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Amroha News: हाईवे पर हादसों का सफर... कई नए ब्लैक स्पॉट बने
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अमरोहा। हाईवे पर सफर खतरनाक साबित हो रहा है। कई नए ब्लैक स्पॉट बन गए हैं। हालांकि पिछले सालों के मुकाबले इस साल हादसों में कमी आई है। लेकिन हाईवे पर हादसे में इजाफा हुआ है। छह लेन हाईवे वाहनों की तेज रफ्तार दौड़ते हैं। जो कई बार हादसे का कारण बन जाते हैं। स्थिति ये है कि रजबपुर बाईपास, अतरासी चौराहा, डिडौली, चौधरपुर ओवरब्रिज और बुढ़नपुर में सबसे अधिक हादसे हुए हैं। जिले में पहले 13 ब्लैक स्पॉट थे, जिन्हें अधिकारियों ने खत्म कर दिया और नए अभी चिह्नित नहीं किए हैं।
इस साल अप्रैल 2023 से एक सितंबर 2023 तक जनपद में 207 सड़क हादसे हुए हैं। जिसमें 119 लोगों की मौत हुई है। जबकि 243 लोग घायल हुए हैं। ये संख्या पिछले साल के मुकाबले कम हैं। आंकड़ों की बात करें तो अप्रैल 2022 से एक सितंबर 2022 तक 287 हादसे हुए थे। जबकि 200 लोगों ने जान गंवाई थी। इन हादसों में 122 लोग घायल हो गए थे। पिछले साल के मुकाबले इस साल घायल होने वालों की संख्या में 9.46 फीसदी की वृद्धि हुई है। बड़ी बात ये है कि सबसे ज्यादा हादसे हाईवे पर हुए हैं।
छह महीने में 119 लोगों की मौत होना जिले के लिए कलंक से कम नहीं है। पुलिस के मुताबिक रजबपुर बाईपास, चौधरपुर ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार की वजह से हादसे होते हैं। जबकि डिडौली और बुढ़नपुर में अवैध कट के कारण कई लोगों की जान चली गई है। वहीं अतरासी चौराहे पर सर्विस लेन के लिए वाहन मोड़ते समय हादसे बढ़ गए हैं। इसके अलावा हाईवे किनारे जगह-जगह वाहन खड़े करना भी हादसों की वजह बना है।
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सड़क पार करते समय होते हैं हादसे
श्योनाली में एक तरफ से दूसरी ओर जाने के लिए डिडौली के पुल के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, लेकिन किसी को पैदल सड़क पार करनी हो तो वह डिडौली पुल तक नहीं जा सकता है। जिवाई चौकी के पास फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर आते और जाते हैं। वह मजबूरी में रोड पार करते हुए हादसे का शिकार हो जाते हैं। उधर चौधरपुर में हादसे की वजह भी जल्दी में सड़क पार करना है। यहां पर किसी तरह का संकेतक नहीं है।
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अवैध कट से हो रहे हादसे
नेशनल हाईवे पर बने अवैध कट हादसों का सबब बन रहे हैं। जोया से लेकर पाकबड़ा तक कई जगह अवैध कट है और यहां संकेतक नहीं है। लोग अज्ञानता के चलते हादसे का शिकार हो रहे हैं। इस बीच में पुलिस प्रशासन ध्यान नहीं देता है वहां पर होमगार्ड तक तैनात नहीं रहते हैं। परिवहन विभाग और प्रशासन हादसों को लेकर अवैध कटों पर कोई भी कदम नहीं उठा रहा है।
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पहले यहां बने थे ब्लैक स्पॉट, अब नहीं
जिले में परिवहन विभाग, पुलिस व पीडब्ल्यूडी संयुक्त रूप से ब्लैक स्पॉट चिह्नित करते हैं। पहले गजरौला के ख्यालीपुर ढाल, यूएस फूड कट, भानपुर फाटक, मार्शल फार्म व सकरथली के अलावा रजबपुर में झनकपुरी, अतरासी चौराहा, हसनुपर में कालाखेड़ा, शाहपुरकलां, हाकपुर और आदमपुर में बुरावली, रहरा, गुरैटा भट्ठा, दौरारा मौड़ में ब्लैक स्पॉट बनाए गए थे। लेकिन प्रशासन की ओर से खत्म कर दिया गया। लेकिन हाईवे सिक्स लेन होने के बाद दोबारा ब्लैक स्पॉट चिह्नित नहीं किए गए हैं।
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केस-एक
दो नंबर की रात हाईवे स्थित रजबपुर बाइपास पर तेज रफ्तार के कारण पीछे से आ रही कार ने दूसरी कार को टक्कर मार दी। जिससे में गाजियाबाद के रहने वाले योगिंद्र सिंह की मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी सोनी घायल हो गई थी।
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केस-दो
27 नवंबर की तड़के पांच बजे अतरासी चौराहा स्थित सर्विस लेने पर बाइक मोड़ते समय पीछे से आ रही डीसीएम ने बाइक को टक्कर मार दी थी। जिसमें नूरपुर बिजनौर के रहने वाले प्रमोद की मौत हो गई थी।
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केस-तीन
तीन सितंबर को मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जा रही रोडवेज बस ने हाईवे पर बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इसमें नोएडा के गांव तिलथली निवासी रिजवान और नंगला हुकुम सिंह गांव के अरुण की मौत हो गई थी। ये हादसा चौधरपुर ओवरब्रिज पर हुआ था। हादसे का कारण रोडवेज बस की तेज रफ्तार बनी।
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केस-चार
बारह अक्तूबर को डिडौली कोतवाली के सामने ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार डीसीएम ने कार को साइड में रोककर पिंचर जोड़ते समय चार दोस्तों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में हसनुपर के सिहाली जागीर निवासी पौध विक्रेता रवि कुमार की मौत हो गई थी।
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केस-पांच
दो दिसंबर की दोपहर डिडौली में अवैध कट पार करते समय हसनपुर के सोहरका का गांव निवासी कौशल्या की मौत हो गई। चौबीस घंटे बाद उनकी पहचान हो सकती थी। इस अवैध कट पर कई हादसे पहले भी हो चुके हैं।
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वर्ष-- -- -- -- -- -- हादसे-- -- -- -- -- -- -- -मौत-- -- -- -- -- -- -- -- घायल
2021-- -- -- -- -- -226-- -- -- -- -- -- -- -- 131-- -- -- -- -- -- -- -- -177
2022-- -- -- -- -- -287-- -- -- -- -- -- -- -- -200-- -- -- -- -- -- -- -- 122
2023-- -- -- -- -- 207-- -- -- -- -- -- -- -- -- 119-- -- -- -- -- -- -- -- -246
नोट: तीनों साल के ये आंकड़े अप्रैल से एक सितंबर तक के हैं।
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सड़क हादसे रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। नियम तोड़ने वालों के चालान भी किए जाते हैं। सड़क हादसों के बचने के लिए वाहन चालकाें को भी जागरूक होना पड़ेगा। सड़क पर सुरक्षित चलना सभी की जिम्मेदारी है।-राजीव कुमार सिंह, एएसपी अमरोहा
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इस साल अप्रैल 2023 से एक सितंबर 2023 तक जनपद में 207 सड़क हादसे हुए हैं। जिसमें 119 लोगों की मौत हुई है। जबकि 243 लोग घायल हुए हैं। ये संख्या पिछले साल के मुकाबले कम हैं। आंकड़ों की बात करें तो अप्रैल 2022 से एक सितंबर 2022 तक 287 हादसे हुए थे। जबकि 200 लोगों ने जान गंवाई थी। इन हादसों में 122 लोग घायल हो गए थे। पिछले साल के मुकाबले इस साल घायल होने वालों की संख्या में 9.46 फीसदी की वृद्धि हुई है। बड़ी बात ये है कि सबसे ज्यादा हादसे हाईवे पर हुए हैं।
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छह महीने में 119 लोगों की मौत होना जिले के लिए कलंक से कम नहीं है। पुलिस के मुताबिक रजबपुर बाईपास, चौधरपुर ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार की वजह से हादसे होते हैं। जबकि डिडौली और बुढ़नपुर में अवैध कट के कारण कई लोगों की जान चली गई है। वहीं अतरासी चौराहे पर सर्विस लेन के लिए वाहन मोड़ते समय हादसे बढ़ गए हैं। इसके अलावा हाईवे किनारे जगह-जगह वाहन खड़े करना भी हादसों की वजह बना है।
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सड़क पार करते समय होते हैं हादसे
श्योनाली में एक तरफ से दूसरी ओर जाने के लिए डिडौली के पुल के अलावा और कोई विकल्प नहीं है, लेकिन किसी को पैदल सड़क पार करनी हो तो वह डिडौली पुल तक नहीं जा सकता है। जिवाई चौकी के पास फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर आते और जाते हैं। वह मजबूरी में रोड पार करते हुए हादसे का शिकार हो जाते हैं। उधर चौधरपुर में हादसे की वजह भी जल्दी में सड़क पार करना है। यहां पर किसी तरह का संकेतक नहीं है।
अवैध कट से हो रहे हादसे
नेशनल हाईवे पर बने अवैध कट हादसों का सबब बन रहे हैं। जोया से लेकर पाकबड़ा तक कई जगह अवैध कट है और यहां संकेतक नहीं है। लोग अज्ञानता के चलते हादसे का शिकार हो रहे हैं। इस बीच में पुलिस प्रशासन ध्यान नहीं देता है वहां पर होमगार्ड तक तैनात नहीं रहते हैं। परिवहन विभाग और प्रशासन हादसों को लेकर अवैध कटों पर कोई भी कदम नहीं उठा रहा है।
पहले यहां बने थे ब्लैक स्पॉट, अब नहीं
जिले में परिवहन विभाग, पुलिस व पीडब्ल्यूडी संयुक्त रूप से ब्लैक स्पॉट चिह्नित करते हैं। पहले गजरौला के ख्यालीपुर ढाल, यूएस फूड कट, भानपुर फाटक, मार्शल फार्म व सकरथली के अलावा रजबपुर में झनकपुरी, अतरासी चौराहा, हसनुपर में कालाखेड़ा, शाहपुरकलां, हाकपुर और आदमपुर में बुरावली, रहरा, गुरैटा भट्ठा, दौरारा मौड़ में ब्लैक स्पॉट बनाए गए थे। लेकिन प्रशासन की ओर से खत्म कर दिया गया। लेकिन हाईवे सिक्स लेन होने के बाद दोबारा ब्लैक स्पॉट चिह्नित नहीं किए गए हैं।
केस-एक
दो नंबर की रात हाईवे स्थित रजबपुर बाइपास पर तेज रफ्तार के कारण पीछे से आ रही कार ने दूसरी कार को टक्कर मार दी। जिससे में गाजियाबाद के रहने वाले योगिंद्र सिंह की मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी सोनी घायल हो गई थी।
केस-दो
27 नवंबर की तड़के पांच बजे अतरासी चौराहा स्थित सर्विस लेने पर बाइक मोड़ते समय पीछे से आ रही डीसीएम ने बाइक को टक्कर मार दी थी। जिसमें नूरपुर बिजनौर के रहने वाले प्रमोद की मौत हो गई थी।
केस-तीन
तीन सितंबर को मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जा रही रोडवेज बस ने हाईवे पर बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इसमें नोएडा के गांव तिलथली निवासी रिजवान और नंगला हुकुम सिंह गांव के अरुण की मौत हो गई थी। ये हादसा चौधरपुर ओवरब्रिज पर हुआ था। हादसे का कारण रोडवेज बस की तेज रफ्तार बनी।
केस-चार
बारह अक्तूबर को डिडौली कोतवाली के सामने ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार डीसीएम ने कार को साइड में रोककर पिंचर जोड़ते समय चार दोस्तों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में हसनुपर के सिहाली जागीर निवासी पौध विक्रेता रवि कुमार की मौत हो गई थी।
केस-पांच
दो दिसंबर की दोपहर डिडौली में अवैध कट पार करते समय हसनपुर के सोहरका का गांव निवासी कौशल्या की मौत हो गई। चौबीस घंटे बाद उनकी पहचान हो सकती थी। इस अवैध कट पर कई हादसे पहले भी हो चुके हैं।
वर्ष
2021
2022
2023
नोट: तीनों साल के ये आंकड़े अप्रैल से एक सितंबर तक के हैं।
सड़क हादसे रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। नियम तोड़ने वालों के चालान भी किए जाते हैं। सड़क हादसों के बचने के लिए वाहन चालकाें को भी जागरूक होना पड़ेगा। सड़क पर सुरक्षित चलना सभी की जिम्मेदारी है।-राजीव कुमार सिंह, एएसपी अमरोहा