{"_id":"6ab6c993bb8068298301b901","slug":"the-third-eye-will-keep-a-watch-on-every-activity-in-the-city-amethi-news-c-96-1-ame1002-176563-2026-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: शहर की हर गतिविधि पर रहेगी तीसरी आंख की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: शहर की हर गतिविधि पर रहेगी तीसरी आंख की नजर
Sat, 26 Sep 2026 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:50 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। गौरीगंज शहर में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले वाहनों के साथ प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की गतिविधियां अब कैमरों में कैद होंगी। सेफ सिटी योजना के तहत नगर पालिका गौरीगंज सीमा में 64 हाई क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। हाईवे, चौराहे, तिराहे, पार्क और प्रमुख सार्वजनिक स्थल कैमरों की निगरानी में होंगे। इसके लिए 85.90 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
नगर पालिका सीमा में आने वाले प्रमुख हाईवे को कैमरों से कवर किया जाएगा। कैमरे तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट तक कैप्चर कर सकेंगे। किसी हादसे या आपराधिक घटना के बाद मौके से निकलने वाले वाहन की पहचान में फुटेज मददगार होगी। इससे घटनाओं की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिल सकेंगे। चौराहों और तिराहों के साथ पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। किसी घटना के बाद रिकॉर्डिंग के जरिये घटनाक्रम को समझने और उससे जुड़ी कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी।
अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि 64 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 85.90 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन
नगर पालिका और पुलिस दोनों रखेंगे नजर
कैमरों की निगरानी के लिए नगर पालिका कार्यालय और पुलिस कार्यालय में कंट्रोल रूम की व्यवस्था होगी। दोनों स्थानों से कैमरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। शहर के प्रवेश मार्गों से लेकर भीड़भाड़ वाले स्थलों तक निगरानी का दायरा रहेगा। हादसे के बाद वाहन की पहचान होगी। सड़क हादसे के बाद मौके से निकलने वाले वाहन की पहचान में कैमरों की रिकॉर्डिंग उपयोगी हो सकती है। घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों को देखकर हादसे का क्रम समझने में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
नगर पालिका सीमा में आने वाले प्रमुख हाईवे को कैमरों से कवर किया जाएगा। कैमरे तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट तक कैप्चर कर सकेंगे। किसी हादसे या आपराधिक घटना के बाद मौके से निकलने वाले वाहन की पहचान में फुटेज मददगार होगी। इससे घटनाओं की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिल सकेंगे। चौराहों और तिराहों के साथ पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। किसी घटना के बाद रिकॉर्डिंग के जरिये घटनाक्रम को समझने और उससे जुड़ी कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि 64 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 85.90 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन
नगर पालिका और पुलिस दोनों रखेंगे नजर
कैमरों की निगरानी के लिए नगर पालिका कार्यालय और पुलिस कार्यालय में कंट्रोल रूम की व्यवस्था होगी। दोनों स्थानों से कैमरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। शहर के प्रवेश मार्गों से लेकर भीड़भाड़ वाले स्थलों तक निगरानी का दायरा रहेगा। हादसे के बाद वाहन की पहचान होगी। सड़क हादसे के बाद मौके से निकलने वाले वाहन की पहचान में कैमरों की रिकॉर्डिंग उपयोगी हो सकती है। घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों को देखकर हादसे का क्रम समझने में भी मदद मिलेगी।