फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   three cremenation at a time broken all

एक साथ जलीं तीन चिता तो रो पड़ा पूरा गांव

Thu, 17 Mar 2022 12:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
three cremenation at a time broken all
भेटुआ/परतोष (अमेठी)। राजापुर में मंगलवार रात मारे गए चार लोगों के अंतिम संस्कार में बुधवार देर शाम एक साथ तीन चिताएं जलीं तो पूरा गांव रो पड़ा। अंतिम संस्कार के पहले परिवारीजनों व ग्रामीणों ने न सिर्फ घंटों अमेठी-दुर्गापुर मार्ग जाम रखा, बल्कि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस पर पथराव भी किया। देर शाम डीएम व एसपी के आश्वासन पर परिवारीजन दाह संस्कार को तैयार हुए। संकठा व उनकी पत्नी पार्वती के लिए एक चिता तो दोनों भाइयों के लिए अलग-अलग चिताएं लगाई गई।
विज्ञापन

राजापुर मजरे गुगवाछ गांव में मंगलवार देर रात पुराने भूमि विवाद को लेकर हुए हमले में संकठा व उनकी पत्नी पार्वती के अलावा दो पुत्रों हनुमान व अमरेश की मौत हो गई थी। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से परिवारीजन के अलावा पूरे क्षेत्र के लोग आक्रोशित थे। हत्या के आरोपियों का अवैध निर्माण ढहाने व कई अन्य मांगों को लेकर लोगों ने पूरे दिन प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

इस दौरान न सिर्फ अमेठी-दुर्गापुर मार्ग को घंटों जाम रखा गया बल्कि उन्हें हटाने की कोशिश करने वाले पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया गया। शाम करीब चार बजे चारों शव गांव पहुंचे तो एक बार फिर हालात बेकाबू हो गए। पुलिस ने इस पर किसी तरह काबू पाया। परिवारीजन मृतकों का अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं हो रहे थे। देर शाम डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी दिनेश सिंह के समझानेे व पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद परिवारीजन अंतिम संस्कार को तैयार हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार के तैयार होने के बाद घर से कुछ ही दूरी पर एक साथ तीन चिताएं लगाई गईं और सभी का अंतिम संस्कार किया गया। अमरेश की चिता को छोटे भाई रामबोध व माता-पिता व बड़े भाई हनुमान की चिता को अमरजीत ने मुखाग्नि दी। जिस समय एक साथ तीन चिताएं जलीं, उस समय मौके पर मौजूद सभी ग्रामीण सुबक पड़े। सभी शवों का दाह संस्कार होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
एक दशक में तीसरी बड़ी घटना से दहला जिला
अक्तूबर 2011 में हुए अमेठी शहर के फैमिली मर्डर केस व 2017 में बाजार शुकुल के महोना पश्चिम में एक परिवार के 11 लोगों की हत्या के बाद हुई तीसरी सबसे बड़ी घटना ने जिले को दहला दिया है। बुधवार को घटनास्थल पर जुटे लोग एक साथ हुई चार हत्याओं के साथ इन घटनाओं पर भी चर्चा करते नजर आए। जिले में एक बड़ी वारदात छह जून 2017 को बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के महोना पश्चिम में हुई थी।
घटना में बैटरी व गैस चूल्हा की रिपेयरिंग करने वाले जमालुद्दीन के परिवार के 10 लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी, जबकि जमालुद्दीन का शव फांसी के फंदे से लटकता मिला था। जमालुद्दीन के परिवार के जिन अन्य सदस्यों की गला रेतकर हत्या हुई थी उनमें जमालुद्दीन की पुत्री आफरीन (18), मरियम (11), सानिया (08), उजमा (05), जमालुद्दीन के भाई शमशुद्दीन की पत्नी हुसना बानो (35), पुत्री रूबीना (17), तहसीन बानो (08) व भाई रईस की पत्नी तबस्सुम (30), पुत्री महक (07) व निगार फातिमा (06) शामिल थे।
इससे पहले 13 अक्तूबर 2011 की रात को अमेठी के लोग शायद ही कभी भूल सकें। इस रात अमेठी शहर के सगरा तिराहे के पास स्थित डॉ. भीमसेन गुप्ता के पुत्र अजय अग्रहरि, अजय की पत्नी मंजू, पुत्र प्रणय व पुत्री कीर्ति की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। शहर में भरत मिलाप के दिन हुई यह वारदात सार्वजनिक होने के बाद पूरा जिला हिल गया था।

लंबे समय तक चली जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने मामले में अजय के भाई संजय अग्रहरि व उसकी पत्नी व सास के अलावा कई अन्य आरोपी बनाए गए थे। मंगलवार को एक साथ हुई चार हत्याओं ने एक बार फिर लोगों के जेहन में पुरानी दोनों घटनाओं की याद ताजा कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed