{"_id":"6279742cad98f349306aec80","slug":"am-hasanpur-news-mbd4274727107","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ माह पहले हुई थी आकाश की शादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ माह पहले हुई थी आकाश की शादी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रहरा। रहरा गांव मार्ग पर सोमवार देरशाम आदमपुर मोड़ के पास बाइकों की भिड़ंत में मरने वाले हसनपुर के कालाशहीद निवासी आकाश की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
बताते हैं कि आकाश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी करीब आठ माह पहले ही शादी हुई थी। आकाश गजरौला के हवेली होटल में काम करता था। सोमवार को आकाश अपने मोहल्ले के दोस्त कपिल के साथ संभल जनपद के कस्बा गवां के पास स्थित एक गांव में दोस्त की शादी में शामिल होने गया था। वहां से देरशाम लौटते समय हुए हादसे में उसकी जान चली गई। पत्नी का रो-रोकर बुराहाल है। जानकारी मिलने पर परिजन रात में ही रहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए।
रहरा। आदमपुर थाना क्षेत्र में दो बाइकों की भिड़ंत में मासूम बच्ची समेत जिन पांच लोगों की मौत हुई है। उन्होंने यातायात के नियमों का पालन नहीं किया था। पुलिस का कहना है कि दोनों बाइकों पर किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। जबकि एक बाइक पर तो छह लोग सवार थे। उन्होंने बाइक को टेपों बना लिया था।
विज्ञापन
पुलिस का कहना है कि यदि वह यातायात के नियमों का पालन करते तो शायद उनकी जान बच सकती थी। गवां की दिशा से लौट रहे आकाश एवं कपिल ने भी हेलमेट नहीं पहना था। जबकि हसनपुर की दिशा से बरात से लौट रहे बाइक सवार छह लोगों ने तो सारी हदें ही पार कर दी थीं। थानाध्यक्ष कृपाल सिंह का कहना है कि बाइक सवारों ने किसी ने भी अगर यातायात के नियमों का पालन किया होता तो शायद उनकी जान बच जाती।
रहरा। सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खडगवंशी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी की। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर बिलख रहे परिजनों को संभाला। उन्हें सांत्वना दी। सरकार से हर संभव मदद कराने का भरोसा दिया।
हसनपुर। आदमपुर क्षेत्र में सड़क हादसे में जान गवाने वाली मासूम बच्ची छवि को उसका पिता बरात में नहीं ले जाना चाहता था। उसने बरात में जाने के लिए बेटी से बहुत मना किया था, लेकिन वह रोने लगी और बरात में जाने की जिद करने लगी। जिसके बाद उसे बिजेंद्र बरात में ले गया लेकिन उसे क्या मालूम था कि वह जिंदगी का आखिरी सफर करेगी। खुद पिता की हालत भी नाजुक बनी हुई है।
थोड़ी सी खेतीबाड़ी एवं मजदूरी से परिवार का पालन पोषण करने वाले बिजेंद्र के दो बच्चों में छवि बड़ी थी। उससे छोटा एक बेटा और है। इसके अलावा मृतक सतपाल ने अपने पीछे पत्नी के अलावा एक बेटा लवकुश छोड़ा है। लवकुश भी उसी हादसे में घायल हुआ है। जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतक नरेश की अपनी पत्नी से अनबन चल रही है। काफी समय पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी है। जबकि मृतक किसान फूल सिंह ने अपने पीछे दो बेटे एवं एक बेटी छोड़ी है। जिसमें एक बेटा एवं एक बेटी की शादी हो चुकी है।
विज्ञापन
बताते हैं कि आकाश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी करीब आठ माह पहले ही शादी हुई थी। आकाश गजरौला के हवेली होटल में काम करता था। सोमवार को आकाश अपने मोहल्ले के दोस्त कपिल के साथ संभल जनपद के कस्बा गवां के पास स्थित एक गांव में दोस्त की शादी में शामिल होने गया था। वहां से देरशाम लौटते समय हुए हादसे में उसकी जान चली गई। पत्नी का रो-रोकर बुराहाल है। जानकारी मिलने पर परिजन रात में ही रहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए।
विज्ञापन
रहरा। आदमपुर थाना क्षेत्र में दो बाइकों की भिड़ंत में मासूम बच्ची समेत जिन पांच लोगों की मौत हुई है। उन्होंने यातायात के नियमों का पालन नहीं किया था। पुलिस का कहना है कि दोनों बाइकों पर किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। जबकि एक बाइक पर तो छह लोग सवार थे। उन्होंने बाइक को टेपों बना लिया था।
विज्ञापन
पुलिस का कहना है कि यदि वह यातायात के नियमों का पालन करते तो शायद उनकी जान बच सकती थी। गवां की दिशा से लौट रहे आकाश एवं कपिल ने भी हेलमेट नहीं पहना था। जबकि हसनपुर की दिशा से बरात से लौट रहे बाइक सवार छह लोगों ने तो सारी हदें ही पार कर दी थीं। थानाध्यक्ष कृपाल सिंह का कहना है कि बाइक सवारों ने किसी ने भी अगर यातायात के नियमों का पालन किया होता तो शायद उनकी जान बच जाती।
रहरा। सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खडगवंशी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी की। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर बिलख रहे परिजनों को संभाला। उन्हें सांत्वना दी। सरकार से हर संभव मदद कराने का भरोसा दिया।
हसनपुर। आदमपुर क्षेत्र में सड़क हादसे में जान गवाने वाली मासूम बच्ची छवि को उसका पिता बरात में नहीं ले जाना चाहता था। उसने बरात में जाने के लिए बेटी से बहुत मना किया था, लेकिन वह रोने लगी और बरात में जाने की जिद करने लगी। जिसके बाद उसे बिजेंद्र बरात में ले गया लेकिन उसे क्या मालूम था कि वह जिंदगी का आखिरी सफर करेगी। खुद पिता की हालत भी नाजुक बनी हुई है।
थोड़ी सी खेतीबाड़ी एवं मजदूरी से परिवार का पालन पोषण करने वाले बिजेंद्र के दो बच्चों में छवि बड़ी थी। उससे छोटा एक बेटा और है। इसके अलावा मृतक सतपाल ने अपने पीछे पत्नी के अलावा एक बेटा लवकुश छोड़ा है। लवकुश भी उसी हादसे में घायल हुआ है। जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतक नरेश की अपनी पत्नी से अनबन चल रही है। काफी समय पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी है। जबकि मृतक किसान फूल सिंह ने अपने पीछे दो बेटे एवं एक बेटी छोड़ी है। जिसमें एक बेटा एवं एक बेटी की शादी हो चुकी है।