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इंजेक्शन से बिगड़ी मासूम की तबीयत, इलाज के दौरान दम तोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:39 AM IST
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इंजेक्शन
- फोटो : डेमो फोटो
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झोलाछाप की लापरवाही ने एक मां के आंचल से उसका बच्चा छीन लिया। झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद उसकी तबीयत ऐसी बिगड़ी कि, एम्स के चिकित्सक भी उसे नहीं बचा सके। शनिवार रात उसने दम तोड़ दिया। अब परिजनों ने उसकी तहरीर दी है, हालांकि पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी है।
थाना क्षेत्र के गांव अहलेदादपुर नया गांव निवासी लोकेश कुमार जाटव मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता था। 12 फरवरी को उसके डेढ़ माह के बेटे हिमांशु को बुखार आया था। आरोप है कि, वह गांव के ही झोलाछाप से मासूम की दवा लेने पहुंचा। यहां झोलाछाप ने मासूम को इंजेक्शन लगाया, इससे उसकी हालत बिगड़ गई।
हिमांशु को आनन फानन में अमरोहा के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन चिकित्सकों ने यहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। लोकेश ने बच्चे को एम्स में भर्ती कराया। दो माह तक बच्चे का इलाज चला, मगर चिकित्सक उसे बचा नहीं सके। शनिवार रात किसी समय हिमांशु ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन थाने पहुंचे और झोलाछाप के खिलाफ तहरीर दी।
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दोबारा दी तहरीर, चार घंटे बाद लौटाया
नौगावां सादात। हिमांशु की मौत होने के बाद परिजन उसकी लाश को लेकर थाने आ गए थे। लोकेश कुमार ने थानाध्यक्ष अशोक सोलंकी को बच्चे की मौत की जानकारी दी और तहरीर देकर रिपोर्ट लिखने की गुहार लगाई। सुबह सात बजे से 11 बजे तक यानी चार घंटे लोकेश का परिवार मासूम की लाश लेकर थाने में बैठा रहा, लेकिन पुलिस का कलेजा नहीं पसीजा। लोकेश ने बताया कि पहली तहरीर 12 फरवरी को दी गई थी। रविवार को फिर तहरीर दी, लेकिन एसओ ने उन्हें चार घंटे थाने में बैठाए रखने के बाद घर भेज दिया।
एसओ पर साठगांठ का आरोप
नौगावां सादात। लोकेश जब मासूम बेटे की लाश लेकर थाने पहुंचा तो कई गांव वाले भी यहां आ गए थे, मगर यहां न्याय की उम्मीद नहीं दिखने पर लौट गए। ग्रामीणों ने एसओ पर झोलाछाप से साठगांठ का आरोप लगाया है और उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत करने की बात कही है।
फरियादियों को टरकाना बनी आदत
नौगावां सादात। पीड़ितों को थाने से टरकाना एसओ के लिए कोई नई बात नहीं है। करीब तीन माह पहले शाहजहांपुर जिले में लाखों रुपये के सामान से लदा ट्रक लूट लिया गया था। बदमाश चालक को थाना क्षेत्र के गांव मखदूमपुर में फेंक कर फरार हो गए थे। प्रावधान के मुताबिक प्रकरण की रिपोर्ट नौगावां थाने में दर्ज होनी थी, लेकिन एसओ ने उन्हें टरका दिया था। बाद में शाहजहांपुर में दर्ज हुई रिपोर्ट को नौगावां थाने ट्रांसफर करना पड़ा था। एक माह पहले एसओजी ने इस प्रकरण का खुलासा किया था।
-12 फरवरी को तहरीर मिली थी, लेकिन बच्चे की मौत दो माह बाद एम्स में हुई है। इस मामले में पीड़ित पक्ष डाक्टर से पहले ही समझौता कर चुका है, ऐसे में पुलिस कुछ नहीं कर सकती। -अशोक सोलंकी एसओ नौगावां सादात
-प्रकरण संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराकर पता लगाया जाएगा कि बच्चे की मौत किन कारणों से हुई। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। -एसके जैन सीएमओ
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थाना क्षेत्र के गांव अहलेदादपुर नया गांव निवासी लोकेश कुमार जाटव मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता था। 12 फरवरी को उसके डेढ़ माह के बेटे हिमांशु को बुखार आया था। आरोप है कि, वह गांव के ही झोलाछाप से मासूम की दवा लेने पहुंचा। यहां झोलाछाप ने मासूम को इंजेक्शन लगाया, इससे उसकी हालत बिगड़ गई।
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हिमांशु को आनन फानन में अमरोहा के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन चिकित्सकों ने यहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। लोकेश ने बच्चे को एम्स में भर्ती कराया। दो माह तक बच्चे का इलाज चला, मगर चिकित्सक उसे बचा नहीं सके। शनिवार रात किसी समय हिमांशु ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन थाने पहुंचे और झोलाछाप के खिलाफ तहरीर दी।
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दोबारा दी तहरीर, चार घंटे बाद लौटाया
नौगावां सादात। हिमांशु की मौत होने के बाद परिजन उसकी लाश को लेकर थाने आ गए थे। लोकेश कुमार ने थानाध्यक्ष अशोक सोलंकी को बच्चे की मौत की जानकारी दी और तहरीर देकर रिपोर्ट लिखने की गुहार लगाई। सुबह सात बजे से 11 बजे तक यानी चार घंटे लोकेश का परिवार मासूम की लाश लेकर थाने में बैठा रहा, लेकिन पुलिस का कलेजा नहीं पसीजा। लोकेश ने बताया कि पहली तहरीर 12 फरवरी को दी गई थी। रविवार को फिर तहरीर दी, लेकिन एसओ ने उन्हें चार घंटे थाने में बैठाए रखने के बाद घर भेज दिया।
एसओ पर साठगांठ का आरोप
नौगावां सादात। लोकेश जब मासूम बेटे की लाश लेकर थाने पहुंचा तो कई गांव वाले भी यहां आ गए थे, मगर यहां न्याय की उम्मीद नहीं दिखने पर लौट गए। ग्रामीणों ने एसओ पर झोलाछाप से साठगांठ का आरोप लगाया है और उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत करने की बात कही है।
फरियादियों को टरकाना बनी आदत
नौगावां सादात। पीड़ितों को थाने से टरकाना एसओ के लिए कोई नई बात नहीं है। करीब तीन माह पहले शाहजहांपुर जिले में लाखों रुपये के सामान से लदा ट्रक लूट लिया गया था। बदमाश चालक को थाना क्षेत्र के गांव मखदूमपुर में फेंक कर फरार हो गए थे। प्रावधान के मुताबिक प्रकरण की रिपोर्ट नौगावां थाने में दर्ज होनी थी, लेकिन एसओ ने उन्हें टरका दिया था। बाद में शाहजहांपुर में दर्ज हुई रिपोर्ट को नौगावां थाने ट्रांसफर करना पड़ा था। एक माह पहले एसओजी ने इस प्रकरण का खुलासा किया था।
-12 फरवरी को तहरीर मिली थी, लेकिन बच्चे की मौत दो माह बाद एम्स में हुई है। इस मामले में पीड़ित पक्ष डाक्टर से पहले ही समझौता कर चुका है, ऐसे में पुलिस कुछ नहीं कर सकती। -अशोक सोलंकी एसओ नौगावां सादात
-प्रकरण संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराकर पता लगाया जाएगा कि बच्चे की मौत किन कारणों से हुई। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। -एसके जैन सीएमओ