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महिला को चढ़ा दिया दूसरे ग्रुप का खून
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 17 Apr 2016 02:00 AM IST
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अमरोहा के मोहल्ला सराय कोहना से पीड़ित महिला को एंबुलेंस में दिल्ली ले जाते परिजन
- फोटो : amar ujala
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जिले में पैथोलॉजी लैब संचालक और डाक्टर कमीशन के चक्कर में मरीज की जान से किस तरह खिलवाड़ कर रहे हैं, इसकी बानगी शनिवार को देखने को मिली। जब एक डाक्टर ने अपने परिचित की लैब में खून का परीक्षण कराया और फोन पर ग्रुप की जानकारी लेकर मरीज को दूसरे ग्रुप का खून चढ़ा दिया। इससे महिला मरीज की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे आनन-फानन में दिल्ली रेफर कर दिया गया। इधर, गुस्साए परिजनों ने लैब पर पहुंचकर हंगामा किया और लैब कर्मियों से नोंकझोंक भी हुई।
शहर के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला को शनिवार को आजाद रोड स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। दोपहर को डाक्टर ने खून चढ़ाने की बात कही और मरीज के ब्लड का सैंपल लेकर तीमारदारों को एक परिचित पैथोलॉजी लैब पर भेज दिया। महिला के बेटे और बेटे के दोस्त ने भी अपने खून का सैंपल जांच के लिए लैब पर दिया।
इस दरम्यान डाक्टर ने लैब संचालक से महिला का ब्लड ग्रुप पूछा और बिना जांचे मरीज को खून चढ़ा दिया। कुछ ही देर में मरीज की हालत बिगड़ गई। यह देख तीमारदार भड़क गए और े लैब पर आकर हंगामा करना शुरू कर दिया। लैब कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। फिलहाल मरीज को डाक्टर ने आनन फानन में दिल्ली रेफर कर दिया गया है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
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दो दिन पूर्व ही एसीएमओ ने मारे थे छापे
अमरोहा। एसीएमओ डा.रामजी वर्मा ने दो दिन पहले ही पैथोलॉजी लैबों पर छापेमारे थे और दस लैब संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। बावजूद इसके बिना डॉक्टर और नियमों का उल्लंघन करने वाली लैबों का संचालन बंद नहीं हो सका है।
अवैध तरीके से नर्सिंग होम पर निकाला जा रहा ब्लड
अमरोहा। जिलेभर में एक भी प्राइवेट ब्लड बैंक नहीं है। जिला अस्पताल में सरकारी ब्लड बैंक है। ब्लड बैंक से अधिकांश ब्लड सरकारी अस्पतालों में ही जा रहा है, लेकिन प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम संचालक नाममात्र को ब्लड बैंक का सहारा लेते है। आमतौर पर पैथोलॉजी लैब से मरीज के ब्लड ग्रुप की जांच कराने के बाद तीमारदारों का ब्लड निकालकर मरीज को चढ़ा दिया जाता है। इसके बदले मरीज से मोटी रकम वसूली जाती है।
-इस तरह की शिकायत नहीं मिली है। यदि मरीज के परिजन शिकायत करने आते हैं, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। डा.रामजी वर्मा, एसीएमओ
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शहर के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला को शनिवार को आजाद रोड स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। दोपहर को डाक्टर ने खून चढ़ाने की बात कही और मरीज के ब्लड का सैंपल लेकर तीमारदारों को एक परिचित पैथोलॉजी लैब पर भेज दिया। महिला के बेटे और बेटे के दोस्त ने भी अपने खून का सैंपल जांच के लिए लैब पर दिया।
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इस दरम्यान डाक्टर ने लैब संचालक से महिला का ब्लड ग्रुप पूछा और बिना जांचे मरीज को खून चढ़ा दिया। कुछ ही देर में मरीज की हालत बिगड़ गई। यह देख तीमारदार भड़क गए और े लैब पर आकर हंगामा करना शुरू कर दिया। लैब कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। फिलहाल मरीज को डाक्टर ने आनन फानन में दिल्ली रेफर कर दिया गया है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
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दो दिन पूर्व ही एसीएमओ ने मारे थे छापे
अमरोहा। एसीएमओ डा.रामजी वर्मा ने दो दिन पहले ही पैथोलॉजी लैबों पर छापेमारे थे और दस लैब संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। बावजूद इसके बिना डॉक्टर और नियमों का उल्लंघन करने वाली लैबों का संचालन बंद नहीं हो सका है।
अवैध तरीके से नर्सिंग होम पर निकाला जा रहा ब्लड
अमरोहा। जिलेभर में एक भी प्राइवेट ब्लड बैंक नहीं है। जिला अस्पताल में सरकारी ब्लड बैंक है। ब्लड बैंक से अधिकांश ब्लड सरकारी अस्पतालों में ही जा रहा है, लेकिन प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम संचालक नाममात्र को ब्लड बैंक का सहारा लेते है। आमतौर पर पैथोलॉजी लैब से मरीज के ब्लड ग्रुप की जांच कराने के बाद तीमारदारों का ब्लड निकालकर मरीज को चढ़ा दिया जाता है। इसके बदले मरीज से मोटी रकम वसूली जाती है।
-इस तरह की शिकायत नहीं मिली है। यदि मरीज के परिजन शिकायत करने आते हैं, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। डा.रामजी वर्मा, एसीएमओ