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Amroha News: टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ उबाल, कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
Fri, 12 Sep 2025 02:42 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:42 AM IST
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अमरोहा कलक्ट्रेट में मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपते शिक्षक। स्रोत शिक्ष
- फोटो : विद्यालय
अमरोहा। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने पर शिक्षकों में उबाल है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने कलक्ट्रेट प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर हुंकार भरी। उन्होंने टीईटी की अनिवार्यता को गलत बताया। इसके बाद सभी से संशोधन की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा।
टीईटी की अनिवार्यता किए जाने के विरोध में शिक्षक बृहस्पतिवार कलक्ट्रेट में इकट्ठा हुए और नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। कलक्ट्रेट में आयोजित एक बैठक में संघ के प्रदेश महामंत्री नरेश कौशिक ने कहा कि शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को उत्तीर्ण करना सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार को अध्यादेश लाकर शिक्षकों को राहत देनी चाहिए। नहीं तो शिक्षक आंदोलन के लिए विवश होगा और संसद भवन का भी घेराव किया जाएगा।
इस दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा गया। शिक्षकों ने कहा कि टीईटी में प्रतिभाग करने के लिए स्नातक व बीएड और बीटीसी प्रशिक्षण जरूरी है जबकि साल 2001 से से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षक इंटरमीडिएट एवं बीटीसी योग्यताधारी इस परीक्षा के लिए आवेदन ही नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों की आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित है जबकि एनसीटीई अधिसूचना व शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व सभी शिक्षक निर्धारित आयु सीमा से अधिक के हैं। इस कारण आवेदन ही नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा बीपीएड योग्यताधारी शिक्षक भी टीईटी परीक्षा में योग्यता पूरी न करने के कारण प्रतिभाग नहीं कर पाएंगे।
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कई लाख परिवार आ जाएंगे भुखमरी की कगार पर : जिलाध्यक्ष
संगठन के जिलाध्यक्ष विकास चौहान ने कहा कि 23 अगस्त 2010 के पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में निर्धारित शर्ताें के अनुसार आवेदन ही नहीं कर सकेंगे, इससे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन किस प्रकार संभव हो सकेगा। इस स्थिति में कई लाख शिक्षक परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में राजदीप सिंह, ज्योति चौधरी, मुकेश पंवार, राकेश चाहल, नीरज यादव, उषा त्यागी, विवेक शर्मा, कुलदीप त्यागी, टीकम सिंह, अपूर्वा चौधरी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।
महिला शिक्षकों ने भी जताया गुस्सा
अमरोहा। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में महिला शिक्षक संघ ने कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा। उन्होंने आदेश में संशोधन कराने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह के नेतृत्व महिला शिक्षक कलक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अपनी मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए निर्णय से शिक्षक-शिक्षिकाएं मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने आदेश में संशोधन किए जाने की मांग की है। इस दौरान मृणालिनी सिंह, रेनू वड्डा, ज्योति सिंह, प्रीति शर्मा, मनीषा सिंह, अपूर्वी चौधरी और मंजू सेन आदि मौजूद रहीं।
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टीईटी की अनिवार्यता किए जाने के विरोध में शिक्षक बृहस्पतिवार कलक्ट्रेट में इकट्ठा हुए और नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। कलक्ट्रेट में आयोजित एक बैठक में संघ के प्रदेश महामंत्री नरेश कौशिक ने कहा कि शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को उत्तीर्ण करना सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार को अध्यादेश लाकर शिक्षकों को राहत देनी चाहिए। नहीं तो शिक्षक आंदोलन के लिए विवश होगा और संसद भवन का भी घेराव किया जाएगा।
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इस दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा गया। शिक्षकों ने कहा कि टीईटी में प्रतिभाग करने के लिए स्नातक व बीएड और बीटीसी प्रशिक्षण जरूरी है जबकि साल 2001 से से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षक इंटरमीडिएट एवं बीटीसी योग्यताधारी इस परीक्षा के लिए आवेदन ही नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों की आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित है जबकि एनसीटीई अधिसूचना व शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व सभी शिक्षक निर्धारित आयु सीमा से अधिक के हैं। इस कारण आवेदन ही नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा बीपीएड योग्यताधारी शिक्षक भी टीईटी परीक्षा में योग्यता पूरी न करने के कारण प्रतिभाग नहीं कर पाएंगे।
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कई लाख परिवार आ जाएंगे भुखमरी की कगार पर : जिलाध्यक्ष
संगठन के जिलाध्यक्ष विकास चौहान ने कहा कि 23 अगस्त 2010 के पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में निर्धारित शर्ताें के अनुसार आवेदन ही नहीं कर सकेंगे, इससे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन किस प्रकार संभव हो सकेगा। इस स्थिति में कई लाख शिक्षक परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में राजदीप सिंह, ज्योति चौधरी, मुकेश पंवार, राकेश चाहल, नीरज यादव, उषा त्यागी, विवेक शर्मा, कुलदीप त्यागी, टीकम सिंह, अपूर्वा चौधरी समेत बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।
महिला शिक्षकों ने भी जताया गुस्सा
अमरोहा। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में महिला शिक्षक संघ ने कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा। उन्होंने आदेश में संशोधन कराने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह के नेतृत्व महिला शिक्षक कलक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अपनी मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए निर्णय से शिक्षक-शिक्षिकाएं मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने आदेश में संशोधन किए जाने की मांग की है। इस दौरान मृणालिनी सिंह, रेनू वड्डा, ज्योति सिंह, प्रीति शर्मा, मनीषा सिंह, अपूर्वी चौधरी और मंजू सेन आदि मौजूद रहीं।