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Amethi News: गोमती नदी का बढ़ा जलस्तर, चिंता में किसान
Mon, 15 Jul 2024 03:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 15 Jul 2024 03:50 AM IST
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गोमती नदी में बढ़ा जलस्तर
जगदीशपुर (अमेठी)। क्षेत्र के गुजरने वाले गोमती नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। अचानक गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से किसान परेशान हैं। थौरी और भूलीनगर गांव के कई किसानों के खेत पहले भी कट चुके हैं। इस बार भी किसानों को खेत कटने का डर सता रहा है। जिले के मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र से गुजरने वाली गोमती नदी में बढ़ रहे जलस्तर से तटीय क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें इस बात का भय सता रहा है कि कहीं ज्यादा बारिश हुई तो कहीं उनके खेत न कटने लगें। पहले भी कई किसानों के खेत कट चुके हैं।
बंधे का निर्माण नहीं कराया तो बढ़ेंगी मुश्किलें
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बंधे का निर्माण नहीं कराया गया तो किसानों की जमीनें नदी काट सकती है। गोमती के कछार पर स्थित खेत के मालिक थौरी निवासी राम प्रकाश, पारस, तुलसी, सूरजलाल, मुन्नू, पुट्टी, कल्लन चौरसिया, मुनई प्रजापति, जननाथ, रामबहादुर, देवदत्त आदि का कहना है कि पिछले वर्षों में नदी उनके खेत काट चुकी है। इस बार भी जलस्तर बढ़ा है। अभी तक तो गनीमत है, लेकिन यदि इससे ज्यादा पानी बढ़ा तो खेतों कटने का खतरा है। उन्होंने नदी पर बांध बनवाए जाने की मांग की थी। किसान राजेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों की इस समस्या के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जूबिन इरानी से बंधा बनवाने की चर्चा की थी। उन्होंने थौरी के पास भी बांध बनवाने का आश्वासन था। अब नवनिर्वाचित सांसद को देखना चाहिए। नदी तट पर स्थित मंदिर को भी नदी का जलस्तर और बढ़ने से खतरा हो सकता है।
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बंधे का निर्माण नहीं कराया तो बढ़ेंगी मुश्किलें
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बंधे का निर्माण नहीं कराया गया तो किसानों की जमीनें नदी काट सकती है। गोमती के कछार पर स्थित खेत के मालिक थौरी निवासी राम प्रकाश, पारस, तुलसी, सूरजलाल, मुन्नू, पुट्टी, कल्लन चौरसिया, मुनई प्रजापति, जननाथ, रामबहादुर, देवदत्त आदि का कहना है कि पिछले वर्षों में नदी उनके खेत काट चुकी है। इस बार भी जलस्तर बढ़ा है। अभी तक तो गनीमत है, लेकिन यदि इससे ज्यादा पानी बढ़ा तो खेतों कटने का खतरा है। उन्होंने नदी पर बांध बनवाए जाने की मांग की थी। किसान राजेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों की इस समस्या के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जूबिन इरानी से बंधा बनवाने की चर्चा की थी। उन्होंने थौरी के पास भी बांध बनवाने का आश्वासन था। अब नवनिर्वाचित सांसद को देखना चाहिए। नदी तट पर स्थित मंदिर को भी नदी का जलस्तर और बढ़ने से खतरा हो सकता है।
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