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Amethi News: कतार में किया दिनभर इंतजार, शाम को लौटे खाली हाथ
Sun, 29 Mar 2026 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:09 AM IST
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. गौरीगंज में गैस एजेंसी के बाहर लगी भीड़। संवाद
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अमेठी। जिले में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को शाम तक सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
गौरीगंज स्थित गोविंद गैस एजेंसी पर शनिवार को सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उपभोक्ता दोपहर तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन कई लोग खाली हाथ लौट गए। रवींद्र कुमार ने बताया कि सुबह सात बजे से इंतजार के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल सका।
शमीम ने बताया कि मोबाइल पर डिलीवरी का संदेश तो मिल जाता है, लेकिन घर तक सिलिंडर नहीं पहुंचता। मजबूरी में एजेंसी आना पड़ता है। वहीं, केवाईसी अनिवार्यता और डीएसी कोड की प्रक्रिया ने परेशानी और बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में उपभोक्ता दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं, मगर कर्मचारियों की कमी से काम धीमा चल रहा है, जिससे बुकिंग अटकी हुई है।
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कई एजेंसियों पर सीमित संख्या में सिलिंडर वितरण किया जा रहा है। भीड़ अधिक होने पर कहासुनी की स्थिति भी बन रही है। अनियमित आपूर्ति का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। होटल, ढाबा और नाश्ते की दुकानों का काम प्रभावित हो गया है और संचालक महंगे वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेने को मजबूर हैं।
कारोबार पर पड़ा रहा असर
कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी से होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। टीपू सिंह ने बताया कि गैस खत्म होने से काम ठप पड़ रहा है। मनोज कुमार ने कहा कि वैकल्पिक ईंधन अपनाने से लागत बढ़ गई है। शहजाद ने सीमित संसाधनों में काम चलाने की मजबूरी बताई, जबकि राजेश यादव ने कहा कि समय पर गैस न मिलने पर प्रतिष्ठान बंद करने की नौबत आ रही है।
अधिकारियों का दावा- आपूर्ति सामान्य
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि गैस की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन कुछ स्थानों पर भीड़ बढ़ने से वितरण प्रभावित हुआ है। सभी एजेंसियों को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं से जरूरत के अनुसार ही सिलिंडर लेने की अपील की गई है।
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गौरीगंज स्थित गोविंद गैस एजेंसी पर शनिवार को सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उपभोक्ता दोपहर तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन कई लोग खाली हाथ लौट गए। रवींद्र कुमार ने बताया कि सुबह सात बजे से इंतजार के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल सका।
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शमीम ने बताया कि मोबाइल पर डिलीवरी का संदेश तो मिल जाता है, लेकिन घर तक सिलिंडर नहीं पहुंचता। मजबूरी में एजेंसी आना पड़ता है। वहीं, केवाईसी अनिवार्यता और डीएसी कोड की प्रक्रिया ने परेशानी और बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में उपभोक्ता दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं, मगर कर्मचारियों की कमी से काम धीमा चल रहा है, जिससे बुकिंग अटकी हुई है।
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कई एजेंसियों पर सीमित संख्या में सिलिंडर वितरण किया जा रहा है। भीड़ अधिक होने पर कहासुनी की स्थिति भी बन रही है। अनियमित आपूर्ति का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। होटल, ढाबा और नाश्ते की दुकानों का काम प्रभावित हो गया है और संचालक महंगे वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेने को मजबूर हैं।
कारोबार पर पड़ा रहा असर
कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी से होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। टीपू सिंह ने बताया कि गैस खत्म होने से काम ठप पड़ रहा है। मनोज कुमार ने कहा कि वैकल्पिक ईंधन अपनाने से लागत बढ़ गई है। शहजाद ने सीमित संसाधनों में काम चलाने की मजबूरी बताई, जबकि राजेश यादव ने कहा कि समय पर गैस न मिलने पर प्रतिष्ठान बंद करने की नौबत आ रही है।
अधिकारियों का दावा- आपूर्ति सामान्य
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि गैस की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन कुछ स्थानों पर भीड़ बढ़ने से वितरण प्रभावित हुआ है। सभी एजेंसियों को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं से जरूरत के अनुसार ही सिलिंडर लेने की अपील की गई है।