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पेयजल संकट से जूझ रही 40 हजार आबादी
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अमेठी। एक दशक से करीब 40 हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। बजट के अभाव में पिछले करीब साढे़ चार वर्ष से आधा अधूरा हुआ कार्य पड़ा है। पत्राचार के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। शहर के दुर्गापुर रोड पर बनी पानी की टंकियां क्षेत्र के लोगों के लिए सफेद हाथी ही साबित हो रही हैं। दुर्गापुर रोड पर 1400 किलोलीटर की तीन टंकियां बनी हुई है। इन टंकियों में पानी भरने के लिए पांच पंप बेनीपुर में, दो परसावां में तथा महमूदपुर बाईपास के समीप एक और एक पंप शहर में स्थापित किए गए हैं।
लगभग 40 हजार की आबादी को जलापूर्ति देने के लिए करीब 37 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई थी। पिछलेे एक दशक से पाइपलाइन पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी और पंप खराब हो गए थे। वर्ष 2015-16 में शासन की ओर से चार करोड़ 92 लाख रुपए मिले थे। अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष परिसर में 400 किलोलीटर की एक नई टंकी परसावां बेनीपुर और महमूदपुर में स्थापित, चारों पंप को रिबोर कराने के साथ ही करीब 17 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई। अभी 20 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। मुख्य वितरण प्रणाली पाइपलाइन एवं रिजनिंग मेन का कार्य नहीं हुआ है और पानी की टंकी से हेड नहीं जुड़ा है। परिसर में स्थापित पंप का रिबोर होना है। स्थानीय लोगों ने जल आपूर्ति बहाल कराए जाने को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन किया। लोगों ने स्थानीय सांसद और विधायक समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया, बावजूद इसके अभी तक बाधित जलापूर्ति जस की तस बनी हुई है। जल निगम के जेई नीरज प्रजापति ने बताया कि वर्ष 2015-16 में बजट आया था, उक्त धनराशि से कुछ कार्य हुए हैं। वर्ष 2017 में जब से उनको चार्ज मिला है, अभी तक कोई बजट नहीं मिला है। इस संबंध में पत्राचार किया गया है, बजट मिलने के बाद शेष काम पूरा कराकर जलापूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा।
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लगभग 40 हजार की आबादी को जलापूर्ति देने के लिए करीब 37 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई थी। पिछलेे एक दशक से पाइपलाइन पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी और पंप खराब हो गए थे। वर्ष 2015-16 में शासन की ओर से चार करोड़ 92 लाख रुपए मिले थे। अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष परिसर में 400 किलोलीटर की एक नई टंकी परसावां बेनीपुर और महमूदपुर में स्थापित, चारों पंप को रिबोर कराने के साथ ही करीब 17 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई। अभी 20 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। मुख्य वितरण प्रणाली पाइपलाइन एवं रिजनिंग मेन का कार्य नहीं हुआ है और पानी की टंकी से हेड नहीं जुड़ा है। परिसर में स्थापित पंप का रिबोर होना है। स्थानीय लोगों ने जल आपूर्ति बहाल कराए जाने को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन किया। लोगों ने स्थानीय सांसद और विधायक समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया, बावजूद इसके अभी तक बाधित जलापूर्ति जस की तस बनी हुई है। जल निगम के जेई नीरज प्रजापति ने बताया कि वर्ष 2015-16 में बजट आया था, उक्त धनराशि से कुछ कार्य हुए हैं। वर्ष 2017 में जब से उनको चार्ज मिला है, अभी तक कोई बजट नहीं मिला है। इस संबंध में पत्राचार किया गया है, बजट मिलने के बाद शेष काम पूरा कराकर जलापूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा।
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