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झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना
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गौरीगंज/जगदीशपुर (अमेठी)। पिछले दो दिनों से आसमान में छाए बादल गुरुवार को झमाझम बारिश में तब्दील हो गए।
बारिश से जहां लोगों को पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं दलहनी फसलों के साथ ही सब्जी की खेती करने वालों को नुकसान भी हुआ। बरसात से अगेती खेती करने वाले किसानों को धान की रोपाई में सहूलियत मिल गई।
क्षेत्र में बुधवार सुबह से मौसम में अचानक तब्दीली आ गई थी। बुधवार को कुछ इलाकों में रिमझिम होने के बाद मौसम साफ हो गया। गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे।
सुबह करीब साढ़े दस बजे अचानक चली तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। गौरीगंज समेत जिले के कई इलाकों में जहां झमाझम बारिश हुई वहीं कुछ इलाकों में हल्की बरसात हुई।
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बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया। कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश से जहां किसानों को धान की नर्सरी डालने तथा अगेती खेती करने वालों को धान की रोपाई में सहूलियत मिल गई वहीं दलहनी के साथ ही सब्जी की खेती करने वालों को नुकसान का सामना करना पड़ा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि 15 जून तक बदली वाला मौसम बना रहेगा तथा हल्की से माध्यम बारिश होती रहेगी।
15 जून के बाद भी मौसम साफ होने की संभावना नहीं है। बताया कि मानसून ने अब अपनी गति पकड़ ली है। 22 से 24 जून तक मानसून के जिले में आने की संभावना है। उन्होंने इस बार मानसून अच्छा रहने की संभावना जताई है।
डॉ. आनंद ने बताया कि इस बारिश से धान की नर्सरी को काफी फायदा हो रहा है लेकिन खेत में ज्यादा पानी होने पर समय-समय पर खेत से पानी निकालते रहें। कहा कि जिन किसानों ने अब तक नर्सरी नहीं डाली है वह नर्सरी डाल दें।
इन फसलों को हुआ नुकसान
गुरुवार को जिले में हुई झमाझम बारिश से सब्जियों के साथ ही जायद सीजन की उड़द, मूंग, सूरजमुखी की फसलों का नुकसान हो रहा है। कई खेतों में इस समय उड़द एवं मूंग पक गयी है परंतु बारिश से उसकी तुड़ाई प्रभावित हो रही है।
बारिश ने खोली पोल
बाजार शुकुल। गुरुवार सुबह हुई बारिश से गांवों में साफ-सफाई की पोल खुल गई। क्षेत्र के सत्थिन गांव में नाली जाम होने से सड़कें नालों में तब्दील हो गई। लोग घरों से निकलने के लिए सड़कों से पानी निकलने का इंतजार करते रहे।
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बारिश से जहां लोगों को पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं दलहनी फसलों के साथ ही सब्जी की खेती करने वालों को नुकसान भी हुआ। बरसात से अगेती खेती करने वाले किसानों को धान की रोपाई में सहूलियत मिल गई।
क्षेत्र में बुधवार सुबह से मौसम में अचानक तब्दीली आ गई थी। बुधवार को कुछ इलाकों में रिमझिम होने के बाद मौसम साफ हो गया। गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे।
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सुबह करीब साढ़े दस बजे अचानक चली तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। गौरीगंज समेत जिले के कई इलाकों में जहां झमाझम बारिश हुई वहीं कुछ इलाकों में हल्की बरसात हुई।
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बारिश होने से मौसम सुहाना हो गया। कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश से जहां किसानों को धान की नर्सरी डालने तथा अगेती खेती करने वालों को धान की रोपाई में सहूलियत मिल गई वहीं दलहनी के साथ ही सब्जी की खेती करने वालों को नुकसान का सामना करना पड़ा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि 15 जून तक बदली वाला मौसम बना रहेगा तथा हल्की से माध्यम बारिश होती रहेगी।
15 जून के बाद भी मौसम साफ होने की संभावना नहीं है। बताया कि मानसून ने अब अपनी गति पकड़ ली है। 22 से 24 जून तक मानसून के जिले में आने की संभावना है। उन्होंने इस बार मानसून अच्छा रहने की संभावना जताई है।
डॉ. आनंद ने बताया कि इस बारिश से धान की नर्सरी को काफी फायदा हो रहा है लेकिन खेत में ज्यादा पानी होने पर समय-समय पर खेत से पानी निकालते रहें। कहा कि जिन किसानों ने अब तक नर्सरी नहीं डाली है वह नर्सरी डाल दें।
इन फसलों को हुआ नुकसान
गुरुवार को जिले में हुई झमाझम बारिश से सब्जियों के साथ ही जायद सीजन की उड़द, मूंग, सूरजमुखी की फसलों का नुकसान हो रहा है। कई खेतों में इस समय उड़द एवं मूंग पक गयी है परंतु बारिश से उसकी तुड़ाई प्रभावित हो रही है।
बारिश ने खोली पोल
बाजार शुकुल। गुरुवार सुबह हुई बारिश से गांवों में साफ-सफाई की पोल खुल गई। क्षेत्र के सत्थिन गांव में नाली जाम होने से सड़कें नालों में तब्दील हो गई। लोग घरों से निकलने के लिए सड़कों से पानी निकलने का इंतजार करते रहे।