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बेटी की शादी की तैयारी को नहीं मिले बैंक से रुपये, किसान की हार्टअटैक से मौत
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:45 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा किसान पैसों का इंतजाम न होने का दबाव नहीं झेल पाया। बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा सरकड़ी अजीज का किसान प्रथमा बैंक नारंगपुर में जमा 90 हजार रुपये निकालने के लिए एक हफ्ते से चक्कर काट रहा था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पा रही थी। चार बेटियों में दूसरी बेटी की शादी को लड़का देख चुका था। तिलक के तारीख तय करनी थी। पैसे नहीं मिलने से चिंता उसे खाए जा रही थी। शनिवार रात हार्ट अटैक से मौत हो गई।
पहले सूखा फिर ओलावृष्टि और अब नोटबंदी। एक के बाद एक मार से किसान उबर नहीं पा रहा है। जोया ब्लाक के सरकड़ी अजीज निवासी प्रकाशवीर वर्मा की चार बेटियां हैं। किसानी के अलावा वो गांवों में सामान बेचकर अपने परिवार का खर्च चलाते थे। एक बेटी की वो शादी कर चुके थे। दूसरी बेटी की शादी के लिए काशीपुर में लड़का देख चुके थे।
तिलक की तारीख तय करने की तैयारी थी। सोच रहे थे कि प्रथमा बैंक का नांरगपुर शाखा में जमा किए गए 90 हजार रुपये निकाल लें तो दिन रखें। एक हफ्ते से लाइन में खड़े होने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही थी। बैंक से रुपये न निकलने पर लड़की की शादी की चिंता खाए जा रही थी। हार्ट के पेशेंट भी थे। दबाव बड़ता जा रहा था, जो उनका दिल नहीं झेल पाया।
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परिजनों ने बताया कि शनिवार रात को खाना खाने के बाद वो सोने के लिए चले गए। सुबह जब उन्हें उठाया गया तो वो बिस्तर से नहीं उठे। हार्ट फेल होने से उनकी मौत हो चुकी थी। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने रविवार तो तिगरी घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
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पहले सूखा फिर ओलावृष्टि और अब नोटबंदी। एक के बाद एक मार से किसान उबर नहीं पा रहा है। जोया ब्लाक के सरकड़ी अजीज निवासी प्रकाशवीर वर्मा की चार बेटियां हैं। किसानी के अलावा वो गांवों में सामान बेचकर अपने परिवार का खर्च चलाते थे। एक बेटी की वो शादी कर चुके थे। दूसरी बेटी की शादी के लिए काशीपुर में लड़का देख चुके थे।
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तिलक की तारीख तय करने की तैयारी थी। सोच रहे थे कि प्रथमा बैंक का नांरगपुर शाखा में जमा किए गए 90 हजार रुपये निकाल लें तो दिन रखें। एक हफ्ते से लाइन में खड़े होने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही थी। बैंक से रुपये न निकलने पर लड़की की शादी की चिंता खाए जा रही थी। हार्ट के पेशेंट भी थे। दबाव बड़ता जा रहा था, जो उनका दिल नहीं झेल पाया।
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परिजनों ने बताया कि शनिवार रात को खाना खाने के बाद वो सोने के लिए चले गए। सुबह जब उन्हें उठाया गया तो वो बिस्तर से नहीं उठे। हार्ट फेल होने से उनकी मौत हो चुकी थी। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने रविवार तो तिगरी घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया।