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Amroha News: जब्दा ग्राम पंचायत में 17 लाख से अधिक के गबन का आरोप
Wed, 28 Oct 2026 11:48 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:48 PM IST
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अमरोहा। ब्लॉक अमरोहा की ग्राम पंचायत जब्दा में सरकारी योजनाओं के धन के दुरुपयोग और फर्जी बिलों से भुगतान करने का आरोप लगा है। गांव निवासी सुरेंद्र सिंह ने डीएम कार्यालय में शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रशासक और पंचायत सचिव के कार्यकाल में हुए भुगतानों की जांच कराने की मांग की है। आरोप है के पूर्व प्रधान के खाते में बची करीब 17 लाख रुपये की धनराशि भी फर्जी प्रस्ताव और बिल-वाउचर के जरिये निकाली गई है।
सुरेंद्र सिंह के मुताबिक मनरेगा में फर्जी मस्टररोल और हाजिरी दर्शाकर छह से आठ लाख रुपये की मजदूरी के भुगतान में अनियमितता की गई। उन्होंने मृत और बाहर रहने वाले लोगों के नाम पर भुगतान होने का भी आरोप लगाया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में दोहरा भुगतान, जल जीवन मिशन में पाइपलाइन और पानी की टंकी की मरम्मत के नाम पर कागजों में काम दिखाया गया। 15वें वित्त आयोग की धनराशि के दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि पुलियों की मरम्मत, पुराने खड़ंजे की ईंटों, सफाई, नाला मरम्मत और हैंडपंप रीबोर के कार्यों में भी अनियमितता की गई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी, संबंधित अभियंता और जिला लेखा अधिकारी की संयुक्त टीम से गांव में कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराकर दोषी पाए जाने पर एफआईआर, सरकारी धन की वसूली और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। जिला पंचायतराज अधिकारी नितिन कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने पर गांव में जांच कराई जाएगी। प्रशासक उमाशंकर का कहना है कि आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। इस पूरे मामले की जांच करा ली जाए। उसमें सब सामने आ जाएगा।
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सुरेंद्र सिंह के मुताबिक मनरेगा में फर्जी मस्टररोल और हाजिरी दर्शाकर छह से आठ लाख रुपये की मजदूरी के भुगतान में अनियमितता की गई। उन्होंने मृत और बाहर रहने वाले लोगों के नाम पर भुगतान होने का भी आरोप लगाया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में दोहरा भुगतान, जल जीवन मिशन में पाइपलाइन और पानी की टंकी की मरम्मत के नाम पर कागजों में काम दिखाया गया। 15वें वित्त आयोग की धनराशि के दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि पुलियों की मरम्मत, पुराने खड़ंजे की ईंटों, सफाई, नाला मरम्मत और हैंडपंप रीबोर के कार्यों में भी अनियमितता की गई। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी, संबंधित अभियंता और जिला लेखा अधिकारी की संयुक्त टीम से गांव में कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराकर दोषी पाए जाने पर एफआईआर, सरकारी धन की वसूली और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। जिला पंचायतराज अधिकारी नितिन कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने पर गांव में जांच कराई जाएगी। प्रशासक उमाशंकर का कहना है कि आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। इस पूरे मामले की जांच करा ली जाए। उसमें सब सामने आ जाएगा।
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