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Amroha News: जनपद में 103 ग्राम पंचायतों में बनेंगी डिजिटल लाइब्रेरी
Fri, 12 Sep 2025 02:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:45 AM IST
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अमरोहा। ग्राम पंचायतों में ग्रामीण छात्रों के लिए सूचना, संचार और तकनीक की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा। जिले में 103 पंचायतों में यह लाइब्रेरी बनाई जाएगी। एक को तैयार करने में चार लाख रुपये का खर्च आएगा।
पंचायती राज विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्राम पंचायत में लाइब्रेरी बनाने का उद्देश्य पंचायत में सुविधा बढ़ाने के साथ ही आय को बढ़ाना भी है। ग्रामीण इलाकों में स्कूली और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
जिले की 103 ग्राम पंचायतों में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना होगी। प्रत्येक लाइब्रेरी के निर्माण पर चार लाख रुपये खर्च होंगे। इस हिसाब से सभी के निर्माण पर 4.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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इससे ग्रामीण बच्चों को तकनीकी शिक्षा व सूचना के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में भी सहूलियत मिल सकेगी और शहरों की और दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिले में 576 पंचायतें हैं।
शासन की मंशा है कि सभी पंचायतों में युवाओं को इस तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। पहले चरण में 103 पंचायतों का चयन किया गया है। यह लाइब्रेरी पंचायत भवनों में ही संचालित की जाएगी। लाइब्रेरी को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर तैयार किया जाएगा।
इस तरह होगा खर्च
एक लाइब्रेरी को तैयार करने में चार लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें 1.30 लाख रुपये कंप्यूटर खरीदने व 70 हजार रुपये फर्नीचर पर खर्च किए जाएंगे। लाइब्रेरी में एनबीटी (नेशनल बुक ट्रस्ट) की पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए कुल 90 हजार रुपये खर्च होंगे। साथ ही 90 हजार रुपये की दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें भी रखी जा सकेंगी। इसके अलावा डिजिटल कंटेंट के लिए 20 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
कम होगी युवाओं की भागदौड़
गांव में ही डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलने से सबसे अधिक फायदा युवाओं को होगा। शहर में जाकर तैयारी करने की झंझटों से छुटकारा मिल सकेगा। साथ ही समय की बचत भी होगी। इसके लिए न्यूनतम दरों पर पंचायत में तैयारी करने की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा पंचायतें भी अपनी आय का सृजन कर सकेंगी। शुरुआती चरण के बाद धीरे-धीरे सभी पंचायतों में लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।
जिला स्तर पर बनी समिति करेगी निगरानी
लाइब्रेरी के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में बनी समिति इसकी निगरानी करेगी। जिला स्तर से ही खरीदे गए सामान का भुगतान किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जल्द ही लाइब्रेरी को तैयार करने की कवायद शुरू हो जाएगी।
जिले की 103 पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा कर इस पर काम किया जाएगा। - पारुल सिसोदिया, डीपीआरओ
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पंचायती राज विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्राम पंचायत में लाइब्रेरी बनाने का उद्देश्य पंचायत में सुविधा बढ़ाने के साथ ही आय को बढ़ाना भी है। ग्रामीण इलाकों में स्कूली और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
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जिले की 103 ग्राम पंचायतों में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना होगी। प्रत्येक लाइब्रेरी के निर्माण पर चार लाख रुपये खर्च होंगे। इस हिसाब से सभी के निर्माण पर 4.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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इससे ग्रामीण बच्चों को तकनीकी शिक्षा व सूचना के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में भी सहूलियत मिल सकेगी और शहरों की और दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिले में 576 पंचायतें हैं।
शासन की मंशा है कि सभी पंचायतों में युवाओं को इस तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। पहले चरण में 103 पंचायतों का चयन किया गया है। यह लाइब्रेरी पंचायत भवनों में ही संचालित की जाएगी। लाइब्रेरी को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर तैयार किया जाएगा।
इस तरह होगा खर्च
एक लाइब्रेरी को तैयार करने में चार लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें 1.30 लाख रुपये कंप्यूटर खरीदने व 70 हजार रुपये फर्नीचर पर खर्च किए जाएंगे। लाइब्रेरी में एनबीटी (नेशनल बुक ट्रस्ट) की पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए कुल 90 हजार रुपये खर्च होंगे। साथ ही 90 हजार रुपये की दूसरे प्रकाशकों की पुस्तकें भी रखी जा सकेंगी। इसके अलावा डिजिटल कंटेंट के लिए 20 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
कम होगी युवाओं की भागदौड़
गांव में ही डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलने से सबसे अधिक फायदा युवाओं को होगा। शहर में जाकर तैयारी करने की झंझटों से छुटकारा मिल सकेगा। साथ ही समय की बचत भी होगी। इसके लिए न्यूनतम दरों पर पंचायत में तैयारी करने की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा पंचायतें भी अपनी आय का सृजन कर सकेंगी। शुरुआती चरण के बाद धीरे-धीरे सभी पंचायतों में लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।
जिला स्तर पर बनी समिति करेगी निगरानी
लाइब्रेरी के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में बनी समिति इसकी निगरानी करेगी। जिला स्तर से ही खरीदे गए सामान का भुगतान किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जल्द ही लाइब्रेरी को तैयार करने की कवायद शुरू हो जाएगी।
जिले की 103 पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा कर इस पर काम किया जाएगा। - पारुल सिसोदिया, डीपीआरओ