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Amroha News: गैंगस्टर एक्ट के चार दोषियों को चार-चार साल की सजा
Sun, 22 Dec 2024 01:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 22 Dec 2024 01:05 AM IST
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अमरोहा। गैंगस्टर एक्ट के चार दोषियों को न्यायालय ने चार-चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी दोषी जमानत पर बाहर थे। न्यायालय का फैसला आने के बाद सभी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। दोषियों ने वर्ष 2005 में युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी।
यह मामला आदमपुर थाने से जुड़ा है। वर्ष 2007 में तत्कालीन थानाध्यक्ष महेश चंद ने क्षेत्र के गांव काई मुस्तकम के रहने वाले शीशपाल, मलकपुर के रहने वाले राधे, चरन, दौरारा गांव के रहने वाले चांद शाह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। सभी आरोपी क्षेत्र में तरह-तरह के अपराध करते थे। वर्ष 2005 में भदौरा गांव के रहने वाले मुकेश का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को छिपा दिया था। बाद में पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इस गिरोह का लीडर शीशपाल है। फिलहाल, सभी जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित ज्योति की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और आरोपी शीशपाल, राधे, चरन और चांदशाह को दोषी करार दिया। साथ ही चारों को चार-चार साल की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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यह मामला आदमपुर थाने से जुड़ा है। वर्ष 2007 में तत्कालीन थानाध्यक्ष महेश चंद ने क्षेत्र के गांव काई मुस्तकम के रहने वाले शीशपाल, मलकपुर के रहने वाले राधे, चरन, दौरारा गांव के रहने वाले चांद शाह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। सभी आरोपी क्षेत्र में तरह-तरह के अपराध करते थे। वर्ष 2005 में भदौरा गांव के रहने वाले मुकेश का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को छिपा दिया था। बाद में पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इस गिरोह का लीडर शीशपाल है। फिलहाल, सभी जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित ज्योति की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और आरोपी शीशपाल, राधे, चरन और चांदशाह को दोषी करार दिया। साथ ही चारों को चार-चार साल की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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