाम तक गांव में कोई नहीं पहुंचा था। उधर मकान गिरने से भाई-बहन के सिर ढकने का ठिकाना खत्म हो गया है। उधर तहसील क्षेत्र के मऊमय चक गांव निवासी किसान महेंद्र सिंह पाल सरकारी मदद के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहा है। उसका मकान बारिश के चलते सोमवार की गिर गया था। बकरी की दब कर मौत हो गई थी। मलबे में घर का सामान खराब हो जाने से एक लाख रुपये का नुकसान हो गया था। तहसील दिवस में अफसरों से शासन से मदद दिलाने की गुहार लगाई थी। गांव में किसी अफसर ने जाने की जहमत नहीं उठाई है।
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