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फायर मैन, पिता-पुत्र ने नौकरी के नाम पर साढ़े 11 लाख रुपये ठगे
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गजरौला(अमरोहा)। नौकरी लगवाने के नाम पर पिता-पुत्र और फायर मैन पर साढ़े 11 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पीड़ित ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
नगर की बैंक कालोनी बुध बाजार निकट सरिया मिल निवासी धर्मवीर सिंह पुत्र हरेंद्र सिंह की जान पहचान मोहल्ले के ही पिंटी उर्फ प्रमोद पुत्र राजकुमार व दिनेश पुत्र राजकुमार से थी। दोनों ने धर्मवीर से कहा कि हम तुम्हारी नौकरी किसी सरकारी विभाग या रेलवे में लगवा देंगे। उसका आरोप है कि वह उनकी बातों में फंस गया। सितंबर-18 में पिंटी व दिनेश को 11 लाख 50 रुपये दे दिए। धनराशि कुछ नकद व कुछ बैंक में जमा करायी। इस जालसाजी में बुलंदशहर जनपद के आहार थाना क्षेत्र के गांव दुलठारा निवासी फायरमैन उदयवीर पुत्र चंदर सिंह भी शामिल था। वह उस वक्त गजरौला फायर स्टेशन पर तैनात था। धर्मवीर से कहा गया था कि सहायक स्टेशन मास्टर की सीधी भर्ती न होने के कारण रेलवे ें ऑपरेटर के पद पर गारंटी से नौकरी लगवा देंगे। यह भी कहा कि एक महीने में वह दिल्ली एनसीआर में नौकरी पर चला जाएगा। आरोपियों ने धर्मवीर के वास्तविक कागजात दिल्ली निवासी एक शख्स को दिलवाए। कहा था कि तेरा काम ये शख्स कराएगा। जनवरी-19 में रेलवे में ग्रुप सी की नौकरी के लिए एक फर्जी कॉल लैटर धर्मवीर को दिया गया। नौकरी कराने हावड़ा ले जाया गया। लेकिन वहां किसी से बात नहीं कराई। आरोप है कि फर्जी कागजातों पर हस्ताक्षर कराकर कहा कि तुम्हारा मेडिकल हो गया है। जल्द ज्वाइनिंग हो जाएगी। इसके तीन महीने तक उसे गुमराह किया। जालसाज उसे कलकत्ता छोड़कर आ गए। उसने तीनों को फोन किया तो बंद पाए गए। ठगी का अहसास होने पर वह अपने घर आ गया। पिंटी उर्फ प्रमोद व दिनेश के घर गया। पहले तो टाल मटोल करते रहे। अब गाली गलौच कर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। पुलिस ने उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। थाना प्रभारी शरद मलिक ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।
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नगर की बैंक कालोनी बुध बाजार निकट सरिया मिल निवासी धर्मवीर सिंह पुत्र हरेंद्र सिंह की जान पहचान मोहल्ले के ही पिंटी उर्फ प्रमोद पुत्र राजकुमार व दिनेश पुत्र राजकुमार से थी। दोनों ने धर्मवीर से कहा कि हम तुम्हारी नौकरी किसी सरकारी विभाग या रेलवे में लगवा देंगे। उसका आरोप है कि वह उनकी बातों में फंस गया। सितंबर-18 में पिंटी व दिनेश को 11 लाख 50 रुपये दे दिए। धनराशि कुछ नकद व कुछ बैंक में जमा करायी। इस जालसाजी में बुलंदशहर जनपद के आहार थाना क्षेत्र के गांव दुलठारा निवासी फायरमैन उदयवीर पुत्र चंदर सिंह भी शामिल था। वह उस वक्त गजरौला फायर स्टेशन पर तैनात था। धर्मवीर से कहा गया था कि सहायक स्टेशन मास्टर की सीधी भर्ती न होने के कारण रेलवे ें ऑपरेटर के पद पर गारंटी से नौकरी लगवा देंगे। यह भी कहा कि एक महीने में वह दिल्ली एनसीआर में नौकरी पर चला जाएगा। आरोपियों ने धर्मवीर के वास्तविक कागजात दिल्ली निवासी एक शख्स को दिलवाए। कहा था कि तेरा काम ये शख्स कराएगा। जनवरी-19 में रेलवे में ग्रुप सी की नौकरी के लिए एक फर्जी कॉल लैटर धर्मवीर को दिया गया। नौकरी कराने हावड़ा ले जाया गया। लेकिन वहां किसी से बात नहीं कराई। आरोप है कि फर्जी कागजातों पर हस्ताक्षर कराकर कहा कि तुम्हारा मेडिकल हो गया है। जल्द ज्वाइनिंग हो जाएगी। इसके तीन महीने तक उसे गुमराह किया। जालसाज उसे कलकत्ता छोड़कर आ गए। उसने तीनों को फोन किया तो बंद पाए गए। ठगी का अहसास होने पर वह अपने घर आ गया। पिंटी उर्फ प्रमोद व दिनेश के घर गया। पहले तो टाल मटोल करते रहे। अब गाली गलौच कर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। पुलिस ने उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। थाना प्रभारी शरद मलिक ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।
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