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Amroha News: जागा प्रशासन, पंचायत सचिव करेंगे बान नदी का सर्वे

Thu, 23 Jan 2025 02:20 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Thu, 23 Jan 2025 02:20 AM IST
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Administration woke up, Panchayat Secretary will do survey of Ban river
अमरोहा।
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सिमट रही बान नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए अमर उजाला की मुहिम के बाद प्रशासन ने भी सुध ली है। नदी के अतिक्रमण को दूर करने के लिए सीडीओ ने बीडीओ को सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित पंचायत सचिव सर्वे कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। जिसके बाद नदी के पुराने स्वरूप में लाने के लिए कब्जा मुक्त कराने का अभियान भी चलाया जाएगा।
बान नदी जिले की प्रमुख नदियों में से एक है। नदियां जल संरक्षण और सिंचाई का प्रमुख स्रोत रही हैं, लेकिन आज के समय में नदियाें का स्वरूप बदलता जा रहा है। बताते हैं कि एक समय था जब बान नदी काफी चौड़ी थी। वर्तमान में अतिक्रमण के चलते बान नदी नाले का रूप ले चुकी है। कहीं पर तीन से चार मीटर तो कहीं पर कुछ अधिक चौड़ाई में बान नदी नाले के रूप में दिखाई देती है। कभी वर्ष भर पानी से सराबोर रहने वाली बान नदी नाला वर्तमान में जगह-जगह सूखा नजर आता है।
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जिले में 47 किलोमीटर लंबाई से गुजरने वाली इस नदी की जमीन पर कई गांवों में किसानों का कब्जा हो गया है। इसके चलते नदी का अस्तित्व खोने लगा है। नदी के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए अब प्रशासन भी आगे आया है।
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सीडीओ अश्वनी कुमार का कहना है कि जिले में नदियों को बचाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बान नदी जिले से गुजरने वाली महत्वपूर्ण नदी है। नदी को पुनर्जीवित करने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने शुरुआती दौर में बीडीओ अमरोहा को बान नदी के सर्वे के निर्देश दिए हैं। संबंधित पंचायत सचिवों को सर्वे की जिम्मेदारी गई है। सीडीओ ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद नदी को उसके पुराने स्वरूप में लाने की कवायद शुरू की जाएगी।
नदी की जगह निकाल दी चकरोड
बान नदी पर कब्जे का आलम यह है कि किसानों ने नदी के बीच में चकरोड निकाल दी और उसके किनारे कूड़ा डालना भी शुरू कर दिया। गांव में फूलपुर अदलपुर में बान नदी अपना अस्तित्व पूरी तरह खो चुकी है। देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यहां से कभी नदी भी गुजरती होगी। इसके अलावा जलीलपुर बक्काल भी इसी तरह की स्थिति है।

- नदी के अस्तित्व को बचाने का यह अभियान सराहनीय है। बान नदी के खोये अस्तित्व को वापस लाने के लिए जो भी जरूरी प्रयास होंगे वह किए जाएंगे। फिलहाल नदी के सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
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