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सजा से बचने को अधिवक्ता ने लिखी थी अपहरण की स्क्रिप्ट
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अमरोहा। अधिवक्ता अपहरण कांड में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सामूहिक दुष्कर्म में सजा से बचने को अधिवक्ता ने पत्नी के साथ मिलकर खुद ही अपने अपहरण की पाठकथा लिख डाली थी। पुलिस को छकाने के लिए दिल्ली, एनसीआर से उत्तराखंड उसने कई ठिकाने बदले। सामूहिक दुष्कर्म में समझौता हो जाए, इसलिए वादी समेत छह लोगों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। परिजनों ने भी पुलिस और अधिवक्ताओं को खूब बरगलाया। पुलिस के जाल में फंसता देख अधिवक्ता ने साहिबाबाद थाना पहुंचकर अपहरणकर्ताओं द्वारा फेंककर भाग जाने का ड्रामा रचा। बुधवार की रात पुलिस उसे गिरफ्तार कर लिया है। विभिन्न धराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। उधर, झूठी कहानी से सामने आते की कचहरी अधिवक्ताओं में भी रोष व्याप्त है।
गुरुवार को एसपी डॉ. विपिन ताडा ने अधिवक्ता अपहरण कांड का खुलासा करते हुए बताया कि नगर के मोहल्ला छंगा दरबाजा निवासी अधिवक्ता रजनीश शर्मा ने 29 नवंबर को गाजियाबाद में फोन लोकेशन दिखाकर खुद के अपहरण का षड़यंत्र रच डाला। बताया कि रजनीश कुमार शर्मा और उसके चाचा प्रमोद कुमार के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट में एक सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा विचाराधीन है। कोर्ट में मामला लास्ट स्टेज पर है, इसमें रजनीश व अन्य आरोपियों को सजा हो सकती है। 30 नवंबर को न्यायालय में इस मामले में पीड़िता का बयान दर्ज होना था। इसलिए रजनीश तरीख पर उपस्थित होने की बजाय खुद के अपहरण की झूठी स्क्रिप्ट लिखी डाली। इसमें परिजनों ने सहयोग दिया। परिजनों ने पजलिस और कचहरी अधिवक्ताओं को खबू बरगलाया। रजनीश की पत्नी पूनम रानी ने सामूहिक दुष्कर्म के दिल्ली निवासी वादी समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। रजनीश शर्मा दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को झूठे मुकदमे जेल भेजकर समझौता कराने की फिराक में था। दवाब होने के कारण पुलिस ने दिल्ली, नोएडा, देहरादूर और ऋषिकेश में अपना जाल फैला दिया। साइबर सेल अधिवक्ता से लेकर उसके परिजनों के फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन पर नजर रख रहा था। पुलिस के फैलाए जाल का अहसास होने पर रजनीश ने बुधवार की रात साढ़े नौ बजे गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना पहुंचकर एक मनगढंत कहानी सुनाई। उसने बताया कि नामजद अपहरणकर्ता उसे सुनसान क्षेत्र में फेंक कर फरार हो गए हैं। रजनीश अपनी पत्नी पूनम के माध्यम से कोतवाली इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सूचना भिजवाई थी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम साहिबाबाद थाना पहुंच गई और उसे कोतवाली ले आई। एसपी के मुताबिक अधिवक्ता ने पूछताछ में बताया कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपहरण का षड़यंत्र रचा था। जबकि इससे पहले भी रजनीश को जानलेवा हमले में पांच साल कारावास और 5 हजार का जुर्माना की सजा हो चुकी है। इसमें अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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गुरुवार को एसपी डॉ. विपिन ताडा ने अधिवक्ता अपहरण कांड का खुलासा करते हुए बताया कि नगर के मोहल्ला छंगा दरबाजा निवासी अधिवक्ता रजनीश शर्मा ने 29 नवंबर को गाजियाबाद में फोन लोकेशन दिखाकर खुद के अपहरण का षड़यंत्र रच डाला। बताया कि रजनीश कुमार शर्मा और उसके चाचा प्रमोद कुमार के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट में एक सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा विचाराधीन है। कोर्ट में मामला लास्ट स्टेज पर है, इसमें रजनीश व अन्य आरोपियों को सजा हो सकती है। 30 नवंबर को न्यायालय में इस मामले में पीड़िता का बयान दर्ज होना था। इसलिए रजनीश तरीख पर उपस्थित होने की बजाय खुद के अपहरण की झूठी स्क्रिप्ट लिखी डाली। इसमें परिजनों ने सहयोग दिया। परिजनों ने पजलिस और कचहरी अधिवक्ताओं को खबू बरगलाया। रजनीश की पत्नी पूनम रानी ने सामूहिक दुष्कर्म के दिल्ली निवासी वादी समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। रजनीश शर्मा दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को झूठे मुकदमे जेल भेजकर समझौता कराने की फिराक में था। दवाब होने के कारण पुलिस ने दिल्ली, नोएडा, देहरादूर और ऋषिकेश में अपना जाल फैला दिया। साइबर सेल अधिवक्ता से लेकर उसके परिजनों के फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन पर नजर रख रहा था। पुलिस के फैलाए जाल का अहसास होने पर रजनीश ने बुधवार की रात साढ़े नौ बजे गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना पहुंचकर एक मनगढंत कहानी सुनाई। उसने बताया कि नामजद अपहरणकर्ता उसे सुनसान क्षेत्र में फेंक कर फरार हो गए हैं। रजनीश अपनी पत्नी पूनम के माध्यम से कोतवाली इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सूचना भिजवाई थी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम साहिबाबाद थाना पहुंच गई और उसे कोतवाली ले आई। एसपी के मुताबिक अधिवक्ता ने पूछताछ में बताया कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपहरण का षड़यंत्र रचा था। जबकि इससे पहले भी रजनीश को जानलेवा हमले में पांच साल कारावास और 5 हजार का जुर्माना की सजा हो चुकी है। इसमें अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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