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राजकीय कालेज टॉपटेन सूची से बाहर रहे 

Mon, 16 May 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा Updated Mon, 16 May 2016 12:59 AM IST
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govt college's  boys are out from merit
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बंपर रिजल्ट से खिले छात्रों के चेहरे - फोटो : अमर उजाला
 जिले के राजकीय इंटर कालेज इस बार भी बोर्ड परीक्षा में फिसड्डी साबित हुए हैं। टॉपटेन सूची में एक भी बच्चा जगह नहीं बनाया पाए। कालेजों की शिक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। उधर, वित्तविहीन कालेजों के छात्र-छात्राओं का दबदबा कायम रहा। अनुदानित कालेज भी हासिए पर रहे। 
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जिले में सत्तह राजकीय विद्यालय हैं। उधर, अधिकांश गांव देहात क्षेत्रों के बच्चों ने ही टॉपटेन सूची में जिले का नाम रोशन किया है। सात राजकीय इंटर कालेज और दस राजकीय हाईस्कूल विद्यालय शामिल हैं। उक्त कालेजों के शिक्षकों के वेतन पर हर माह लाखों रुपये का बजट खर्च होता है। बावजूद इसके उक्त कालेजों का एक भी छात्र टॉपटेन सूची में जगह नहीं बना पाया है।
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हर साल रिजल्ट में गिरावट आ रही है। इससे कालेजों की शिक्षा पर सवाल उठने लगें हैं। वहीं शासन से बगैर कोई सुविधा के संचालित होने वाले वित्तविहीन कालेज हर साल बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं। इस बार भी वित्तविहीन कालेजों के बच्चों का टॉपटेन सूची में दबदबा कायम रहा।
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वहीं अनुदानित कालेज भी कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए हैं। राष्ट्रीय इंटर कालेज जब्दा की छात्रा ने हाईस्कूल परीक्षा में जनपद में दूसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि ऑवर आल वित्तविहीन कालेजों का दबदबा रहा। 

शहरी क्षेत्र के कालेजों के बच्चे भी रहे फिसड्डी
अमरोहा। शहरी क्षेत्रों के बच्चे भी यूपी बोर्ड परीक्षा में फिसडडी साबित हुए हैं। एक भी बच्चा टॉपटेन सूची में जगह नहीं बनाया जाया है। अमरोहा शहर में एक दर्जन से अधिक अनुदानित और दो राजकीय विद्यालय संचालित हैं, लेकिन एक भी कालेज का बच्चा टॉपटेन सूची में शामिल नहीं हुआ है। शहरी क्षेत्र के कालेजों की शिक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। 


जीआईसी प्रधानाचार्य खुर्शीद हैदर जैदी ने बताया कि राजकीय कालेजों में स्टाफ की कमी के चलते शिक्षा के स्तर में गिरावट आई है। हालांकि इस बार जीआईसी अमरोहा और जीजीआईसी का पहली बार शत प्रतिशत रिजल्ट रहा है। शिक्षा में सुधार का प्रयास जारी है।
 
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