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Amroha News: जिला अस्पताल में कैंसर डे-केयर सेंटर वार्ड तैयार, होगी कीमोथेरेपी
Wed, 05 Nov 2025 02:34 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 05 Nov 2025 02:34 AM IST
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अमरोहा। कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए जिला अस्पताल में कैंसर डे-केयर सेंटर में दस बेड का वार्ड बनाया गया है। सेंटर पर बायोप्सी से लेकर दवाओं व कीमोथेरेपी की सुविधा भी मिलेगी। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से ट्रेनिंग के लिए दो डॉक्टरों व तीन नर्सिंग स्टाफ के नाम मांगे गए हैं। ऐसे मरीज जिनका इलाज एम्स या अन्य बड़े अस्पतालों से चल रहा है और उन्हें आने-जाने में दिक्कत की वजह से दवा लगवाने में परेशानी आ रही है। ऐसे मरीजों को यहां भर्ती करके दवाई लगाई जाएंगी। बायोप्सी और कीमोथेरेपी की सुविधा भी दी जाएगी।
जिला अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि सेंटर में मरीज से सैंपल लेकर बायोप्सी जांच के लिए नजदीकी प्रयोगशाला भेजा जाएगा। अगर बीमारी की पहचान होती है तो डॉक्टर तय करेंगे कि रोगी को कीमोथेरेपी देनी है या फिर रेडियोथेरेपी की भी साथ जरूरत है। रेडियोथेरेपी के लिए रोगी को बड़े अस्पताल जाना पड़ सकता है लेकिन अगर सिर्फ कीमोथेरेपी और दवाओं के जरिए उपचार होना है तो रोगी को डे केयर सेंटर पर ही इसकी सुविधा मिलेगी।
इस सेंटर की घोषणा वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में की थी। अब विभाग के पास तैयारियां शुरू करने का पत्र आया है। यह भी तय कर लिया गया है कि सेंटर में दस बेड की व्यवस्था होगी। सेंटर में मरीजों को कीमोथेरेपी, जांच, परामर्श, दवा वितरण और फॉलोअप जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। अब जरूरतमंद मरीजों को दिल्ली या ऋषिकेश एम्स की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। चिह्नित मरीज को नियमित रूप से कीमोथेरेपी के लिए बुलाया जाएगा, ताकि इलाज में निरंतरता बनी रहे और परिणाम बेहतर मिल सकें। मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक और चिकित्सीय परामर्श भी लगातार दिया जाएगा, जिससे बीमारी से लड़ने की हिम्मत बनी रहे।
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जिला अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि सेंटर में मरीज से सैंपल लेकर बायोप्सी जांच के लिए नजदीकी प्रयोगशाला भेजा जाएगा। अगर बीमारी की पहचान होती है तो डॉक्टर तय करेंगे कि रोगी को कीमोथेरेपी देनी है या फिर रेडियोथेरेपी की भी साथ जरूरत है। रेडियोथेरेपी के लिए रोगी को बड़े अस्पताल जाना पड़ सकता है लेकिन अगर सिर्फ कीमोथेरेपी और दवाओं के जरिए उपचार होना है तो रोगी को डे केयर सेंटर पर ही इसकी सुविधा मिलेगी।
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इस सेंटर की घोषणा वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में की थी। अब विभाग के पास तैयारियां शुरू करने का पत्र आया है। यह भी तय कर लिया गया है कि सेंटर में दस बेड की व्यवस्था होगी। सेंटर में मरीजों को कीमोथेरेपी, जांच, परामर्श, दवा वितरण और फॉलोअप जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। अब जरूरतमंद मरीजों को दिल्ली या ऋषिकेश एम्स की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। चिह्नित मरीज को नियमित रूप से कीमोथेरेपी के लिए बुलाया जाएगा, ताकि इलाज में निरंतरता बनी रहे और परिणाम बेहतर मिल सकें। मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक और चिकित्सीय परामर्श भी लगातार दिया जाएगा, जिससे बीमारी से लड़ने की हिम्मत बनी रहे।
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