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चुभती-जलती गर्मी ने मारा, 42 पहुंचा पारा
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Sat, 26 May 2018 01:53 AM IST
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शरीर जला देने वाली गर्म हवा से बचने के लिए कुछ ऐसे निकले लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले दिनों के मुकाबले मौसम के लिहाज से शुक्रवार का दिन बेहद गर्म रहा। सूरज का मिजाज गर्माने से तेज चिलचिलाती धूप में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। जबकि दोपहर को चली भयंकर लू लोगों की परेशानी का सबब बनी। चमड़ी झुलसा देने वाली गर्मी के अहसास से लोग दिनभर बेहाल रहे। उधर भयंकर गर्मी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है।
शुक्रवार को सुबह दस बजे से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। इस दौरान हवाएं शांत थीं। और मौसम में उमस बढ़ती जा रही थी। इसके बाद चली गर्म हवाओं ने लोगों पर जमकर बरपाया। जिस वजह से लोग घरों में छिपने को मजबूर हो गए। पारा चढ़ने सेे सवारियों में यात्रियों की संख्या भी कम रही। वहीं लू के कहर से बचने के लिए दोपहर के वक्त बत्तइक सवार भी सड़कों के किनारे लगे पेड़ों के नीचे सुस्ताते देखे गए। इस दौरान रोजेदारों ने भी घरों से निकलने में एहतियात बरती। दोपहर के वक्त शहर की गलियों में वीरानी छाई रही। इस बीच कई मुहल्लों में बिजली की बार-बार की ट्रिपलिंग ने भी लोगों को खूब सताया। इस सबसे दूर शहर के वाटर पार्कों में लोग तैराकी का आनंद लेने में मशगूल रहे। और जैसे-तैसे गर्मी से राहत महसूस की। उधर गर्मी बढ़ने से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिनमें ज्यादातर डिहाइड्रेशन, मौसमी बुखार, एलर्जी, वायरल और मलेरिया के मरीज हैं। भयंकर गर्मी के चलते डॉक्टरों ने एहतियात बरतने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में घरों से बाहर जाते वक्त पूरी तरह से ढके हुए कपड़े पहनकर ही निकलें। और ज्यादा सम्भव हो तो सिर पर कपड़ा रखें या कैप पहनकर ही निकलें। क्योंकि तेज धूप के सीधे संपर्क में आने से हीट स्ट्रोक या डिहाइड्रेशन की समस्याश् हो सकती है।
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शुक्रवार को सुबह दस बजे से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। इस दौरान हवाएं शांत थीं। और मौसम में उमस बढ़ती जा रही थी। इसके बाद चली गर्म हवाओं ने लोगों पर जमकर बरपाया। जिस वजह से लोग घरों में छिपने को मजबूर हो गए। पारा चढ़ने सेे सवारियों में यात्रियों की संख्या भी कम रही। वहीं लू के कहर से बचने के लिए दोपहर के वक्त बत्तइक सवार भी सड़कों के किनारे लगे पेड़ों के नीचे सुस्ताते देखे गए। इस दौरान रोजेदारों ने भी घरों से निकलने में एहतियात बरती। दोपहर के वक्त शहर की गलियों में वीरानी छाई रही। इस बीच कई मुहल्लों में बिजली की बार-बार की ट्रिपलिंग ने भी लोगों को खूब सताया। इस सबसे दूर शहर के वाटर पार्कों में लोग तैराकी का आनंद लेने में मशगूल रहे। और जैसे-तैसे गर्मी से राहत महसूस की। उधर गर्मी बढ़ने से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिनमें ज्यादातर डिहाइड्रेशन, मौसमी बुखार, एलर्जी, वायरल और मलेरिया के मरीज हैं। भयंकर गर्मी के चलते डॉक्टरों ने एहतियात बरतने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में घरों से बाहर जाते वक्त पूरी तरह से ढके हुए कपड़े पहनकर ही निकलें। और ज्यादा सम्भव हो तो सिर पर कपड़ा रखें या कैप पहनकर ही निकलें। क्योंकि तेज धूप के सीधे संपर्क में आने से हीट स्ट्रोक या डिहाइड्रेशन की समस्याश् हो सकती है।
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