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मालती नदी में बांध के ऊपर से बह रहा पानी
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संग्रामपुर (अमेठी)। मालती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। पानी अस्थाई बांध के ऊपर से बह रहा है। यात्री स्वयं को खतरे में डाल कर यात्रा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन नए पुल को जल्द शुरू कराने की मांग पीडब्ल्यूडी के अफसरों से की है।
संग्रामपुर के विशेषरगंज मार्ग स्थित मालती नदी पर बना पुल दो साल से जर्जर था। ग्रामीणों की मांग पर करीब एक साल पहले पीडब्ल्यूडी की तरफ से एक करोड़ की अधिक की लागत से पुराने पुल को तोड़कर नए पुल के निर्माण का काम शुरू किया गया था। पुल का नया निर्माण होने तक आवागमन बहाल रखने के लिए निर्माणाधीन पुल के समीप तीन-चार पाइप डालकर एक अस्थाई बांध बनाकर वैकल्पिक रास्ते का निर्माण किया गया था।
इस बीच मंगलवार देर रात मालती नदी का जलस्तर बढ़ने से वैकल्पिक मार्ग के बांध के ऊपर से पानी बहने लगा। लोग स्वयं को खतरे में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं नदी का जलस्तर और बढ़ गया तो बांध भी बह सकता है। बीते दो महीने पहले भी एक बार बांध बहने से इस मार्ग का आवागमन बंद हो गया था। स्थानीय अनुज सिंह ने बताया कि अब पुल शुरू कर देना चाहिए नहीं तो नदी में गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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इलाकाई आशीष मिश्र ने बताया कि पुल शुरू होने से पहले ही अस्थाई बांध बह गया तो लोगों को कालिकन धाम, ब्लॉक मुख्यालय व सीएचसी के अलावा लोहियानगर जाने के लिए कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
पीडब्ल्यूडी के जेई अमित पाठक ने बताया कि नदी में जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिलते ही नए पुल पर बाइक और साइकिल चालकों के लिए रास्ता खोल दिया गया है। बड़े वाहन भी इसी सप्ताह से पुल पर आवागमन कर सकेंगे। पुल का काम युद्ध स्तर पर पूरा कराया जा रहा है।
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संग्रामपुर के विशेषरगंज मार्ग स्थित मालती नदी पर बना पुल दो साल से जर्जर था। ग्रामीणों की मांग पर करीब एक साल पहले पीडब्ल्यूडी की तरफ से एक करोड़ की अधिक की लागत से पुराने पुल को तोड़कर नए पुल के निर्माण का काम शुरू किया गया था। पुल का नया निर्माण होने तक आवागमन बहाल रखने के लिए निर्माणाधीन पुल के समीप तीन-चार पाइप डालकर एक अस्थाई बांध बनाकर वैकल्पिक रास्ते का निर्माण किया गया था।
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इस बीच मंगलवार देर रात मालती नदी का जलस्तर बढ़ने से वैकल्पिक मार्ग के बांध के ऊपर से पानी बहने लगा। लोग स्वयं को खतरे में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं नदी का जलस्तर और बढ़ गया तो बांध भी बह सकता है। बीते दो महीने पहले भी एक बार बांध बहने से इस मार्ग का आवागमन बंद हो गया था। स्थानीय अनुज सिंह ने बताया कि अब पुल शुरू कर देना चाहिए नहीं तो नदी में गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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इलाकाई आशीष मिश्र ने बताया कि पुल शुरू होने से पहले ही अस्थाई बांध बह गया तो लोगों को कालिकन धाम, ब्लॉक मुख्यालय व सीएचसी के अलावा लोहियानगर जाने के लिए कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
पीडब्ल्यूडी के जेई अमित पाठक ने बताया कि नदी में जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिलते ही नए पुल पर बाइक और साइकिल चालकों के लिए रास्ता खोल दिया गया है। बड़े वाहन भी इसी सप्ताह से पुल पर आवागमन कर सकेंगे। पुल का काम युद्ध स्तर पर पूरा कराया जा रहा है।