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दरोगा जी! आपके हाथ जोड़ता हूं, दिलवा दीजिए बैंक से रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:02 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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दरोगा जी, आपके हाथ जोड़ता हूं। बैंक से रुपये दिलवा दीजिए। चार दिन से लाइन में लग रहा हूं। नंबर आने से पहले ही करेंसी खत्म हो जाती है। बैंक भी बंद हो जाती है। यह गुहार एक उपभोक्ता ने उस समय पुलिस कर्मियों से लगाई जब वह हंगामे की खबर पर बैंक पहुंचे थे।
बिजनौर मार्ग पर लक्ड़ा मोहल्ले में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पर उपभोक्ताओं ने रुपये नहीं मिलने पर हंगामा चालू कर दिया। जिस पर प्रबंधक ने फोन कर पुलिस फोर्स को बुला लिया। इसके बाद पुलिस कर्मी उपभोक्ताओं की भीड़ को तितर बितर करने में जुट गए। इसी दरम्यान लाइन में खड़ा एक उपभोक्ता बाहर आया और दरोगा के सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो गया।
उसका कहना था कि साहब, चार दिन से लाइन में आकर लगता हूं, मगर अभी तक कोई रुपया बैंक से नहीं मिला है। जब आता हूं तो लंबी लाइन लगी होती है। उसमें खड़ा होता हूं तो बैंक की करेंसी खत्म हो जाती है। चार दिन से बस खाली हाथ घर लौट रहा हूं। घर के खर्च के लिए पैसों की सख्त जरूरत है।
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उपभोक्ता की इस परेशानी को देखकर वर्दीधारी का दिल तो पसीजा, मगर उसने उपभोक्ता को समझाकर लाइन में लगवा दिया। साथ ही भरोसा दिलाया कि रुपये मिल जाएंगे। थोड़ा सब्र करना होगा। शांति बनाए रखे।
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बिजनौर मार्ग पर लक्ड़ा मोहल्ले में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पर उपभोक्ताओं ने रुपये नहीं मिलने पर हंगामा चालू कर दिया। जिस पर प्रबंधक ने फोन कर पुलिस फोर्स को बुला लिया। इसके बाद पुलिस कर्मी उपभोक्ताओं की भीड़ को तितर बितर करने में जुट गए। इसी दरम्यान लाइन में खड़ा एक उपभोक्ता बाहर आया और दरोगा के सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो गया।
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उसका कहना था कि साहब, चार दिन से लाइन में आकर लगता हूं, मगर अभी तक कोई रुपया बैंक से नहीं मिला है। जब आता हूं तो लंबी लाइन लगी होती है। उसमें खड़ा होता हूं तो बैंक की करेंसी खत्म हो जाती है। चार दिन से बस खाली हाथ घर लौट रहा हूं। घर के खर्च के लिए पैसों की सख्त जरूरत है।
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उपभोक्ता की इस परेशानी को देखकर वर्दीधारी का दिल तो पसीजा, मगर उसने उपभोक्ता को समझाकर लाइन में लगवा दिया। साथ ही भरोसा दिलाया कि रुपये मिल जाएंगे। थोड़ा सब्र करना होगा। शांति बनाए रखे।