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Amethi News: जिला अस्पताल में नहीं हैं दिल के डॉक्टर

Tue, 21 Jan 2025 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Tue, 21 Jan 2025 12:40 AM IST
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There is no heart doctor in the district hospital
अमेठी सिटी। दिल के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में अब तक इलाज की सुविधा नहीं हो सकी है। लंबे समय बाद भी जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट का पद ही नहीं है। ऐसे में दिल के मरीजों के साथ ही तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इलाज के नाम पर जिला अस्पताल में तैनात दो एमडी फिजिशियन दिल के रोगियों को प्राथमिक उपचार ही दे पा रहे हैं। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल दिल के रोगियों के लिए रेफरल यूनिट बनकर रह गया है। मजबूरी में हृदय रोगियों को लखनऊ व प्रयागराज ले जाया जा रहा है।
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ठंड के मौसम में जिला अस्पताल की ओपीडी में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन ओपीडी में करीब 50-60 हृदय रोगी पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती ही नहीं है। जिला अस्पताल में तैनात दो एमडी फिजिशियन अस्पताल आने वाले गंभीर हृदय रोगियों का प्राथमिक उपचार कर हायर सेंटर रेफर करते हैं।
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जिला अस्पताल के एमडी फिजिशियन डॉ. अमित यादव बताते हैं कि इस समय अस्पताल में करीब 50-60 हृदय रोगी ओपीडी में आ रहे हैं। सामान्य मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है, जबकि गंभीर मरीजों को लखनऊ, प्रयागराज के लिए रेफर किया जाता है।
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कोलेस्ट्राल है दिल का दुश्मन
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अमित यादव ने बताया कि कोलेस्ट्राल बढ़ने से हार्टअटैक का खतरा बढ़ता है। एलडीएल और एचडीएल दो प्रकार के कोलेस्ट्राल होते हैं। एलडीएल (लो डेंसिटी लाइपोप्रोटीन) को खतरनाक कोलेस्ट्राल कहा जाता है। रक्त में इसकी मात्रा बढ़ जाना ही हृदय रोग शुरू होने का संकेत है। ऐसे में समय-समय पर कोलेस्ट्राल की जांच कराते रहना भी जरूरी होता है। कोलेस्ट्राल दिल का दुश्मन है।


बरतें ये सावधानियां
1. संजय गांधी अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि ठंड के मौसम में हृदय रोगी सुबह नींद खुलते ही बिस्तर से बाहर न निकलें।
2. पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने के साथ बाहर निकलने पर मुंह व नाक को ढक कर रखें। कोहरे में घर से बिल्कुल न निकलें और ठंड में सुबह घूमने का समय बदल लें।
3. तली-भुनी चीजों के सेवन से पूरी तरह परहेज करें।




यह लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि दौड़ने या तेज चलते समय सीने में दर्द, जलन व भारीपन, सीने पर बाईं ओर अचानक सुई सा चुभना हृदय रोग के लक्षण हैं। बताया कि दर्द का बाईं बांह से होते हुए पीठ की तरफ जाना, लगातार अपच और एसीडिटी की समस्या बनी है तो सावधान होने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान, मधुमेह, शारीरिक व्यायाम की कमी, वजन का बढ़ना, ज्यादा तला-भुना भोजन, मानसिक अवसाद, उच्च रक्तचाप, एलडीएल का बढ़ना हृदय रोग का प्रमुख कारण है। यह लक्षण दिखें तो सावधान हो जाएं।





सिर्फ संजय गांधी अस्पताल में है सुविधा
जिले के मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना हुई है। यहां पर ओपन हार्ट सर्जरी को छोड़कर एंजियोप्लास्टी की सुविधा मरीजों को मिल रही है। ऐसे में गंभीर मरीजों को समय पर इलाज की सुविधा मिलने से उनकी जान बचने के साथ अन्य परेशानी से निजात मिल रही है।




वर्जन
नहीं है हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह और सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल ने बताया कि जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। मेडिकल कॉलेज तिलोई में भी अभी हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। बताया कि जिले में प्रांतीय स्वास्थ्य चिकित्सा सेवा संवर्ग में डॉक्टरों की कमी है। धीरे-धीरे रिक्त पद भरे जा रहे हैं। जल्द डॉक्टरों की कमी पूरी होने की उम्मीद है।
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