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Amroha News: आठ साल बाद भी शुरू नहीं हुआ जिले में नमामि गंगा मिशन का कार्य

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2024 05:04 AM IST
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Even after eight years, the work of Namami Ganga Mission has not started in the district
गजरौला (अमरोहा)।
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केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ठंडे बस्ते में डाल दी गई। उद्घाटन के आठ साल बाद भी जिले में गंगा किनारे शवदाह गृह, शौचालय और पक्के स्नान घाट बनाना तो दूर अभी तक काम भी शुरू नहीं हो पाया है। जबकि, पड़ोसी जिले बुलंदशहर में भगवानपुर व मवई मांडू आश्रम सामने आधुनिक सुविधाओं से लैस पक्के स्नान घाट बन गए हैं।
जिले में नमामि गंगे मिशन की सफलता और गंगा की सफाई के लिए लोगों को जागरूक करने की मकसद से 2016 में अमरोहा के एक निजी होटल में उद्घाटन किया गया था। मिशन की देखरेख की जिम्मेदारी जिला पंचायत को सौंपी गई। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा किनारे पक्के स्नान घाट और महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। दावा किया गया कि स्नान घाट सभी सुविधाओं से लैस बनाए जाएंगे।
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महिला श्रद्धालुओं को कपड़े बदलने के लिए अलग कक्ष बनाए जाने के निर्देश दिए गए। मगर, उद्घाटन के बाद किसी ने सुध नहीं ली। योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। गंगा किनारे आधुनिक सुविधाओं से लैस शव दाह गृह, पक्के घाट और शौचालय बनाना तो दूर आठ साल बाद काम शुरू भी नहीं किया गया है। जिससे जिले के नागरिक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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तिगरी सहित चार गांव में होना है निर्माण
अमरोहा जिले में करीब 82 किमी के दायरे में गंगा प्रवाहित होती है। जिले की धनौरा और हसनपुर तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव गंगा किनारे बसे हैं। शवों का गंगा किनारे दाह संस्कार किया जाता है। जिसके बाद मृतकों के परिजन गंगा किनारे गंदगी छोड़ जाते हैं। गंगा को साफ सुथरा और गंदगी रहित बनाने के लिए जिले में गंगा किनारे चार स्थानों पर आधुनिक शवदाह गृह निर्माण कराया जाना है। जिसमें तिगरी, लठीरा, दयावली, पौरारा में आधुनिक सुविधाओं से लैस पक्के स्नान घाट और शौचालय भी बनाए जाने का दावा किया गया। वहीं पूठ, शहवाजपुर गुर्जर व जल्लोपुर के सामने गंगा किनारे स्नान घाट और शवदाह गृह बनाए जाने हैं, लेकिन आठ साल बाद काम शुरू भी नहीं किया गया।
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