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एमएलसी के टिकट के लिए दो करोड़ खर्चे थे आफाक ने
पुष्पेंद्र शर्मा/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 05 Sep 2016 01:15 AM IST
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- फोटो : amarujala
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सेक्स रैकेट सरगना आफाक बाकरी ने एमएलसी टिकट के लिए अपने करीबी सपा नेता के माध्यम से दो करोड़ रूपए लगवाए थे। लेकिन सपा द्वारा पहले ही कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बेटे परवेज को एमएलसी का टिकट देना तय हो गया था। एमएलसी चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उसकी नजर विधानसभा चुनाव पर टिकीं हुई थीं।
एमएलसी चुनाव नजदीक आते ही आफाक बाकरी ने अपने करीबी सपा के बड़े नेता के माध्यम से टिकट के लिए खूब जोर लगाए। पैसे खर्चने के बाद भी उसे टिकट नहीं मिल सका था। उसकी जगह टिकट एक कैबिनेट मंत्री के बेटे को मिल गया था। बताया जाता है कि बाकरी से इससे बेहद खफा था।
उसकी नेताओं से अंदरखाने सेटिंग कहिए या पोल खुलने का डर। आफाक बाकरी को विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट दिलवाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद वह बमुश्किल शांत हुआ। हाल के दिनों में वह विधानसभा चुनाव के लिए अपनी सियासी फील्डिंग सजाने में जुटा था।
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दौलत की खातिर मां के नक्शे कदम पर चली थी सायरा
आफाक बाकरी व इसकी पत्नी सायरा बेगम के बारे में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पता चला सायरा बेगम की मां जीबी नगर में कोठा चलाती थी। काले धंधे की काली कमाई ने सायरा को भी चकाचौंध कर दिया था। मां के धंधे को आगे बढ़ाने के लिए सायरा को ऐसे शातिर शख्स की जरूरत थी, जो सेक्स रैकेट चलाने में उसकी मदद करे। गलत धंधे के कारण समाज और बिरादरी के लोग उसे हेय दृष्टि से देखते थे। कोई उससे शादी को भी तैयार नहीं था।
उधर आफाक के घर की हालत बेहद खराब थी। वह कस्बे और आसपास के किसानों के खेतों में मजदूरी करता था। इस मजदूरी से वह संतुष्ट नहीं था। महत्वाकांक्षी होने के कारण वह बेलदारी करने के लिए दिल्ली चला गया था। शाम करते हुए वह सायरा बेगम के कोठे पर गया। जैसा शख्स सायरा चाहती थी, वैसा ही उसे उझारी निवासी आफाक मिला। उसने न केवल सायरा बेगम से शादी की बल्कि उसके धंधे को शिखर तकर पहुंचाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों, राजनैतिक हस्तियों, धर्म गुरुओं से पहुंच का उसने बखूबी फायदा उठाया। इसी रुतबे के चलते पुलिस उस पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं करती थी। मां द्वारा शुरू किए गए सेक्स रैकेट को सायरा बेगम और इसका शौहर आफाक मिलकर चला रहे थे। इनका धंधा खाड़ी मुल्कों तक फैल गया था।
आफाक के अमरोहा से कनेक्शन की जानकारी की जा रही है। अभी अमरोहा से गायब किसी लड़की के मामले में उससे कनेक्शन नहीं मिले हैं। गोपनीय जानकारी की जा रही है। दिल्ली पुलिस की ओर से अभी कोई संपर्क नहीं किया गया है।
उदय शंकार सिंह, एएसपी अमरोहा
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एमएलसी चुनाव नजदीक आते ही आफाक बाकरी ने अपने करीबी सपा के बड़े नेता के माध्यम से टिकट के लिए खूब जोर लगाए। पैसे खर्चने के बाद भी उसे टिकट नहीं मिल सका था। उसकी जगह टिकट एक कैबिनेट मंत्री के बेटे को मिल गया था। बताया जाता है कि बाकरी से इससे बेहद खफा था।
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उसकी नेताओं से अंदरखाने सेटिंग कहिए या पोल खुलने का डर। आफाक बाकरी को विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट दिलवाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद वह बमुश्किल शांत हुआ। हाल के दिनों में वह विधानसभा चुनाव के लिए अपनी सियासी फील्डिंग सजाने में जुटा था।
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दौलत की खातिर मां के नक्शे कदम पर चली थी सायरा
आफाक बाकरी व इसकी पत्नी सायरा बेगम के बारे में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पता चला सायरा बेगम की मां जीबी नगर में कोठा चलाती थी। काले धंधे की काली कमाई ने सायरा को भी चकाचौंध कर दिया था। मां के धंधे को आगे बढ़ाने के लिए सायरा को ऐसे शातिर शख्स की जरूरत थी, जो सेक्स रैकेट चलाने में उसकी मदद करे। गलत धंधे के कारण समाज और बिरादरी के लोग उसे हेय दृष्टि से देखते थे। कोई उससे शादी को भी तैयार नहीं था।
उधर आफाक के घर की हालत बेहद खराब थी। वह कस्बे और आसपास के किसानों के खेतों में मजदूरी करता था। इस मजदूरी से वह संतुष्ट नहीं था। महत्वाकांक्षी होने के कारण वह बेलदारी करने के लिए दिल्ली चला गया था। शाम करते हुए वह सायरा बेगम के कोठे पर गया। जैसा शख्स सायरा चाहती थी, वैसा ही उसे उझारी निवासी आफाक मिला। उसने न केवल सायरा बेगम से शादी की बल्कि उसके धंधे को शिखर तकर पहुंचाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों, राजनैतिक हस्तियों, धर्म गुरुओं से पहुंच का उसने बखूबी फायदा उठाया। इसी रुतबे के चलते पुलिस उस पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं करती थी। मां द्वारा शुरू किए गए सेक्स रैकेट को सायरा बेगम और इसका शौहर आफाक मिलकर चला रहे थे। इनका धंधा खाड़ी मुल्कों तक फैल गया था।
आफाक के अमरोहा से कनेक्शन की जानकारी की जा रही है। अभी अमरोहा से गायब किसी लड़की के मामले में उससे कनेक्शन नहीं मिले हैं। गोपनीय जानकारी की जा रही है। दिल्ली पुलिस की ओर से अभी कोई संपर्क नहीं किया गया है।
उदय शंकार सिंह, एएसपी अमरोहा