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नाले में गिरकर 11 माह के मासूम की मौत, कोहराम
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 13 Aug 2016 01:32 AM IST
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नौगावां सादात के बुद्व बाजार में नाले में गिरने से मासूम की मौत पर प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : amar ujala
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कस्बे के बुध बाजार क्षेत्र में 7-8 फीट गहरे नाले में गिरने से 11 माह के मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने खोजबीन की तो बच्चे का शव नाले में उतराता मिला। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। खुले नाले को लेकर ग्रामीणों नजर पंचायत के खिलाफ आक्रोश जताया है।
कस्बे के बुध बाजार में पशु व्यापारी परवेज का मकान है। शुक्रवार को परवेज जुमे की नमाज अदा करने मस्जिद गए थे। पत्नी घर के कामकाज में उलझी हुई थी। उनका 11 माह का बेटा शौर्यान घर में ही वाकर पर खेल रहा था। कामकाज में उसकी पत्नी की नजर बेटे से हट गई। शोर्यान वाकर से निकल कर बाहर की ओर चला गया।
खेलते-खेलते आठ फीट गहरे नाले में जा गिरा। कुछ देर बाद जब वो नजर नहीं आया तो मां ने खोजबीन शुरू की। इस दौरान परवेज भी घर पर आ गए। बच्चे के घर में न मिलने पर बाहर उसकी तलाश की गई। इस दौरान बच्चे का शव नाले में उतराता हुआ मिला। ये देख परिजनों की चीख निकल गई। पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
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बच्चे को नाले से निकाला गया, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी। बच्चे की सांसे थम चुकी थी। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। परवेज की एक बेटी है। दो बेटियों की जन्म के समय ही मौत हो गई थी। तीन बेटियों पर ये बेटा हुआ था। पिता के भी आंसू नहीं रुक रहे थे।
नगर पंचायत की कोताही पर भड़के, प्रदर्शन
नौगावां सादात। कस्बे में लोगों के घरों के सामने से हो कर गुजर रहा छह फीट चौड़ा नाला पहले भी बच्चे की जान ले चुका है। उस समय भी लोगों ने प्रदर्शन कर नाले को ढकवाने की मांग उठाई थी। हुसैनी चौक पर भी प्रदर्शन कर लोगों ने नगर पंचायत से ये मांग की थी, लेकिन नपं प्रशासन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
इसकी कीमत एक और मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। इससे भड़के नगरवासियों एक बार फिर नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर खुले नाले को ढकवाने की मांग की।
कस्बे में अट्ठासी की पुलिया ले पापड़ तक छह फीट चौड़ा और सात फीट गहरा नाला बना हुआ है। नाले को ढकवाया नहीं गया है। नाले के किनारे मकान भी बने। आए दिन नाले में कोई न कोई दुर्घटनाग्रस्त होता रहता है। नगरवासी कई बार लिखित में और मौखिक रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष से नाले को ढकवाने की शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
19 मई तो दिल्ली से अपने ननिहाल आए बालक अयान की भी नाले में गिरने से मौत हो गई थी। उस समय भी नागरिकों ने प्रदर्शन किया था। इससे पहले भी हुसैनी चौक पर नागरिकों ने प्रदर्शन कर नाले के ढकवाने की मांग की थी। नागरिकों ने कहा कि नपं की हीलाहवाली लोगों को जान पर बनी हुई है। उन्होंने नाला न ढकवाने पर उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। हाजी इश्तियाक, जहीर अहमद, कल्लू, तहकीक, कलुवा, अतीक, लताफत, मतलूब, बाबू, शफीक आदि रहे।
नाले को ढकवाने के लिए स्लैब डाले जा रहे हैं। इस संबंध में डीएम से भी बात की जा रही है। जल्द ही नाले को ढकवाने का कार्य शुरू किया जाएगा
सुनील कुमार वर्मा, ईओ
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कस्बे के बुध बाजार में पशु व्यापारी परवेज का मकान है। शुक्रवार को परवेज जुमे की नमाज अदा करने मस्जिद गए थे। पत्नी घर के कामकाज में उलझी हुई थी। उनका 11 माह का बेटा शौर्यान घर में ही वाकर पर खेल रहा था। कामकाज में उसकी पत्नी की नजर बेटे से हट गई। शोर्यान वाकर से निकल कर बाहर की ओर चला गया।
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खेलते-खेलते आठ फीट गहरे नाले में जा गिरा। कुछ देर बाद जब वो नजर नहीं आया तो मां ने खोजबीन शुरू की। इस दौरान परवेज भी घर पर आ गए। बच्चे के घर में न मिलने पर बाहर उसकी तलाश की गई। इस दौरान बच्चे का शव नाले में उतराता हुआ मिला। ये देख परिजनों की चीख निकल गई। पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
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बच्चे को नाले से निकाला गया, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी। बच्चे की सांसे थम चुकी थी। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। परवेज की एक बेटी है। दो बेटियों की जन्म के समय ही मौत हो गई थी। तीन बेटियों पर ये बेटा हुआ था। पिता के भी आंसू नहीं रुक रहे थे।
नगर पंचायत की कोताही पर भड़के, प्रदर्शन
नौगावां सादात। कस्बे में लोगों के घरों के सामने से हो कर गुजर रहा छह फीट चौड़ा नाला पहले भी बच्चे की जान ले चुका है। उस समय भी लोगों ने प्रदर्शन कर नाले को ढकवाने की मांग उठाई थी। हुसैनी चौक पर भी प्रदर्शन कर लोगों ने नगर पंचायत से ये मांग की थी, लेकिन नपं प्रशासन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
इसकी कीमत एक और मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। इससे भड़के नगरवासियों एक बार फिर नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर खुले नाले को ढकवाने की मांग की।
कस्बे में अट्ठासी की पुलिया ले पापड़ तक छह फीट चौड़ा और सात फीट गहरा नाला बना हुआ है। नाले को ढकवाया नहीं गया है। नाले के किनारे मकान भी बने। आए दिन नाले में कोई न कोई दुर्घटनाग्रस्त होता रहता है। नगरवासी कई बार लिखित में और मौखिक रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष से नाले को ढकवाने की शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
19 मई तो दिल्ली से अपने ननिहाल आए बालक अयान की भी नाले में गिरने से मौत हो गई थी। उस समय भी नागरिकों ने प्रदर्शन किया था। इससे पहले भी हुसैनी चौक पर नागरिकों ने प्रदर्शन कर नाले के ढकवाने की मांग की थी। नागरिकों ने कहा कि नपं की हीलाहवाली लोगों को जान पर बनी हुई है। उन्होंने नाला न ढकवाने पर उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। हाजी इश्तियाक, जहीर अहमद, कल्लू, तहकीक, कलुवा, अतीक, लताफत, मतलूब, बाबू, शफीक आदि रहे।
नाले को ढकवाने के लिए स्लैब डाले जा रहे हैं। इस संबंध में डीएम से भी बात की जा रही है। जल्द ही नाले को ढकवाने का कार्य शुरू किया जाएगा
सुनील कुमार वर्मा, ईओ