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Amroha News: रेफर सेंटर बना सीएचसी हसनपुर, बुनियादी सुविधाएं नदारद
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हसनपुर (अमरोहा)।
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं कितनी बेहतर हैं, इसका अंदाजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में फैली अव्यवस्थाओं को देखकर लगाया जा सकता है। बात हसनपुर सीएचसी की करें तो यहां अव्यवस्थाओं को बोलबाला है। न तो यहां समुचित चिकित्सकों की तैनाती है और न ही अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। कहने को मरीज यहां आते तो जरूर हैं, लेकिन प्रारंभिक उपचार देने के बाद उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
हसनपुर में संभल-गजरौला मार्ग पर सीएचसी स्थित है। नगर की एक लाख की आबादी के अलावा करीब 20 गांव के ग्रामीण यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह चिकित्सकों की तैनाती न होना है। यहां चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह फिजिशियन के अलावा फिजिशियन डाॅ. मुदित गौतम, स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. अंजु और दंत रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रियंका, एनेस्थीसिया डाॅ. ब्रह्मानंद की तैनाती है। वहीं, यहां पर एक ही लैब टेक्नीशियन व एक फार्मासिस्ट समेत छह स्टाफ नर्स की तैनाती है। क्षेत्र और आबादी को देखते हुए यह स्टाफ काफी कम है। ऐसे में गंभीर मरीज को यहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है।
प्लांट के बाद भी नहीं मिल रही आक्सीजन
कहने को सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट भी है, लेकिन ऑक्सीजन की जरूरत होने पर मरीज को ऑक्सीजन नहीं दी जाती, बल्कि मरीज को रेफर कर दिया जाता है। अल्ट्रासाउंड कराना हो या एक्स-रे कराना हो। सिटी स्कैन कराना हो या अन्य कोई विशेष जांच कराने की आवश्यकता हो। सभी जांचों के लिए रेफर किया जाता है। सीएचसी पर केवल सामान्य रोग होने पर ही उपचार मिल पाता है।
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इन चिकित्सकों की है सीएचसी पर कमी
सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग चिकित्सक, हड्डी रोग चिकित्सक, नाक, कान और गला रोग चिकित्सक की कमी है। इसके अलावा एक फार्मासिस्ट की कमी है। जबकि, दो सफाई कर्मचारी की कमी चल रही है। सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से सीएचसी में सफाई व्यवस्था भी खराब हो रही है।
एक माह से रखी है एक्स-रे मशीन, नहीं हुई चालू
सीएचसी में एक माह पहले एक्स-रे मशीन आई थी, लेकिन अभी तक एक्स-रे मशीन चालू नहीं हुई है। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. ध्रवुेंद्र सिंह का कहना है कि अस्पताल में जर्जर छत की मरम्मत कराने का काम चल रहा है। इसलिए पानी की समस्या बनी हुई है। शॉट सर्किट न हो जाए। इसलिए अभी तक एक्स-रे मशीन चालू नहीं कराई जा सकी है। जल्द ही एक्स-रे मशीन चालू कराई जाएगी।
- सीएचसी में मरीजों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उचित उपचार दिया जाता है। जिसकी आवश्यकता होती है उसे ही रेफर किया जाता है।-- ध्रुवेंद्र सिंह, अधीक्षक सीएचसी हसनपुर।
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जिले में स्वास्थ्य सेवाएं कितनी बेहतर हैं, इसका अंदाजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में फैली अव्यवस्थाओं को देखकर लगाया जा सकता है। बात हसनपुर सीएचसी की करें तो यहां अव्यवस्थाओं को बोलबाला है। न तो यहां समुचित चिकित्सकों की तैनाती है और न ही अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। कहने को मरीज यहां आते तो जरूर हैं, लेकिन प्रारंभिक उपचार देने के बाद उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
हसनपुर में संभल-गजरौला मार्ग पर सीएचसी स्थित है। नगर की एक लाख की आबादी के अलावा करीब 20 गांव के ग्रामीण यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह चिकित्सकों की तैनाती न होना है। यहां चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह फिजिशियन के अलावा फिजिशियन डाॅ. मुदित गौतम, स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. अंजु और दंत रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रियंका, एनेस्थीसिया डाॅ. ब्रह्मानंद की तैनाती है। वहीं, यहां पर एक ही लैब टेक्नीशियन व एक फार्मासिस्ट समेत छह स्टाफ नर्स की तैनाती है। क्षेत्र और आबादी को देखते हुए यह स्टाफ काफी कम है। ऐसे में गंभीर मरीज को यहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है।
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प्लांट के बाद भी नहीं मिल रही आक्सीजन
कहने को सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट भी है, लेकिन ऑक्सीजन की जरूरत होने पर मरीज को ऑक्सीजन नहीं दी जाती, बल्कि मरीज को रेफर कर दिया जाता है। अल्ट्रासाउंड कराना हो या एक्स-रे कराना हो। सिटी स्कैन कराना हो या अन्य कोई विशेष जांच कराने की आवश्यकता हो। सभी जांचों के लिए रेफर किया जाता है। सीएचसी पर केवल सामान्य रोग होने पर ही उपचार मिल पाता है।
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इन चिकित्सकों की है सीएचसी पर कमी
सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग चिकित्सक, हड्डी रोग चिकित्सक, नाक, कान और गला रोग चिकित्सक की कमी है। इसके अलावा एक फार्मासिस्ट की कमी है। जबकि, दो सफाई कर्मचारी की कमी चल रही है। सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से सीएचसी में सफाई व्यवस्था भी खराब हो रही है।
एक माह से रखी है एक्स-रे मशीन, नहीं हुई चालू
सीएचसी में एक माह पहले एक्स-रे मशीन आई थी, लेकिन अभी तक एक्स-रे मशीन चालू नहीं हुई है। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. ध्रवुेंद्र सिंह का कहना है कि अस्पताल में जर्जर छत की मरम्मत कराने का काम चल रहा है। इसलिए पानी की समस्या बनी हुई है। शॉट सर्किट न हो जाए। इसलिए अभी तक एक्स-रे मशीन चालू नहीं कराई जा सकी है। जल्द ही एक्स-रे मशीन चालू कराई जाएगी।
- सीएचसी में मरीजों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उचित उपचार दिया जाता है। जिसकी आवश्यकता होती है उसे ही रेफर किया जाता है।