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बेकसूरों को फंसा रही हरियाणा सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 13 Jun 2016 12:54 AM IST
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अमरोहा के काफूरपुर में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के धरने में बोलते यशपाल मलिक।
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा सरकार ने हक मांग रहे जाटों पर जो अत्याचार किया है, उसे भूल नहीं सकते। ये अत्याचार जिस सांसद ने कराया है, हरियाणा सरकार उसे बचा रही है और अफसरों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोप लगाया कि, बेकसूरों को फंसाया जा रहा है। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। यह बातें अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कही।
यशपाल मलिक रविवार को काफूरपुर गांव के जूनियर हाईस्कूल परिसर में आयोजित एक दिवसीय धरने को संबोधित कर रहे थे। कहा कि जाटों को प्रदेश स्तर पर आरक्षण है, लेकिन केंद्रीय स्तर पर सरकार आरक्षण लागू नहीं कर रही है। इसके लिए लंबे समय से बिरादरी मांग करती आ रही है, मगर इसके लिए आंदोलन पर हरियाणा में भाजपा के सांसद के इशारे पर लोगों पर अत्याचार किया गया।
काफूरपुर बनेगा आंदोलन का केंद्र
धरने को संबोधित करते हुए यशपाल मलिक ने जाटों की एकजुटता पर जोर दिया। बोले- हक के लिए हरियाणा में चल रहे आंदोलन का यूपी में भी विस्तार हो चुका है। अगर सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं देती तो काफूरपुर को केंद्र बनाकर आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने बिरादरी के लोगों से हक के लिए आवाज बुलंद करने की भी अपील की।
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वापस लिए जाएं मामले
जिला संयोजक भगत सिंह बोबी ने कहा कि जाट समाज पर आंदोलन के दौरान दर्ज मामले वापस लिए जाएं। राष्ट्रीय अध्यक्ष व 130 लोगों पर जींद में देेश द्रोह समेत अन्य मामले सरकार खारिज कराए। जिलाध्यक्ष अरविंद चौधरी ने मांग की कि, जाट आंदोलन में घायल और मरे लोगों के परिजनों को हरियाणा सरकार मुआवजा दे। नौकरी भी दी जाए।
ज्ञापन सौंपा
भीषण गर्मी में आयोजित धरने में लोगों को बांधे रखने के लिए रागिनी का गायन भी कराया गया। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर चौधरी दिवाकर सिंह, जयदेव सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील कुमार मिंटू, विपिन कुमार, उधम सिंह, रनवीर, राकेश, करन सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, महावीर सिंह, बलवीर सिंह समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।
18 को गजरौला और 24 को धनौरा में सौंपेंगे ज्ञापन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि 24 को धनौरा और 18 जून को गजरौला में जनपद समिति के पदाधिकारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
केंद्र ने मांगें नहीं मानीं तो भाजपा को सबक सिखाएंगे जाट: यशपाल मलिक
अमरोहा। हरियाणा आंदोलन के दौरान हिंसा में गिरफ्तार लोगों की रिहाई को लेकर रविवार को काफूरपुर आए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के तेवर तल्ख रहे। उन्होंने भाजपानीत राजग की केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। मांगें नहीं माने जाने पर विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने तक की चेतावनी दे डाली।
वे धरने के दौरान प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने मथुरा मुद्दे को तूल देने का भी आरोप भाजपा पर लगाया। बोले कि, हरियाणा में 31 लोग मारे गए हैं, 25 हजार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, लेकिन भाजपा इसे मुद्दा नहीं बना रही है। वहीं कैराना से लोगों के पलायन के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि, कैराना से कई साल से लोग रोजगार के लिए बाहर जा रहे हैं, मगर भाजपा आज इसको तूल दे रही है। उन्होंने हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा और अन्य घटनाओं के लिए भाजपा सांसद राजकुमार सैनी को जिम्मेदार ठहराया।
मांग की कि, भाजपा सैनी की सदस्यता खत्म करे। आरोप लगाया कि, उन्होंने ही ग्रुप बनाकर हरियाणा का अमन छीना है। मांग की कि, हरियाणा में जाट बिरादरी के आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों पर जो रिपोर्ट दर्ज की गई हैं, उन्हें वापस लिया जाए। आंदोलन में शहीद हुए लोगों को मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए। निर्दोष लोगों को रिहा किया जाए। अगर केंद्र सरकार ऐसा नहीं करेगी तो बिरादरी उसको और भाजपा को सबक सिखाएगी।
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यशपाल मलिक रविवार को काफूरपुर गांव के जूनियर हाईस्कूल परिसर में आयोजित एक दिवसीय धरने को संबोधित कर रहे थे। कहा कि जाटों को प्रदेश स्तर पर आरक्षण है, लेकिन केंद्रीय स्तर पर सरकार आरक्षण लागू नहीं कर रही है। इसके लिए लंबे समय से बिरादरी मांग करती आ रही है, मगर इसके लिए आंदोलन पर हरियाणा में भाजपा के सांसद के इशारे पर लोगों पर अत्याचार किया गया।
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काफूरपुर बनेगा आंदोलन का केंद्र
धरने को संबोधित करते हुए यशपाल मलिक ने जाटों की एकजुटता पर जोर दिया। बोले- हक के लिए हरियाणा में चल रहे आंदोलन का यूपी में भी विस्तार हो चुका है। अगर सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं देती तो काफूरपुर को केंद्र बनाकर आंदोलन तेज करेंगे। उन्होंने बिरादरी के लोगों से हक के लिए आवाज बुलंद करने की भी अपील की।
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वापस लिए जाएं मामले
जिला संयोजक भगत सिंह बोबी ने कहा कि जाट समाज पर आंदोलन के दौरान दर्ज मामले वापस लिए जाएं। राष्ट्रीय अध्यक्ष व 130 लोगों पर जींद में देेश द्रोह समेत अन्य मामले सरकार खारिज कराए। जिलाध्यक्ष अरविंद चौधरी ने मांग की कि, जाट आंदोलन में घायल और मरे लोगों के परिजनों को हरियाणा सरकार मुआवजा दे। नौकरी भी दी जाए।
ज्ञापन सौंपा
भीषण गर्मी में आयोजित धरने में लोगों को बांधे रखने के लिए रागिनी का गायन भी कराया गया। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर चौधरी दिवाकर सिंह, जयदेव सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील कुमार मिंटू, विपिन कुमार, उधम सिंह, रनवीर, राकेश, करन सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, महावीर सिंह, बलवीर सिंह समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।
18 को गजरौला और 24 को धनौरा में सौंपेंगे ज्ञापन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि 24 को धनौरा और 18 जून को गजरौला में जनपद समिति के पदाधिकारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
केंद्र ने मांगें नहीं मानीं तो भाजपा को सबक सिखाएंगे जाट: यशपाल मलिक
अमरोहा। हरियाणा आंदोलन के दौरान हिंसा में गिरफ्तार लोगों की रिहाई को लेकर रविवार को काफूरपुर आए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के तेवर तल्ख रहे। उन्होंने भाजपानीत राजग की केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। मांगें नहीं माने जाने पर विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने तक की चेतावनी दे डाली।
वे धरने के दौरान प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने मथुरा मुद्दे को तूल देने का भी आरोप भाजपा पर लगाया। बोले कि, हरियाणा में 31 लोग मारे गए हैं, 25 हजार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, लेकिन भाजपा इसे मुद्दा नहीं बना रही है। वहीं कैराना से लोगों के पलायन के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि, कैराना से कई साल से लोग रोजगार के लिए बाहर जा रहे हैं, मगर भाजपा आज इसको तूल दे रही है। उन्होंने हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा और अन्य घटनाओं के लिए भाजपा सांसद राजकुमार सैनी को जिम्मेदार ठहराया।
मांग की कि, भाजपा सैनी की सदस्यता खत्म करे। आरोप लगाया कि, उन्होंने ही ग्रुप बनाकर हरियाणा का अमन छीना है। मांग की कि, हरियाणा में जाट बिरादरी के आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों पर जो रिपोर्ट दर्ज की गई हैं, उन्हें वापस लिया जाए। आंदोलन में शहीद हुए लोगों को मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए। निर्दोष लोगों को रिहा किया जाए। अगर केंद्र सरकार ऐसा नहीं करेगी तो बिरादरी उसको और भाजपा को सबक सिखाएगी।