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भाजपाइयों की पुलिस से झड़प, कोतवाली में हंगामा
अमर उजाला/ ब्यूरोअमरोहा
Updated Sun, 10 Jul 2016 12:28 AM IST
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अमरोहा कोतवाली में कोतवाल से नोंकझोंक करते और हंगामा करते भाजपाई।
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मुकदमे में फैसला न करने पर भड़के चौकी प्रभारी ने अभाविप नगर मंत्री के साथ गाली गलौज की। चौकी में बंद कराकर पिटाई कराई। कोतवाली घेराव के दौरान ऐसा आरोप लगाने पर भाजपाइयों की कोतवाल से तीखी झड़प हुई। हंगामा बढ़ता देेख कोतवाल ने उनको समझाया और शाम को तीनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद भाजपाई वापस चले गए।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अहमदनगर निवासी गौरव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में नगर मंत्री हैं। बताते हैं कि कुछ दिन पहले पड़ोस के लोगों ने उनके व परिवार संग मारपीट की थी, जिस पर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दूसरे पक्ष ने भी उन पर छेड़खानी आदि के आरोप लगाए थे। इस मसले में पुलिस ने समझौता करा दिया था। उनका मुकदमा लगातार चलता रहा। आरोप है कि ये बात चौकी प्रभारी को मालूम हुई तो वो मसले में फैसला कराने की तैयारी में जुट गए।
आरोप है शुक्रवार रात उनको चौकी पर बुलाया। मारपीट व छेड़खानी की घटना एक ही तारीख में दिखाने का फैसलानामा लिखने को कहा, मगर उन्होंने मना कर दिया। आरोप है कि इस पर गुस्साए चौकी प्रभारी गाली देने लगे। जब उन्होंने रिकार्डिंग शुरू की तो पता चलते ही मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इसके बाद चौकी में बंद कर खुद तब सिपाहियों से पिटाई कराई। कोतवाली घेराव के दौरान भाजपाइयों ने कोतवाल के सामने मसले को उठाया, जिस पर उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। बमुश्किल भाजपाइयों को शांत किया। इससे काफी देर तक हंगामाई माहौल रहा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अहमदनगर निवासी गौरव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में नगर मंत्री हैं। बताते हैं कि कुछ दिन पहले पड़ोस के लोगों ने उनके व परिवार संग मारपीट की थी, जिस पर उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दूसरे पक्ष ने भी उन पर छेड़खानी आदि के आरोप लगाए थे। इस मसले में पुलिस ने समझौता करा दिया था। उनका मुकदमा लगातार चलता रहा। आरोप है कि ये बात चौकी प्रभारी को मालूम हुई तो वो मसले में फैसला कराने की तैयारी में जुट गए।
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आरोप है शुक्रवार रात उनको चौकी पर बुलाया। मारपीट व छेड़खानी की घटना एक ही तारीख में दिखाने का फैसलानामा लिखने को कहा, मगर उन्होंने मना कर दिया। आरोप है कि इस पर गुस्साए चौकी प्रभारी गाली देने लगे। जब उन्होंने रिकार्डिंग शुरू की तो पता चलते ही मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इसके बाद चौकी में बंद कर खुद तब सिपाहियों से पिटाई कराई। कोतवाली घेराव के दौरान भाजपाइयों ने कोतवाल के सामने मसले को उठाया, जिस पर उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। बमुश्किल भाजपाइयों को शांत किया। इससे काफी देर तक हंगामाई माहौल रहा।
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