{"_id":"584852354f1c1bf95944986c","slug":"dispute-about-forest-ground-in-mandi-dhanaura-range","type":"story","status":"publish","title_hn":"कब्जा कराने में फंसे मेनका गांधी की संस्था के प्रांतीय प्रभारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कब्जा कराने में फंसे मेनका गांधी की संस्था के प्रांतीय प्रभारी
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 07 Dec 2016 11:47 PM IST
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मंडावर क्षेत्र के ग्राम राजारामपुर के जंगल में खेतों में भरा गंगा का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी धनौरा के शेरपुर क्षेत्र में जंगल की जमीन पर कब्जा कराने में मेनका गांधी की संस्था पीएफए के रेडिंग टीम के प्रांतीय प्रभारी फंस गए हैं। उन पर और शेरपुर के ग्राम प्रधान पर रायवान दल्लीपुर की 3200 बीघा जमीन पर मुजफ्फरनगर और पंजाब के लोगों का कब्जा करा कर वसूली करने का आरोप है।
निरीक्षण में इसका खुलासा होने के बाद डीएफओ ने थाना मंडी धनौरा में दोनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में डीएफओ ने वन क्षेत्राधिकारी से स्पष्टीकरण भी तलब किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बता दें कि अमरोहा के डीएफओ मोहम्मद उमर खान ने 27 नवंबर को मंडी धनौरा के रायवान दल्लीपुर में वन क्षेत्र का निरीक्षण किया था। यहां उन्हें खेती होती मिली। पूछताछ में लोगों ने पहले बताया कि, यह जमीन ग्राम समाज की है। बाद में धीरे-धीरे सही बातें सामने आने लगीं। जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा कराने में कुछ लोगों के नाम सामने आये। पता चला कि, यहां खेती करने के बदले में कुछ लोगों को रुपये दिए जाते हैं।
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इस पर डीएफओ ने एक दिसंबर को थाना मंडी धनौरा में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 0466/16 के अंतर्गत वन अधिनियम की धारा 26 और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम सेक्शन 1972 की धारा 25/29/27/51 के तहत पीपुल फॉर एनिमल्स (पीएफए)के रेडिंग टीम के प्रांतीय प्रभारी डा. रविंद्र कुमार शुक्ला और शेरपुर के ग्राम प्रधान मनीराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
नामजदों पर आरोप है कि, उन्होंने रायवान दल्लीपुर में वन क्षेत्र की 3200 बीघा जमीन के पेड़ कटवा कर वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाया है। इतना ही नहीं इस जमीन के बदले में मोटी रकम लेकर पंजाब और मुजफ्फरनगर के लोगों का कब्जा करा दिया है।
बोले डीएफओ:डीएफओ मोहम्मद उमर खान ने बताया कि 27 नवंबर को उन्होंने वन सेंच्यूरी के रायवान दल्लीपुर की जमीन का निरीक्षण किया था, जहां खेती हो रही थी, खेती कर रहे लोगों से पूछताछ की तो उन लोगों ने ग्राम समाज की जमीन बता कर गुुमराह करने की कोशिश की, शक होने पर जांच पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीणों से पूछताछ की गई तो यह जमीन वन क्षेत्र की निकली।
इस पर पीएफए की रेडिंग टीम के प्रांतीय प्रभारी और शेरपुर के प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कब्जा की गई भूमि पुलिस बल की सहायता से खाली कराई जाएगी। इसके लिए डीएम और एसपी से अनुरोध किया जा रहा है।
इनकी भी सुनो: पीएफए के रेडिंग टीम के प्रांतीय प्रभारी डा. रविंद्र कुमार शुक्ला का कहना है कि वह वर्षों से वन्य जीव और पर्यावरण की सुरक्षा के कार्य कर रहे हैं। आठ अक्तूबर 2016 को उप्र शासन के वन विभाग के प्रमुख सचिव संजीव सरन को अवगत कराया गया था कि वन क्षेत्र मंडी धनौरा की जमीन जोती जा रही है।
प्रमुख सचिव ने मामले को संज्ञान लिया और जांच टीम गठित कर दी थी। इसके अलावा 2014 में मैंने रेंजर इकबाल खान के खिलाफ धनौरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साजिश के तहत दबाव बनाने को झूठा फंसाया गया है।
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निरीक्षण में इसका खुलासा होने के बाद डीएफओ ने थाना मंडी धनौरा में दोनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में डीएफओ ने वन क्षेत्राधिकारी से स्पष्टीकरण भी तलब किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बता दें कि अमरोहा के डीएफओ मोहम्मद उमर खान ने 27 नवंबर को मंडी धनौरा के रायवान दल्लीपुर में वन क्षेत्र का निरीक्षण किया था। यहां उन्हें खेती होती मिली। पूछताछ में लोगों ने पहले बताया कि, यह जमीन ग्राम समाज की है। बाद में धीरे-धीरे सही बातें सामने आने लगीं। जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा कराने में कुछ लोगों के नाम सामने आये। पता चला कि, यहां खेती करने के बदले में कुछ लोगों को रुपये दिए जाते हैं।
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इस पर डीएफओ ने एक दिसंबर को थाना मंडी धनौरा में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 0466/16 के अंतर्गत वन अधिनियम की धारा 26 और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम सेक्शन 1972 की धारा 25/29/27/51 के तहत पीपुल फॉर एनिमल्स (पीएफए)के रेडिंग टीम के प्रांतीय प्रभारी डा. रविंद्र कुमार शुक्ला और शेरपुर के ग्राम प्रधान मनीराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
नामजदों पर आरोप है कि, उन्होंने रायवान दल्लीपुर में वन क्षेत्र की 3200 बीघा जमीन के पेड़ कटवा कर वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाया है। इतना ही नहीं इस जमीन के बदले में मोटी रकम लेकर पंजाब और मुजफ्फरनगर के लोगों का कब्जा करा दिया है।
बोले डीएफओ:डीएफओ मोहम्मद उमर खान ने बताया कि 27 नवंबर को उन्होंने वन सेंच्यूरी के रायवान दल्लीपुर की जमीन का निरीक्षण किया था, जहां खेती हो रही थी, खेती कर रहे लोगों से पूछताछ की तो उन लोगों ने ग्राम समाज की जमीन बता कर गुुमराह करने की कोशिश की, शक होने पर जांच पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीणों से पूछताछ की गई तो यह जमीन वन क्षेत्र की निकली।
इस पर पीएफए की रेडिंग टीम के प्रांतीय प्रभारी और शेरपुर के प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कब्जा की गई भूमि पुलिस बल की सहायता से खाली कराई जाएगी। इसके लिए डीएम और एसपी से अनुरोध किया जा रहा है।
इनकी भी सुनो: पीएफए के रेडिंग टीम के प्रांतीय प्रभारी डा. रविंद्र कुमार शुक्ला का कहना है कि वह वर्षों से वन्य जीव और पर्यावरण की सुरक्षा के कार्य कर रहे हैं। आठ अक्तूबर 2016 को उप्र शासन के वन विभाग के प्रमुख सचिव संजीव सरन को अवगत कराया गया था कि वन क्षेत्र मंडी धनौरा की जमीन जोती जा रही है।
प्रमुख सचिव ने मामले को संज्ञान लिया और जांच टीम गठित कर दी थी। इसके अलावा 2014 में मैंने रेंजर इकबाल खान के खिलाफ धनौरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साजिश के तहत दबाव बनाने को झूठा फंसाया गया है।