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Amroha News: साइलेंट किलर है हार्ट अटैक, बचपन से कराएं दिल की जांच

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2024 06:17 AM IST
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Heart attack is a silent killer, get your heart checked from childhood
मुरादाबाद।
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हार्ट अटैक और सडन कार्डियक डेथ साइलेंट किलर की तरह हैं। नौ से 12 साल की उम्र से ही बच्चों की लिपिड प्रोफाइल व अन्य जांच जरूर कराएं। जिनके परिवार में कोई हृदय रोगी हैं या रहे हैं, वह लोग ज्यादा सतर्क रहें। यह सलाह शहर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने दी है।

शहर में पिछले दो दिन में हार्ट अटैक व सडन कार्डियक डेथ के तीन मामलों से डॉक्टर भी हैरान हैं। इनमें निर्यातक व टेनिस खिलाड़ी करन दुग्गल (46), कारोबारी संजय अरोड़ा (48) व सपा नेता के बेटे सुशांत (37) का नाम शामिल है। करन को टेनिस खेलने के बाद घर जाते समय कार में हार्ट अटैक हुआ। संजय को घर में घबराहट हुई, अस्पताल पहुंचकर स्टेंट भी डलवाया लेकिन जीवन नहीं बच सका। सपा नेता का बेटा सोने के बाद उठा ही नहीं। डॉक्टरों का कहना है कि बचपन से ही दिल का ख्याल रखा जाए तो अचानक आने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। हाई कॉलेस्ट्रॉल, स्मोकिंग, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि ऐसे कारण जिनसे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। इनके अलावा कई छुपे हुए कारण भी हैं, जिनके टेस्ट आम तौर पर कम ही कराए जाते हैं। इन खतरों को जानने के लिए लिपो प्रोटीन, सीआरपी लेवल्स से संबंधित टेस्ट कराने चाहिए। जेनेटिक प्री मेच्योर हार्ट डिजीज के लिए भी विशेष जांचें होती हैं।
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हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन अग्रवाल से सवाल
आम तौर पर हर दिन व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। करन दुग्गल हर दिन टेनिस खेलते थे, व्यायाम करते थे। इसके बावजूद उन्हें हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। इसका क्या कारण हो सकता है।
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जवाब
हार्ट अटैक का कारण अचानक होने वाला इमोशनल स्ट्रेस, ज्यादा खुशी, ज्यादा दुख हो सकता है। इसके अलावा कई बार खेल में पसीना बहाने व जिम में जयादा मेहनत करने से ब्लड प्रेशर अचानक अनियंत्रित हो जाता है। इससे हृदय की नलियां बंद हो जाती हैं और व्यक्ति को हार्ट अटैक का खतरा रहता है।

सवाल
सपा नेता राजेश कुमारी यादव के बेटे सुशांत रात में ठीक सोए थे लेकिन सुबह नहीं उठ पाए। इस तरह के मामलों में मौत का क्या कारण हो सकता है।
जवाब
इस तरह के मामले सडन कार्डियक डेथ में आते हैं। व्यक्ति को सोते हुए आभास भी नहीं होता और उसकी मौत हो जाती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे मामलों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन चल रहे हैं।
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हार्ट अटैक के लक्षण
- अचानक सीने में बाईं ओर दर्द
- जबड़े या कंधों में दर्द व एंठन
- ब्लड प्रेशर बढ़ना व बहुत पसीना आना
- अचानक सांस फूलने लगना

बचाव
- सप्ताह में पांच दिन 45 मिनट पैदल चलें
- फास्ट फूड बिल्कुल न लें
- तैराकी व साइकिलिंग सबसे अच्छा व्यायाम है
- रोजाना आठ घंटे की नींद लें
- तनाव से बचें और दोस्तों के बीच समय बिताएं
- भोजन में सलाद शामिल करेें

- हार्ट अटैक आने पर व्यक्ति को फौरन अस्पताल ले जाएं। यदि कोई वाहन नहीं है और एंबुलेंस आने तक इंतजार करना पड़े तो उसे जमीन पर सीधा लेटा दें। सीने को एक मिनट में 100 से ज्यादा बार पंप करें। ऐसा बार बार करते रहें, यह प्राथमिक उपचार बचाव में सहायक हो सकता है। - डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, हृदय रोग विशेषज्ञ

- रोजाना 10 हजार कदम चलने की आदत डालें। इतना तेज चलें कि आधे घंटे में चार किमी कवर कर लें। अपनी क्षमता से ज्यादा व्यायाम न करें, जिम में ध्यान रखें कि वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। - डॉ. नितिन अग्रवाल, हृदय रोग विशेषज्ञ
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