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आज दोपहर में होलिका पूजन, शाम को दहन, फिर हुड़दंग
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अमरोहा। जिलेभर में होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। सोमवार की दोपहर एक बजे से बजे से महिलाएं होली का पूजन करेंगी। इसके बाद शाम पौने सात बजे से नौ बजे तक होलिका दहन किया जाना शुभ रहेगा। जिलेभर में करीब 1100 स्थानों पर होली दहन होगा। इस दौरान कहीं कोई किसी तरह का हुड़दंग न हो इसके लिए पुलिस सतर्क हो गई। पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया है।
नगर के बड़ा बाजार स्थित प्रसिद्ध बाबा गंगानाथ मंदिर के अध्यक्ष पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि सोमवार को फाल्गुन पूर्णिमा का योग रात्रि 11:17 मिनट तक रहेगा। दोपहर 1:10 बजे से शाम 6:30 मिनट तक होलिका पूजन होगा। इसके बाद 6:43 से 9:00 बजे तक होलिका दहन करना शुभ रहेगा। वैसे रात्रि 11:17 मिनट तक होली दहन किया जा सकता है। इससे पहले सुबह 7:30 से नौ बजे तक राहुकाल का योग है। जिसमें पूजा करना शुभ नहीं है। उन्होंने बताया कि इस दिन नरसिंह भगवान की पूजा का विशेष महत्व है। होलिका की परिक्रमा करते समय श्रद्धालुओं को नरसिंह भगवान का नाम लेते रहना चाहिए। होलिका दहन में देशी घी में भीगी हुई एक जोड़ा लौंग, बताशा सहित पान पर रखकर अर्पण करने से घर में सुख-शांति की वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि होलिका दहन के समय होलिका में सूखे नारियल, पीली सरसों, गोमती चक्र डालने से घर में आने वाली समस्त विघ्न बाधाओं का निवारण हो जाता है। होलिका में गोबर के कंडे, राई, जों की बालियां, लकड़ियां, चंदन, आदि डालना शुभ होता है। दहन के बाद होली का हुड़दंग शुरू होगा। होली के त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस सतर्क हो गई है।
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नगर के बड़ा बाजार स्थित प्रसिद्ध बाबा गंगानाथ मंदिर के अध्यक्ष पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि सोमवार को फाल्गुन पूर्णिमा का योग रात्रि 11:17 मिनट तक रहेगा। दोपहर 1:10 बजे से शाम 6:30 मिनट तक होलिका पूजन होगा। इसके बाद 6:43 से 9:00 बजे तक होलिका दहन करना शुभ रहेगा। वैसे रात्रि 11:17 मिनट तक होली दहन किया जा सकता है। इससे पहले सुबह 7:30 से नौ बजे तक राहुकाल का योग है। जिसमें पूजा करना शुभ नहीं है। उन्होंने बताया कि इस दिन नरसिंह भगवान की पूजा का विशेष महत्व है। होलिका की परिक्रमा करते समय श्रद्धालुओं को नरसिंह भगवान का नाम लेते रहना चाहिए। होलिका दहन में देशी घी में भीगी हुई एक जोड़ा लौंग, बताशा सहित पान पर रखकर अर्पण करने से घर में सुख-शांति की वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि होलिका दहन के समय होलिका में सूखे नारियल, पीली सरसों, गोमती चक्र डालने से घर में आने वाली समस्त विघ्न बाधाओं का निवारण हो जाता है। होलिका में गोबर के कंडे, राई, जों की बालियां, लकड़ियां, चंदन, आदि डालना शुभ होता है। दहन के बाद होली का हुड़दंग शुरू होगा। होली के त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस सतर्क हो गई है।
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