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तीन मंत्रियों के जिले में बिजली के लिए हाहाकार
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा
Updated Thu, 21 Apr 2016 12:58 AM IST
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दो कैबिनेट मंत्री महबूब अली-कमाल अख्तर और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के चेयरमैन जावेद आब्दी के जिले में गांव से शहर तक बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है। कहीं भी शेड्यूल का पालन नहीं हो रहा है तो फाल्ट ने भी नींद उड़ाकर रखी है। अफसरों की लापरवाही भी लोगों को भारी पड़ रही है। गर्मी में सुचारू आपूर्ति के लिए पहले से पर्याप्त तैयारी नहीं किए जाने से जिले को जो बिजली मिल भी रही है, वो भी उपभोक्ताओं तक पहुंच नहीं पा रही है।
जिला मुख्यालय के लिए 20 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल है तो ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। मगर ये दावे हकीकत से काफी दूर हैं। जिला मुख्यालय पर ही दस-12 घंटे की कटौती जारी है। ग्रामीण अंचलों में तो हाल बहुत बुरा है। वहां चंद घंटे आपूर्ति हो जाय, वही ग्रामीण खुद का नसीब मान बैठे हैं। इससे सिंचाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है। फसलें सूखने के कगार पर हैं और इंवर्टर फेल होने से लोगों की नींद उड़ी हुई है। दिनचर्या प्रभावित होने से लोगों की सेहत पर असर पड़ने लगा है।
अघोषित कटौती पर भड़के लोग
अघोषित बिजली कटौती को लेकर लोगों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। लोगों ने भारतीय एकता समाज के बैनर तले एसडीओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर आपूर्ति सुचारु करने की मांग की। 24 घंटे में अघोषित कटौती पर अंकुश नहीं लगाए जाने पर बेमियादी भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
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एकता समाज के प्रदेशाध्यक्ष साबिर सैफी के नेतृत्व में शहर के लोग बुधवार की दोपहर एसडीओ कार्यालय पहुंचे। यहां अघोषित कटौती को लेकर बिजली विभाग के अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि 20 घंटे का शेड्यूल होने के बाद सिर्फ 10-12 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।
रात में बिजली नहीं मिलने के कारण लोगों की रात की नींद हराम हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे में अघोषित कटौती पर अंकुश नहीं लगाए जाने पर एसडीओ कार्यालय के सामने बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई। इस मौके पर असलम अंसारी, अनवार अंसारी, दौलत राम प्रजापति, राम रतन सैनी, इमरान अली, इरशाद सैफी, पप्पू जाटव, भोजराज सिंह, अनिल वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
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जिला मुख्यालय के लिए 20 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल है तो ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है। मगर ये दावे हकीकत से काफी दूर हैं। जिला मुख्यालय पर ही दस-12 घंटे की कटौती जारी है। ग्रामीण अंचलों में तो हाल बहुत बुरा है। वहां चंद घंटे आपूर्ति हो जाय, वही ग्रामीण खुद का नसीब मान बैठे हैं। इससे सिंचाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है। फसलें सूखने के कगार पर हैं और इंवर्टर फेल होने से लोगों की नींद उड़ी हुई है। दिनचर्या प्रभावित होने से लोगों की सेहत पर असर पड़ने लगा है।
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अघोषित कटौती पर भड़के लोग
अघोषित बिजली कटौती को लेकर लोगों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। लोगों ने भारतीय एकता समाज के बैनर तले एसडीओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर आपूर्ति सुचारु करने की मांग की। 24 घंटे में अघोषित कटौती पर अंकुश नहीं लगाए जाने पर बेमियादी भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
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एकता समाज के प्रदेशाध्यक्ष साबिर सैफी के नेतृत्व में शहर के लोग बुधवार की दोपहर एसडीओ कार्यालय पहुंचे। यहां अघोषित कटौती को लेकर बिजली विभाग के अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि 20 घंटे का शेड्यूल होने के बाद सिर्फ 10-12 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।
रात में बिजली नहीं मिलने के कारण लोगों की रात की नींद हराम हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे में अघोषित कटौती पर अंकुश नहीं लगाए जाने पर एसडीओ कार्यालय के सामने बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई। इस मौके पर असलम अंसारी, अनवार अंसारी, दौलत राम प्रजापति, राम रतन सैनी, इमरान अली, इरशाद सैफी, पप्पू जाटव, भोजराज सिंह, अनिल वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।