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Amroha News: पांच साल बाद बढ़े सर्किल रेट, हाईवे के किनारे जमीन हुई महंगी
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अमरोहा। शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने नए सर्किल रेट की सूची जारी कर दी है। 5 साल बाद सर्किल रेट में 10 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। नए सर्किल रेट एक अप्रैल से लागू कर दिए गए हैं। अब जमीन, मकान, प्लाट खरीदना और अधिक महंगा हो गया है।
जमीन, मकान, दुकानों के सर्किल रेट बढ़ाने पर अहम फैसला लिया जा चुका है। आपत्तियों की सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया गया। वर्ष 2017 में अंतिम बार सर्किल रेट तय हुए थे, अब पांच साल बाद फिर इनमें बढ़ोतरी हुई। कृषि, आवासीय व व्यावसायिक भूमि के सर्किल रेट में वृद्धि की गई है। जिले से होकर गंगा एक्सप्रेसवे निकाला जा रहा है। ऐसे में सबसे अधिक तेजी कृषि भूमि में देखी गई है। सर्किल रेट में गंगा एक्सप्रेसवे, सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग और उनके लिंक मार्गों को शामिल किया गया है। अन्य मार्गों के सर्किल रेट नए सिरे से तय किए गए हैं। लगातार बढ़ते बैनामों को देखते हुए शासन के आदेश पर प्रशासन ने नए वित्तीय वर्ष में सर्किल रेट बढ़ा दिए हैं। नए सर्किल रेट लागू कर दिए हैं। सर्किल रेट में दस से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। सर्किल रेट बढ़ने से स्टांप शुल्क भी बढ़ गया है।
नई दरों का ऐसे किया गया निर्धारण...
शहरी क्षेत्र में प्रत्येक सड़क पर सेंगमेंट चिह्नित कर सेगमेंटवार दरें निर्धारित की गई। बीते पांच साल में जहां जमीन, प्लाॅट, मकान ज्यादा बिके हैं, उन्हें चिह्नित कर उसी के अनुसार पुनरीक्षण किया गया है, सड़कों पर बने आवास और जमीन की दरों का मूल्यांकन बाजार मूल्य के समतुल्य किया गया है, एनएचआई, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जनपदीय मार्गों पर जमीन की दरें अलग-अलग की जाएंगी। जिन ग्रामों में सड़कों के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहीत की गई है, वहां की सामान्य कृषि भूमि की दरों को बाजारी मूल्य के समान बनाया जाएगा।
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सब रजिस्टार तहसील सदर मनीष कुमार ने बताया कि सर्किल रेट में दस से चालीस फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ी हुई नई दरें 1 अप्रैल से लागू कर दी गई हैं। सर्किल रेट बनने से उछाल सबसे अधिक हाईवे किनारे की जमीनों में आया है।
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जमीन, मकान, दुकानों के सर्किल रेट बढ़ाने पर अहम फैसला लिया जा चुका है। आपत्तियों की सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया गया। वर्ष 2017 में अंतिम बार सर्किल रेट तय हुए थे, अब पांच साल बाद फिर इनमें बढ़ोतरी हुई। कृषि, आवासीय व व्यावसायिक भूमि के सर्किल रेट में वृद्धि की गई है। जिले से होकर गंगा एक्सप्रेसवे निकाला जा रहा है। ऐसे में सबसे अधिक तेजी कृषि भूमि में देखी गई है। सर्किल रेट में गंगा एक्सप्रेसवे, सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग और उनके लिंक मार्गों को शामिल किया गया है। अन्य मार्गों के सर्किल रेट नए सिरे से तय किए गए हैं। लगातार बढ़ते बैनामों को देखते हुए शासन के आदेश पर प्रशासन ने नए वित्तीय वर्ष में सर्किल रेट बढ़ा दिए हैं। नए सर्किल रेट लागू कर दिए हैं। सर्किल रेट में दस से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। सर्किल रेट बढ़ने से स्टांप शुल्क भी बढ़ गया है।
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नई दरों का ऐसे किया गया निर्धारण...
शहरी क्षेत्र में प्रत्येक सड़क पर सेंगमेंट चिह्नित कर सेगमेंटवार दरें निर्धारित की गई। बीते पांच साल में जहां जमीन, प्लाॅट, मकान ज्यादा बिके हैं, उन्हें चिह्नित कर उसी के अनुसार पुनरीक्षण किया गया है, सड़कों पर बने आवास और जमीन की दरों का मूल्यांकन बाजार मूल्य के समतुल्य किया गया है, एनएचआई, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जनपदीय मार्गों पर जमीन की दरें अलग-अलग की जाएंगी। जिन ग्रामों में सड़कों के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहीत की गई है, वहां की सामान्य कृषि भूमि की दरों को बाजारी मूल्य के समान बनाया जाएगा।
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सब रजिस्टार तहसील सदर मनीष कुमार ने बताया कि सर्किल रेट में दस से चालीस फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ी हुई नई दरें 1 अप्रैल से लागू कर दी गई हैं। सर्किल रेट बनने से उछाल सबसे अधिक हाईवे किनारे की जमीनों में आया है।