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जान जोखिम में डालकर नहर पार कर रहे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 17 Aug 2016 01:49 AM IST
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गंगा में बढ़ाव जारी।
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पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से गंगा उफान पर है। गंगा के उफान लेने से सांसद कंवर सिंह तंवर के गोद लिये गांव चकनवाला से होकर जा रही रामगंगा पोषक नहर भी लबालब होकर बह रही है। नहर का पानी खेतों में घुस रहा है।
गन्ना, धान, चरी आदि की फसलों पर संकट गहराने लगा है। 13 गांवों के ग्रामीणों का संपर्क गजरौला से टूट गया है। नहर पार करने में करीब 13 से अधिक गांव के ग्रामीणों को नाव का सहारा लेकर जोखिम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बता दें कि चकनवाला से सट कर जा रही रामगंगा पोषक नहर पर पान्टून पुल बनाया गया है। जो बारिश शुरू होने से पहले मई माह के अंतिम सप्ताह में हटा लिया जाता है। अक्तूबर माह में दुबारा से पान्टून पुल लगाया जाता है।
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इन दिनों पान्टून पुल न होने से नदी पार के जाटोवाली, शीशोवाली, ढाकोवाली, सुल्तानपुर, रम्पुरा, मीरापुर, लंगड़ेवाली, देववाली, दिशावली, कुईवाली, दारानगर, टीकोवाली, पहानभुड्डी आदि गांव का गजरौला आने के लिए संपर्क टूट गया है।
ग्रामीणों ने प्रत्येक घर से पांच किलोग्राम अनाज पर दो नाव तय कर रखी हैं। नाव से ही ग्रामीण नदी पार करते हैं। बाइकें भी नाव से लायी और ले जायी जाती हैं।
नहर इन दिनों लबालब होकर बह रही है। जिससे ग्रामीणों केे रात के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में नाव भी नहीं चल पाती। ऐसे में मरीजों की जान पर बन सकती है।
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गन्ना, धान, चरी आदि की फसलों पर संकट गहराने लगा है। 13 गांवों के ग्रामीणों का संपर्क गजरौला से टूट गया है। नहर पार करने में करीब 13 से अधिक गांव के ग्रामीणों को नाव का सहारा लेकर जोखिम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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बता दें कि चकनवाला से सट कर जा रही रामगंगा पोषक नहर पर पान्टून पुल बनाया गया है। जो बारिश शुरू होने से पहले मई माह के अंतिम सप्ताह में हटा लिया जाता है। अक्तूबर माह में दुबारा से पान्टून पुल लगाया जाता है।
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इन दिनों पान्टून पुल न होने से नदी पार के जाटोवाली, शीशोवाली, ढाकोवाली, सुल्तानपुर, रम्पुरा, मीरापुर, लंगड़ेवाली, देववाली, दिशावली, कुईवाली, दारानगर, टीकोवाली, पहानभुड्डी आदि गांव का गजरौला आने के लिए संपर्क टूट गया है।
ग्रामीणों ने प्रत्येक घर से पांच किलोग्राम अनाज पर दो नाव तय कर रखी हैं। नाव से ही ग्रामीण नदी पार करते हैं। बाइकें भी नाव से लायी और ले जायी जाती हैं।
नहर इन दिनों लबालब होकर बह रही है। जिससे ग्रामीणों केे रात के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में नाव भी नहीं चल पाती। ऐसे में मरीजों की जान पर बन सकती है।