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ऑटोलिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ : चेकिंग में धरे गए तीन वाहन चोर, 16 बाइक बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 28 Mar 2016 01:06 AM IST
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एसपी शिवा शिंपी चनप्पा ने रविवार दोपहर एक बजे इस संबंध में कोतवाली में प्रेस कांफ्रेंस की। बताया कि, शनिवार शाम साढ़े पांच बजे कोतवाली पुलिस गांधी मूर्ति के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार संभल के नखासा थाना क्षेत्र के देहपा गांव निवासी टिकेंद्र उर्फ गोलू और मोहित निवासी मंगूपुरा थाना रजबपुर को रोक लिया।
संदेह होने पर पूछताछ की गई तो दोनों आरोपियों ने बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने मंगूपुरा में छिपाई गईं 15 बाइक बरामद कीं। बताया कि, दोनों ने बाइक चोरी करने के बाद अपने साथी महेश निवासी लक्ष्मण वाली मढ़ैैयां से फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने महेश को भी गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
सीपीयू, स्कैनर, प्रिंटर, मॉनीटर, की-बोर्ड, माउस, डाट केबल, मोहरें, स्टांप पैड, कैंची स्टेपलर, तीन आरसी, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन फार्म, स्टांप पेपर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
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कोतवाली पुलिस की ओर से पकड़े गए आरोपियों के पास से बाइकों की तीन फर्जी आरसी भी बरामद की गई हैं। इससे आरटीओ के स्टाफ की साठगांठ की भी आशंका जताई जा रही है। इन्हीं के जरिये चोरी की बाइकों को बेचा जाता है।
वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े गए बाइक चोरों से पुलिस ने कई नोटरी बरामद की हैं, जो ब्लैंक पेपर पर जारी कर दी गई हैं। सीओ सिटी शील कुमार ने कहा कि जिस तरह से नोटरी मिली हैं, उससे लग रहा है कि इसमें नोटरी वाले भी शामिल हो सकते हैं। इसकी जांच कराई जाएगी।
एसआई दिवाकर उपाध्याय, देवेंद्र कुमार, सुनील कुमार मलिक, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, रामकुमार, अफजल, मोहम्मद रिजवान, अरुण, प्रदीप, चालक अनुज कुमार बाइक चोर पकड़ने वाली टीम में शामिल थे।
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संदेह होने पर पूछताछ की गई तो दोनों आरोपियों ने बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने मंगूपुरा में छिपाई गईं 15 बाइक बरामद कीं। बताया कि, दोनों ने बाइक चोरी करने के बाद अपने साथी महेश निवासी लक्ष्मण वाली मढ़ैैयां से फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने महेश को भी गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
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सीपीयू, स्कैनर, प्रिंटर, मॉनीटर, की-बोर्ड, माउस, डाट केबल, मोहरें, स्टांप पैड, कैंची स्टेपलर, तीन आरसी, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन फार्म, स्टांप पेपर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
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कोतवाली पुलिस की ओर से पकड़े गए आरोपियों के पास से बाइकों की तीन फर्जी आरसी भी बरामद की गई हैं। इससे आरटीओ के स्टाफ की साठगांठ की भी आशंका जताई जा रही है। इन्हीं के जरिये चोरी की बाइकों को बेचा जाता है।
वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े गए बाइक चोरों से पुलिस ने कई नोटरी बरामद की हैं, जो ब्लैंक पेपर पर जारी कर दी गई हैं। सीओ सिटी शील कुमार ने कहा कि जिस तरह से नोटरी मिली हैं, उससे लग रहा है कि इसमें नोटरी वाले भी शामिल हो सकते हैं। इसकी जांच कराई जाएगी।
एसआई दिवाकर उपाध्याय, देवेंद्र कुमार, सुनील कुमार मलिक, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, रामकुमार, अफजल, मोहम्मद रिजवान, अरुण, प्रदीप, चालक अनुज कुमार बाइक चोर पकड़ने वाली टीम में शामिल थे।