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यूपी: चुनाव में जीत के लिए शाह ने बिठाया गणित
अखिलेश वाजपेयी
Updated Sat, 29 Jun 2013 12:19 AM IST
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उत्तर प्रदेश के दूसरी बार दौरे पर आए नरेंद्र मोदी के करीबी और उत्तर प्रदेश के प्रभारी अमित शाह चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
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लगातार दो दिन अलग-अलग नेताओं, प्रमुख कार्यकर्ताओं और संघ परिवार के विभिन्न संगठनों के प्रमुख लोगों से मिलने के बाद शाह ने अपने एजेंडे में सबसे पहले प्रदेश में लोकसभा की सुरक्षित और 50 हजार वोटों के अंतर से हारी सीटों को लिया है जिनको केंद्र बनाकर पार्टी के लिए जीत का जुगाड़ किया जाएगा।
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सूत्रों से पता चला है कि स्थानीय नेताओं से विचार-विमर्श के बाद शाह इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि थोड़ी ताकत और रणनीति के साथ इन सीटों को जीता जा सकता है।
इसके लिए उन्होंने पार्टी के प्रदेश महामंत्रियों में प्रत्येक को पांच से छह सीटों की जिम्मेदारी देकर उनसे यहां भाजपा का झंडा फहराने का एक्शन प्लान तैयार करने को कहा है।
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भाजपा नेताओं का दावा है कि दो दिनी दौरे में शाह ने जिस तरह अपना काम किया, उससे यह साफ हो गया कि भाजपा 40 और उससे अधिक सीटों पर यूपी में जीतने का दावा यूं ही नहीं कर रही है।
इसके पीछे भाजपा की पूरी गणित और अतीत के चुनाव नतीजों का आधार है। ये नतीजे इन सीटों पर भाजपा के लिए उम्मीद जगाने वाले है। प्रदेश में लोकसभा की सुरक्षित सीटें 17 हैं। इनमें इस समय भाजपा के दो स्थानों बांसगांव और आगरा से सांसद हैं।
शेष 15 सीटों में भी ज्यादातर ऐसी हैं, जिन पर भाजपा कभी न कभी दो से तीन बार जीत चुकी है। वह भी अपनी क्षमता पर।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक शाह ने चुनावी आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि प्रदेश में बरेली, संतकबीरनगर, देवरिया, गौतमबुद्धनगर, कैराना, कानपुर, लखीपुरखीरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर व अंबेडकरनगर सहित लोकसभा की 11 सीटें ऐसी हैं, जिन पर लोकसभा के पिछले चुनाव में पार्टी 50 हजार तक के अंतर से हारी है।
इनमें फर्रुखाबाद छोड़ सभी जगह भाजपा दूसरे नंबर पर रही। गौतमबुद्धनगर, कैराना, बरेली, कानपुर, संतकबीनगर, देवरिया सीटों पर भाजपा की हार का अंतर नौ से 30 हजार तक ही रहा है। शाह का निष्कर्ष है कि सुरक्षित 15 और सामान्य 11 सीटों को मिलाकर आंकड़ा 26 सीटों तक पहुंच जाता है।
इसके अलावा दो सुरक्षित व आठ सामान्य सीटों को मिलाकर दस सीटों पर भाजपा का कब्जा पहले से ही है। यह आंकड़ा 36 सीटों का हो जाता है। यह सभी सीटें ऐसी हैं, जिनपर भाजपा को अपेक्षित नतीजे मिल सकते हैं।
इन लोगों को दी गई जिम्मेदारी
पता चला है कि शाह ने अवध व काशी क्षेत्र में पड़ने वाली इन सीटों की जिम्मेदारी महामंत्री रामनाथ कोविद, पश्चिम क्षेत्र में आने वाली सीटों की जिम्मेदारी पार्टी महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, अवध व गोरखपुर क्षेत्र में आने वाली सीटों की जिम्मेदारी महामंत्री पंकज सिंह और बुंदेलखंड व कानपुर के अंतर्गत आने वाली कुछ सीटों की जिम्मेदारी देवेंद्र सिंह को सौंपी गई है।