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भरभराकर ढही कमरे की छत, तीन घायल
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फुरसतगंज (अमेठी)। स्थानीय थाना क्षेत्र के पीढ़ी गांव में रविवार सुबह एक पक्के कमरे की छत अचानक ढह गई। छत ढहने से कमरे में सो रहे दंपती व उनकी बेटी उसके मलबे में दब गए। चीख पुकार पर पहुंचे ग्रामीणों ने तीनों को बाहर निकालकर सीएचसी पहुंचाया जहां से मां-बेटी को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं एसडीएम ने खाद्य सामग्री मुहैया कराने के साथ ही अन्य सरकारी मदद मुहैया कराने का भरोसा दिलाया।
स्थानीय थाना क्षेत्र के पीढ़ी गांव निवासी वसीम अहमद शनिवार रात अपनी पत्नी शकीला बानो, पुत्री तमन्ना और बेटा अब्दुल कादिर के साथ भोजन करने के बाद सो गए। सुबह करीब सात बजे उनका सात वर्षीय पुत्र घर के बाहर निकल गया। इसी बीच कमरे की जर्जर छत अचानक भरभराकर ढह गई। छत गिरने के समय हुए शोर से पड़ोसी व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
घंटों की मशक्कत के बाद मलबा हटाकर उसके नीचे दबे वसीम (35), पत्नी शकीला (32) और बेटी तमन्ना (10) को बाहर निकाला। मलबे से बाहर निकालने के बाद सभी को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी में मौजूद चिकित्सकों ने तीनों की हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रायबरेली रेफर कर दिया।
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शकीला व तमन्ना की हालत गंभीर होने पर दोनों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। वसीम का एक हाथ व एक पैर टूट गया है। सूचना मिलते ही एसडीएम तिलोई शिवानी सिंह राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गईं। बताया कि घायल वसीम की मां अफसरी को त्वरित सहायता के रूप में खाद्य सामग्री मुहैया कराई गई है। घायल वसीम की मां अफसरी के अनुसार वह लोग बहुत ही गरीब हैं। बेटा मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। कई वर्षों से आवास की मांग प्रधान से कर रहे थे लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
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स्थानीय थाना क्षेत्र के पीढ़ी गांव निवासी वसीम अहमद शनिवार रात अपनी पत्नी शकीला बानो, पुत्री तमन्ना और बेटा अब्दुल कादिर के साथ भोजन करने के बाद सो गए। सुबह करीब सात बजे उनका सात वर्षीय पुत्र घर के बाहर निकल गया। इसी बीच कमरे की जर्जर छत अचानक भरभराकर ढह गई। छत गिरने के समय हुए शोर से पड़ोसी व ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
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घंटों की मशक्कत के बाद मलबा हटाकर उसके नीचे दबे वसीम (35), पत्नी शकीला (32) और बेटी तमन्ना (10) को बाहर निकाला। मलबे से बाहर निकालने के बाद सभी को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी में मौजूद चिकित्सकों ने तीनों की हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रायबरेली रेफर कर दिया।
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शकीला व तमन्ना की हालत गंभीर होने पर दोनों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। वसीम का एक हाथ व एक पैर टूट गया है। सूचना मिलते ही एसडीएम तिलोई शिवानी सिंह राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गईं। बताया कि घायल वसीम की मां अफसरी को त्वरित सहायता के रूप में खाद्य सामग्री मुहैया कराई गई है। घायल वसीम की मां अफसरी के अनुसार वह लोग बहुत ही गरीब हैं। बेटा मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। कई वर्षों से आवास की मांग प्रधान से कर रहे थे लेकिन किसी ने नहीं सुनी।